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कारीमोद में शामलाती जमीन बचाने के लिए किसानों ने की महापंचायत, प्रशासन की ओर से लगाए 2 पोल भी उखाड़े, जमीन पर चलाया ट्रैक्टर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Aug 2022 12:21 AM IST
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To save the Shamlati land in Karimod, farmers held a Mahapanchayat, 2 poles put up by the administration were also uprooted, tractor operated on the ground
बाढड़ा। हाई कोर्ट के आदेश पर प्रशासन द्वारा कब्जे में ली गई गांव कारीमोद की 93 एकड़ शामलाती जमीन को लेकर किसानों ने शुक्रवार को महापंचायत की। इसमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी भी पहुंचे। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि कारीमोद की 93 एकड़ जमीन के बदले किसान 93 सिर देने को तैयार हैं। महापंचायत के बाद किसानों ने प्रशासन द्वारा कब्जे में ली गई जमीन पर ट्रैक्टर चलाया और निशानदेही के लिए लगाए गए दो पोल भी उखाड़ दिए।
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बता दें कि हाई कोर्ट के आदेश पर प्रशासनिक अमले ने गत 25 जुलाई को गांव कारीमोद पहुंचकर 93 एकड़ शामलाती जमीन अपने कब्जे में ली थी। इसके बाद से ही ग्रामीण इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को कारीमोद मे किसान महापंचायत आयोजित की गई। इसमें बतौर मुख्य वक्ता किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने शिरकत की जबकि जिले की विभिन्न खापों और किसान संगठनों के पदाधिकारी भी महापंचायत में भाग लेने पहुंचे। किसान महापंचायत में 125 वाहनों के काफिले के साथ किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे।
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उन्होंने ने कहा कि हरियाणा में किसी भी गांव की शामलाती जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर रेवाड़ी में जमीन छिनी जाती है तो अंबाला के किसान वहां पहुंचेंगे और अगर अंबाला में जमीन छिनी जाएगी तो बाढड़ा के किसान साथ देने पहुंचेंगे।
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विधान सभा सत्र में कानून पास न होने पर विधायकों के घर के सामने शुरू करेंगे सत्याग्रह
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार द्वारा कब्जे में ली गई जमीन वापस किसानों को दिलाई जाएगी। सरकार मौजूदा या अगले विस सत्र में कानून पास करे कि जिस किसान का जितना हिस्सा जमीन में है उसको मालिक बनाया जाए। अन्यथा 16 अगस्त को सभी विधायकों को ज्ञापन दिए जाएंगे और फिर भी मांगें पूरी नहीं हुई तो 25 अगस्त से प्रत्येक एमएलए के घर के सामने धरना और सत्याग्रह शुरू किया जाएगा।
- पंचायत के बाद ट्रैक्टर पर सवार हुए चढूनी, पोल भी उखाड़े
महापंचायत के बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी स्वयं ट्रैक्टर पर सवार हुए और शामलाती जमीन कब्जे में लेने के लिए प्रशासन की ओर से लगाए गए पोल उखाड़ दिए। पूर्व सीपीएस
रण सिंह मान ने कहा कि किसान को भूमि से दूर करना अलोकतांत्रिक फैसला है। पूर्व विधायक नृपेंद्र सिंह व भाकियू अध्यक्ष धर्मपाल बाढड़ा ने कहा कि किसानों से भूमि किसी भी कीमत पर नहीं छीनने दी जाएगी।

- ये रहे मौजूद
इस मौके पर श्योराण खाप प्रधान बिजेंद्र बेरला, कमल सिंह, भाकियू जिला प्रधान धर्मपाल बाढड़ा, नरसिंह डीपीई, बलवंत नंबरदार, ओमप्रकाश, महाराज रघबीर, सुमन हुड्डा, रणसिंह मान, नृपेंद्र सिंह, विजय, रतन सिंह, सीताराम शर्मा, मास्टर विनोद, महेंद्र जेवली, सिंटी बाढड़ा, राजकुमार हड़ौदी ,हरपाल भांडवा, नवीन व संदीप आदि मौजूद रहे।
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