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Charkhi Dadri News: आंसुओं में बहे मां-बाप के अरमान, नम आंखों से अंतिम विदाई

Wed, 30 Apr 2025 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Wed, 30 Apr 2025 12:27 AM IST
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The wishes of the parents flowed in tears
चरखी दादरी में वायु सेना के जवान नवीन श्योराण के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन करते लोग। 
चरखी दादरी। लद्दाख में देश के लिए बलिदान हुए वायु सेना के जवान नवीन श्योराण का पार्थिव शरीर देखकर मां-बाप के अरमान आंसू बनकर बहने लगे। मंगलवार देर रात को जब गांव काकड़ोली हुक्मी में नवीन का पार्थिव शरीर तिरंगा में लिपटकर घर पहुंचा तो सभी की आंखें नम हो गई। भाई नितिन ने बलिदानी को मुखाग्नि दी।
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बता दें कि काकड़ोली हुक्मी निवासी नवीन श्योराण साल 2020 में वायुसेना में भर्ती हुए थे। दादा धर्म सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्हीं की प्रेरणा से नवीन भी देश सेवा के लिए वायु सेना में भर्ती हो गया। पिता सतीश की गांव के बस अड्डे पर बीज की दुकान है और मां अनीता आंगनबाड़ी वर्कर हैं। वहीं, बड़ा भाई नितिन श्योराण कानून की पढ़ाई कर रहे हैं।
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पड़ोसी विक्की ने बताया कि नवीन की तैनाती लेह-लद्दाख में थी। रविवार को नवीन अपने साथियों के संग नदी पर नहाने के लिए चले गए। इस दौरान वे नदी में दोस्तों से आगे उतरते चले गए। नदी में पत्थर पर चलते समय नवीन का पैर फिसल गया और वह दलदल में धंसने लगा। इस कारण वह बाहर नहीं निकल पाया और उनकी जान निकल गई। इसके 24 घंटे बाद उनका शव बरामद हुआ।
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मंगलवार रात साढ़े नाै बजे पार्थिव शरीर बाढड़ा पहुंचा। इसके बाद ग्रामीणों ने फूल मालाएं व बाइक पर तिरंगा लेकर सात किलोमीटर तक यात्रा निकाली और बलिदानी के घर पहुंचे। यात्रा के दौरान युवाओं ने भारत माता की जय, नवीन श्योराण अमर रहे के नारे लगाए और जोश के साथ यात्रा निकाली गई। इसके बाद घर पर लोगों की भीड़ लग गई और माता-पिता के बेटे को देखते ही आंखों से आंसू टपक पड़े।



अंतिम दर्शन करने के बाद जवानों ने पार्थिव शरीर गाड़ी में रखा और उसे श्मशान घाट लेकर पहुंचे। रात 11 बजकर 10 मिनट पर शहीद की अंत्येष्टि की गई। इस दौरान सेना के जवानों ने परेड की और बलिदानी को सलामी दी। इस दौरान बलिदानी के पिता सतीश श्योराण, दादा धर्म सिंह व एचएचओ दिलबाग सिंह व ग्रामीण मौजूद रहे।

- आंसुओं में बहे बेटे का विवाह का सपना

नवीन व नितिन की दो माह पहले ही सगाई हुई थी और अगस्त माह में शादी की तैयारियां चल रही थी। नवीन ने परिजनों को अगस्त में दिल्ली तैनाती होने जानकारी दी थी। 15 दिन पहले नवीन ने घर पर शादी के लिए सहमति जताई थी। रविवार को हुए हादसे ने मां-बाप का बेटे का विवाह कर घर बसाने का सपना भी पार्थिव शरीर घर पहुंचने पर आंसुओं में बह गया।



ये राजनेता पहुंचे...



अंतिम संस्कार के समय श्मशान घाट में बाढड़ा विधायक उमेद पातुवास, जिला परिषद चेयरमैन मनदीप डालावास, भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील इंजीनियर समेत अन्य भाजपा नेताओं ने मौके पर पहुंचकर शहीद को श्रद्धांजलि दी और परिवार को सांत्वना दी।


- सेना टुकड़ी ने दी श्रद्धांजलि

मौके पर नवीन के कार्यस्थल से एक जवान साथ आया और उन्होंने पुष्प चक्र अर्पित किए। वहीं दिल्ली से पहुंची वायुसेना की टुकड़ी ने हवाई फायर कर शहीद को सलामी दी। इसके साथ ही मौके पर मौजूद लोगाें ने सलामी देकर अंतिम संस्कार किया।



- पूरे गांव में छाया मातम, दुकानदारों ने बंद रखीं दुकानें

नवीन के देश पर बलिदान होने का पता चलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव के बस अड्डे पर बनीं करीब 10 दुकानें शहीद के सम्मान में बंद रहीं।
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