{"_id":"64cab3fc439174a09006e396","slug":"the-work-of-laying-new-drinking-water-lines-will-start-in-october-charkhidadri-news-c-126-1-cdr1001-3960-2023-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: अक्तूबर में शुरू होगा नई पेयजल लाइनें डालने का काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: अक्तूबर में शुरू होगा नई पेयजल लाइनें डालने का काम
Thu, 03 Aug 2023 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 03 Aug 2023 01:22 AM IST
विज्ञापन
हीरा चौक स्थित बूस्टिंग स्टेशन जिसे सीधे जलघर से जोड़ा जाएगा।
चरखी दादरी। शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्याओं का दंश अभी अक्तूबर तक झेलना पड़ेगा। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग जलघरों से बूस्टिंग स्टेशनों तक अलग से नई पेयजल लाइनें बिछाने की परियोजना पर काम शुरू करेगा। सीएम घोषणा के तहत यह प्रोजेक्ट पूरा होना है और इसके बाद शहर के करीब बीस हजार लोगों को दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या से राहत मिलेगी।
बता दें कि विभाग ने अगस्त 2022 में यह प्रोजेक्ट तैयार कर मुख्यालय भेजा था। कुछ समय पहले ही इसे मंजूरी मिली है। इसके तहत शहर के सभी सात बूस्टिंग स्टेशन सीधे जलघरों से जोड़े जाने हैं। इस समय बूस्टिंग स्टेशनों को जाने वाली मेन लाइनों में लोगों ने अवैध पेयजल कनेक्शन कर रखे हैं जिससे पानी अंतिम छोर तक प्रेशर के साथ नहीं पहुंच पा रहा है। सभी बूस्टिंग का जलघर से सीधा कनेक्शन होने के बाद अवैध पेयजल नहीं रहेंगे। विभाग शहर में पेयजल प्रोजेक्ट पर विभिन्न मदों पर 76 करोड़ का बजट खर्च करेगा।
जनस्वास्थ्य विभाग शहर के हर घर में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाने की दिशा में डेढ़ साल से काम कर रहा है। शहर के कई भागों में ज्यादा मात्रा में पानी पहुंचता है तो कहीं लो प्रेशर की वजह से कम मात्रा में पानी पहुंच पाता है। पानी का समान वितरण नहीं हो रहा है। इसके लिए अलग से ड्राइंंग तैयार होगी ताकि यह समस्या फिर से न हो। शहर में करीब 45 साल पुरानी पेयजल लाइनें कंडम एवं खराब स्थिति में हैं।
विज्ञापन
40 साल पुराने सीमेंट के पाइप क्षतिग्रस्त, अब डाले जाएंगे डीआई पाइप
शहर में पेयजल की गुणवत्ता लंबे समय से सही नहीं है। जिस समय शहर का जलघर बना था उस समय ये मेन लाइनें बिछाई गई थी। 40 साल पुरानी मेन लाइनें अब जवाब दे चुकी हैं। इनके समानांतर ही सीवर की लाइनें भी बिछा रखी हैं। अब पेयजल लाइनों के जर्जर होने की वजह से इनमें सीवर का पानी मिक्स होकर सप्लाई हो रहा है। अब विभाग हर जगह लोहे की डीआई पाइप लाइन डलवाएगा। इन पाइप में जंग नहीं लगता और इनकी उम्र भी लंबी होती है।
अवैध कनेक्शन हैं लो-प्रेशर आपूर्ति का कारण
इस समय सभी बूस्टिंग स्टेशनों में घरों में सप्लाई होने वाली पेयजल लाइनों के जरिये ही पानी डाला जाता है। इन लाइनों में लोगों ने अवैध कनेक्शन कर रखे हैं जिससे पानी अंतिम छोर तक कॉलोनियों में नहीं पहुंच पाता और पानी की किल्लत बनी रहती है। अब विभाग इन बूस्टिंग के लिए अलग से मेन लाइनें बिछाएगा ताकि जलघर से पानी सीधा बूस्टिंग में पहुंचे और बीच में कही रुकावट न आए। बूस्टिंग की लाइनें जलघर से सीधे कनेक्ट होने से इनमें पानी थोड़े समय में भरा जा सकेगा। अब बारिश का सीजन होने की वजह से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
