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Charkhi Dadri News: चाबी देने से इंकार करने पर भड़के विधायक, स्टाफ को बाहर निकाल पंचायत विभाग कार्यालय पर जड़ा ताला
Fri, 27 Jun 2025 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 27 Jun 2025 01:45 AM IST
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बाढड़ा के पंचायत विभाग कार्यालय को ताला जड़ने के बाद सरपंचों के साथ धरना देते भाजपा विधायक उमेद
चरखी दादरी/बाढड़ा। बाढड़ा के पंचायत विभाग कार्यालय में वीरवार को दिनभर हंगामा हुआ। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) के सरपंच एसोसिएशन के प्रधान कक्ष की चाबी देने से इंकार करने पर भाजपा विधायक उमेद पातुवास खफा हो गए और उन्होंने स्टाफ को बाहर निकालकर कार्यालय पर ताला जड़ दिया। दो घंटे बाद करीब साढ़े तीन बजे तक विधायक सरपंचों के साथ धरने पर डटे रहे। सीएम की ओर से सामाजिक शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी (एसईपीओ) अशोक कुमार का तबादला करने के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया।
बाढड़ा से भाजपा विधायक पातुवास वीरवार दोपहर करीब एक बजे बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसईपीओ अशोक से सरपंच एसोसिएशन के प्रधान कक्ष की चाबी मांगी। एसईपीओ ने चाबी न होने की बात कही। इसलिए विधायक ने बीडीपीओ को कॉल कर चाबी देने के लिए कहा। विधायक के अनुसार, बीडीपीओ स्वाति अग्रवाल ने चाबी देने से इंकार कर दिया।
इससे नाराज विधायक ने कहा कि अगर मुझे यहां बैठने के लिए चाबी नहीं दी जा रही तो फिर कर्मचारियों को भी यहां नहीं बैठने दिया जाएगा। इसलिए उन्होंने कर्मचारियों को बाहर निकाल कार्यालय में ताला लगा दिया और वहीं गेट के पास ही दो घंटे तक धरना दिया।
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विधायक पातुवास ने बीडीपीओ कार्यालय में विभिन्न गांवों के सरपंचों और समर्थकों के साथ दोपहर डेढ़ से साढ़े तीन बजे तक धरना दिया। विधायक ने बताया कि सीएम की ओर से एसईपीओ का तबादला करने का आश्वासन देने पर धरना समाप्त किया गया।
- शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे थे विधायक
विधायक उमेद पातुवास ने बताया कि भाजपा की ओर से बुजुर्गाें के आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए वीरवार को बाढड़ा के बीडीपीओ कार्यालय में शिविर लगाया गया था। वह शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे। उस दौरान एसईपीओ के जनता से सही व्यवहार न करने की शिकायत मिली। जब कमरे की चाबी मांगी तो एसईपीओ अशोक ने चाबी पास न होने का जवाब दिया।
बीडीपीओ बोलीं: सॉरी सर, मैं चाबी नहीं दे सकती
एसईपीओ के पास चाबी न होने की बात कहने पर विधायक उमेद पातुवास ने बीडीपीओ को कॉल की। इस पर बीडीपीओ ने कहा कि सॉरी सर, मैं आपको चाबी नहीं दे सकती। इसके बाद विधायक ने कहा कि दोनों अधिकारियों का व्यवहार बेहद खराब है। ऐसे अधिकारी कहीं भी नौकरी करने के लायक नहीं हैं। समय बीतने के साथ मामला तूल पकड़ गया। धरने पर बैठे विधायक के समर्थन में कई गांवों के सरपंच आ गए। इसके बाद डीसी मुनीश शर्मा और सीएम नायब सिंह सैनी के संज्ञान में भी मामला लाया गया। तल्ख तेवर दिखा विधायक ने पंचायत विभाग कार्यालय में तैनात सभी 100 कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। उनका गुस्सा देख सभी करीब कर्मचारी कुर्सी छोड़कर बाहर आ गए और धूप में खड़े रहे।
जब से मैं विधायक बना हूं, तब से एसईपीओ और बीडीपीओ के खिलाफ शिकायतें मिल रहीं हैं। वीरवार को पंचायत विभाग के कार्यालय पहुंचा तो जनता के प्रति एसईपीओ का व्यवहार सही नहीं मिला। बीडीपीओ ने कक्ष की चाबी देने से इंकार कर दिया और इस कारण ही पंचायत विभाग कार्यालय में ताला जड़कर धरना दिया गया। डीसी और सीएम से भी शिकायत कर दोनों अधिकारियों को निलंबित करने की मांग भी की गई है। - उमेद पातुवास, विधायक, बाढड़ा हलका।
एसईपीओ बोले: मैं कुछ नहीं बोलूंगा
बीडीपीओ की गैरमौजूदगी में जब एसईपीओ अशोक कुमार से प्रकरण के बारे में बातचीत कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। एसईपीओ ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में मैं कुछ नहीं बोलूंगा।
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बाढड़ा से भाजपा विधायक पातुवास वीरवार दोपहर करीब एक बजे बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसईपीओ अशोक से सरपंच एसोसिएशन के प्रधान कक्ष की चाबी मांगी। एसईपीओ ने चाबी न होने की बात कही। इसलिए विधायक ने बीडीपीओ को कॉल कर चाबी देने के लिए कहा। विधायक के अनुसार, बीडीपीओ स्वाति अग्रवाल ने चाबी देने से इंकार कर दिया।
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इससे नाराज विधायक ने कहा कि अगर मुझे यहां बैठने के लिए चाबी नहीं दी जा रही तो फिर कर्मचारियों को भी यहां नहीं बैठने दिया जाएगा। इसलिए उन्होंने कर्मचारियों को बाहर निकाल कार्यालय में ताला लगा दिया और वहीं गेट के पास ही दो घंटे तक धरना दिया।
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विधायक पातुवास ने बीडीपीओ कार्यालय में विभिन्न गांवों के सरपंचों और समर्थकों के साथ दोपहर डेढ़ से साढ़े तीन बजे तक धरना दिया। विधायक ने बताया कि सीएम की ओर से एसईपीओ का तबादला करने का आश्वासन देने पर धरना समाप्त किया गया।
- शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे थे विधायक
विधायक उमेद पातुवास ने बताया कि भाजपा की ओर से बुजुर्गाें के आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए वीरवार को बाढड़ा के बीडीपीओ कार्यालय में शिविर लगाया गया था। वह शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे। उस दौरान एसईपीओ के जनता से सही व्यवहार न करने की शिकायत मिली। जब कमरे की चाबी मांगी तो एसईपीओ अशोक ने चाबी पास न होने का जवाब दिया।
बीडीपीओ बोलीं: सॉरी सर, मैं चाबी नहीं दे सकती
एसईपीओ के पास चाबी न होने की बात कहने पर विधायक उमेद पातुवास ने बीडीपीओ को कॉल की। इस पर बीडीपीओ ने कहा कि सॉरी सर, मैं आपको चाबी नहीं दे सकती। इसके बाद विधायक ने कहा कि दोनों अधिकारियों का व्यवहार बेहद खराब है। ऐसे अधिकारी कहीं भी नौकरी करने के लायक नहीं हैं। समय बीतने के साथ मामला तूल पकड़ गया। धरने पर बैठे विधायक के समर्थन में कई गांवों के सरपंच आ गए। इसके बाद डीसी मुनीश शर्मा और सीएम नायब सिंह सैनी के संज्ञान में भी मामला लाया गया। तल्ख तेवर दिखा विधायक ने पंचायत विभाग कार्यालय में तैनात सभी 100 कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। उनका गुस्सा देख सभी करीब कर्मचारी कुर्सी छोड़कर बाहर आ गए और धूप में खड़े रहे।
जब से मैं विधायक बना हूं, तब से एसईपीओ और बीडीपीओ के खिलाफ शिकायतें मिल रहीं हैं। वीरवार को पंचायत विभाग के कार्यालय पहुंचा तो जनता के प्रति एसईपीओ का व्यवहार सही नहीं मिला। बीडीपीओ ने कक्ष की चाबी देने से इंकार कर दिया और इस कारण ही पंचायत विभाग कार्यालय में ताला जड़कर धरना दिया गया। डीसी और सीएम से भी शिकायत कर दोनों अधिकारियों को निलंबित करने की मांग भी की गई है। - उमेद पातुवास, विधायक, बाढड़ा हलका।
एसईपीओ बोले: मैं कुछ नहीं बोलूंगा
बीडीपीओ की गैरमौजूदगी में जब एसईपीओ अशोक कुमार से प्रकरण के बारे में बातचीत कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। एसईपीओ ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में मैं कुछ नहीं बोलूंगा।