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- तंग गलियों से भी होगा कचरे का उठान, 100 हाथ रेहड़ी और 25 तीन पहिया रिक्शा खरीदीं
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नप कार्यालय में खड़ीं तीन पहिया रिक्शा।
- फोटो : CharkhiDadri
स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंक पाने के लिए नगर परिषद ने संसाधनों की कमी को दूर करना शुरू कर दिया है। हाल ही में करीब 15 माह बाद संसाधनों का दायरा बढ़ाया गया है। नगर परिषद ने 100 हाथ रेहड़ी और 25 तीन पहिया रिक्शा खरीदी हैं। इसकी पहली खेप में 14 तीन पहिया रिक्शा और चार हाथ रेहड़ियां पहुंच चुकी हैं और सोमवार तक पहुंच जाएंगी। डिमांड के अनुरुप संसाधन के बाद वार्ड वाइज आवंटन किया जाएगा।
दादरी शहर की आबादी 90 हजार से पार है, जबकि सफाई कर्मचारियों की संख्या 250 ही है। इस समय नगर परिषद के पास करीब 50 कर्मचारियों की कमी है। वहीं, नियमित कचरा उठान में संसाधनों की कमी भी आड़े आ रही है। पिछले दो साल से मुख्यमार्गों की सफाई करने वाले कर्मियों के पास हाथ रेहड़ी तक नहीं है। अब नप अधिकारियों के अनुसार संसाधनों की संख्या बढ़ाकर सफाई व्यवस्था को बेहतर करने की योजना पर फिर से काम शुरू किया गया है। इसके लिए 100 हाथ रेहड़ियां और 25 तीन पहिया रिक्शा की खरीद की गई है। एजेंसी जल्द ही पूरी खेप भेज देगी। पहली खेप में 14 रिक्शा और चार हाथ रेहड़ियां पहुंची हैं। ट्रायल के तौर पर इन्हें हम जल्द उपयोग में लेना शुरू कर देंगे।
हर वार्ड को मिलेगी एक रिक्शा
नप अधिकारियों के अनुसार पूरी खेप आने के बाद हाथ रेहड़ियों और रिक्शा का आवंटन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वार्ड के क्षेत्रफल और जनसंख्या के बिंदु को ध्यान में रखकर आवंटन किया जाएगा। हर वार्ड में एक रिक्शा जरूर दी जाएगी। वहीं, हाथ रेहड़ियां कर्मचारियों की संख्या के अनुरुप मुहैया करवाई जाएंगी।
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ये होंगे रिक्शा और हाथ रेहीड़ी आने से फायदे
शहर की कई गलियां ढाई से तीन फुट ही चौड़ी हैं। इन तंग गलियों में ट्रैक्टर और ऑटो टीपर तो क्या ई-रिक्शा भी नहीं पहुंच सकती। इन गलियों में हाथ रेहड़ियां या तीन पहिया रिक्शा के जरिये कचरे का उठान हो सकेगा। इसके अलावा मुख्यमार्गों पर झाडू़ लगाने वाले कर्मचारी कचरे का साथ ही उठान कर सकेंगे। हाथ रेहड़ी के जरिये इसे डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचाया जाएगा।
डस्टबिनों की कमी पर भी देना होगा ध्यान
शहर में डस्टबिनों की भी कमी है। नप अधिकारियों को इस तरफ भी ध्यान देना होगा। वार्ड के 80 फीसदी डंपिंग प्वाइंटों पर डस्टबिन नहीं हैं। शहरवासी कई दफा अधिकारियों को इसकी शिकायत दे चुके हैं। अब तक डस्टबिनों की कमी को दूर नहीं किया गया है और इसका सीधे तौर पर असर सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है।
सफाई कर्मी बोले- व्यवस्था में होगा सुधार
सफाईकर्मियों ने बताया कि बिना हाथ रेहड़ी के कारण सफाई के बाद उन्हें कचरा एकत्र कर सड़क पर ही छोड़ना पड़ता है। वाहन लेकर आई टीम कुछ समय बाद इस कचरे का उठान करती है। ऐसे में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हाथ रेहड़ी मिलने से व्यवस्था में सुधार होगा और कचरा घंटों तक सफाई के बाद सड़क पर नहीं पड़ा रहेगा।
हमारे पास 14 रिक्शा और चार रेहड़ियां पहुंच चुकी हैं। 100 रेहड़ियां और 25 रिक्शा हमारे पास आनी हैं। जल्द ही बाकी खेप भी पहुंच जाएगी और इसके बाद शहर की सफाई व्यवस्था ओर बेहतर होगी।
अरूण कुमार, कार्यवाहक प्रभारी, नगर परिषद सफाई शाखा
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दादरी शहर की आबादी 90 हजार से पार है, जबकि सफाई कर्मचारियों की संख्या 250 ही है। इस समय नगर परिषद के पास करीब 50 कर्मचारियों की कमी है। वहीं, नियमित कचरा उठान में संसाधनों की कमी भी आड़े आ रही है। पिछले दो साल से मुख्यमार्गों की सफाई करने वाले कर्मियों के पास हाथ रेहड़ी तक नहीं है। अब नप अधिकारियों के अनुसार संसाधनों की संख्या बढ़ाकर सफाई व्यवस्था को बेहतर करने की योजना पर फिर से काम शुरू किया गया है। इसके लिए 100 हाथ रेहड़ियां और 25 तीन पहिया रिक्शा की खरीद की गई है। एजेंसी जल्द ही पूरी खेप भेज देगी। पहली खेप में 14 रिक्शा और चार हाथ रेहड़ियां पहुंची हैं। ट्रायल के तौर पर इन्हें हम जल्द उपयोग में लेना शुरू कर देंगे।
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हर वार्ड को मिलेगी एक रिक्शा
नप अधिकारियों के अनुसार पूरी खेप आने के बाद हाथ रेहड़ियों और रिक्शा का आवंटन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वार्ड के क्षेत्रफल और जनसंख्या के बिंदु को ध्यान में रखकर आवंटन किया जाएगा। हर वार्ड में एक रिक्शा जरूर दी जाएगी। वहीं, हाथ रेहड़ियां कर्मचारियों की संख्या के अनुरुप मुहैया करवाई जाएंगी।
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ये होंगे रिक्शा और हाथ रेहीड़ी आने से फायदे
शहर की कई गलियां ढाई से तीन फुट ही चौड़ी हैं। इन तंग गलियों में ट्रैक्टर और ऑटो टीपर तो क्या ई-रिक्शा भी नहीं पहुंच सकती। इन गलियों में हाथ रेहड़ियां या तीन पहिया रिक्शा के जरिये कचरे का उठान हो सकेगा। इसके अलावा मुख्यमार्गों पर झाडू़ लगाने वाले कर्मचारी कचरे का साथ ही उठान कर सकेंगे। हाथ रेहड़ी के जरिये इसे डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचाया जाएगा।
डस्टबिनों की कमी पर भी देना होगा ध्यान
शहर में डस्टबिनों की भी कमी है। नप अधिकारियों को इस तरफ भी ध्यान देना होगा। वार्ड के 80 फीसदी डंपिंग प्वाइंटों पर डस्टबिन नहीं हैं। शहरवासी कई दफा अधिकारियों को इसकी शिकायत दे चुके हैं। अब तक डस्टबिनों की कमी को दूर नहीं किया गया है और इसका सीधे तौर पर असर सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है।
सफाई कर्मी बोले- व्यवस्था में होगा सुधार
सफाईकर्मियों ने बताया कि बिना हाथ रेहड़ी के कारण सफाई के बाद उन्हें कचरा एकत्र कर सड़क पर ही छोड़ना पड़ता है। वाहन लेकर आई टीम कुछ समय बाद इस कचरे का उठान करती है। ऐसे में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हाथ रेहड़ी मिलने से व्यवस्था में सुधार होगा और कचरा घंटों तक सफाई के बाद सड़क पर नहीं पड़ा रहेगा।
हमारे पास 14 रिक्शा और चार रेहड़ियां पहुंच चुकी हैं। 100 रेहड़ियां और 25 रिक्शा हमारे पास आनी हैं। जल्द ही बाकी खेप भी पहुंच जाएगी और इसके बाद शहर की सफाई व्यवस्था ओर बेहतर होगी।
अरूण कुमार, कार्यवाहक प्रभारी, नगर परिषद सफाई शाखा