बारिश का सीजन खत्म होने के बाद ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद है। पेयजल सुधार के लिए विभाग शहर के लिए मोटा बजट खर्च करने जा रहा है।
सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
बता दें कि विभाग ने अगस्त 2022 में यह प्रोजेक्ट तैयार कर मुख्यालय भेजा था। कुछ समय पहले ही इसे मंजूरी मिली है। इसके तहत शहर के सभी सात बूस्टिंग स्टेशन सीधे जलघरों से जोड़े जाने हैं। इस समय बूस्टिंग स्टेशनों को जाने वाली मेन लाइनों में लोगों ने अवैध पेयजल कनेक्शन कर रखे हैं जिससे पानी अंतिम छोर तक प्रेशर के साथ नहीं पहुंच पा रहा है। सभी बूस्टिंग का जलघर से सीधा कनेक्शन होने के बाद अवैध पेयजल नहीं रहेंगे। विभाग शहर में पेयजल प्रोजेक्ट पर विभिन्न मदों पर 76 करोड़ का बजट खर्च करेगा।
विज्ञापन
जनस्वास्थ्य विभाग शहर के हर घर में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाने की दिशा में डेढ़ साल से काम कर रहा है। शहर के कई भागों में ज्यादा मात्रा में पानी पहुंचता है तो कहीं लो प्रेशर की वजह से कम मात्रा में पानी पहुंच पाता है। पानी का समान वितरण नहीं हो रहा है। इसके लिए अलग से ड्राइंंग तैयार होगी ताकि यह समस्या फिर से न हो। शहर में करीब 45 साल पुरानी पेयजल लाइनें कंडम एवं खराब स्थिति में हैं।
विज्ञापन
40 साल पुराने सीमेंट के पाइप क्षतिग्रस्त, अब डाले जाएंगे डीआई पाइप
शहर में पेयजल की गुणवत्ता लंबे समय से सही नहीं है। जिस समय शहर का जलघर बना था उस समय ये मेन लाइनें बिछाई गई थी। 40 साल पुरानी मेन लाइनें अब जवाब दे चुकी हैं। इनके समानांतर ही सीवर की लाइनें भी बिछा रखी हैं। अब पेयजल लाइनों के जर्जर होने की वजह से इनमें सीवर का पानी मिक्स होकर सप्लाई हो रहा है। अब विभाग हर जगह लोहे की डीआई पाइप लाइन डलवाएगा। इन पाइप में जंग नहीं लगता और इनकी उम्र भी लंबी होती है।
अवैध कनेक्शन हैं लो-प्रेशर आपूर्ति का कारण
इस समय सभी बूस्टिंग स्टेशनों में घरों में सप्लाई होने वाली पेयजल लाइनों के जरिये ही पानी डाला जाता है। इन लाइनों में लोगों ने अवैध कनेक्शन कर रखे हैं जिससे पानी अंतिम छोर तक कॉलोनियों में नहीं पहुंच पाता और पानी की किल्लत बनी रहती है। अब विभाग इन बूस्टिंग के लिए अलग से मेन लाइनें बिछाएगा ताकि जलघर से पानी सीधा बूस्टिंग में पहुंचे और बीच में कही रुकावट न आए। बूस्टिंग की लाइनें जलघर से सीधे कनेक्ट होने से इनमें पानी थोड़े समय में भरा जा सकेगा। अब बारिश का सीजन होने की वजह से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
बारिश का सीजन खत्म होने के बाद ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद है। पेयजल सुधार के लिए विभाग शहर के लिए मोटा बजट खर्च करने जा रहा है।
सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग