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Charkhi Dadri News: 35 साल पुराना साहूकार था आढ़ती, रकम आते ही ग्रामीण करवाते थे जमा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Dec 2023 11:44 PM IST
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The commission agent was a 35 year old moneylender, the villagers used to deposit the money as soon as it arrived.
झिंझर में आयोजित पंचायत में मौजूद ग्रामीण।
चरखी दादरी। झिंझर गांव का करीब 35 साल पुराना साहूकार करोड़ों का भुगतान किए बिना ही परिवार समेत फरार हो गया। जो आढ़ती अपने प्रतिष्ठानों पर ताला जड़कर रातोरात गायब हुआ है उसके परिवार की तीन पीढ़ी से लोग लेन-देन करते आ रहे हैं और इस कारण उस पर विश्वास था। यही कारण है कि लोगों के पास जितनी भी रकम आई वो आढ़ती के पास अमानत के तौर पर रख दी। हालांकि आढ़ती इस रकम पर उन्हें एक से डेढ़ प्रतिशत ब्याज देता था।
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ग्रामीणों की मानें तो झिंझर गांव में शायद ही कोई ऐसा घर हो जिसने फरार होने वाले आढ़ती को रुपये न दिए हो। यहां तक की कई महिलाओं ने घर खर्च से बचाकर जो रकम जोड़ी थी वो भी ब्याज के फेर में आढ़ती को दी हुई थी। आढ़ती के फरार होने से कई परिवार तो खुद को कंगाल मानने लगे हैं। उनको गांव के नामी आढ़ती की जालसाजी पर विश्वास नहीं हो रहा।
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रविवार बाद से ही झिंझर गांव में आढ़ती के फरार होने की चर्चा है। आलम ये है कि ग्रामीण मिलने पर एक-दूसरे से एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि तुम्हारे परिवार की कितनी रकम ले गया। लगभग पूरा गांव परेशान है और सोमवार को इस संबंध में झिंझर गांव में पंचायत की गई। पंचायत में निर्णय लिया गया कि पहले ये पता लगाया जाएगा कि आढ़ती की तरफ गांव की कितनी रकम बकाया थी और इसके बाद इस मामले को लेकर प्रशासन से मिला जाएगा। पंचायत में करीब 20 सदस्यीय कमेटी को रकम का ब्योरा दर्ज करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है और कमेटी ने ये काम शुरू कर दिया है। बुधवार को कमेटी सदस्य इस मामले में डीसी मनदीप कौर और एसपी नितिका गहलोत से भी मिल सकते हैं।
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शहर और अन्य गांवों के लोगों से भी हुई ठगी
जो आढ़ती परिवार समेत फरार हुआ है उसने केवल झिंझर के ग्रामीणों से ही नहीं बल्कि शहर व अन्य गांवों के लोगों से भी मोटी रकम ली हुई है। पंचायत में पांडवान और घसोला के लोग भी भाग लेने पहुंचे और किसी ने एक करोड़ तो किसी ने 1.30 करोड़ की रकम आढ़ती की तरफ बकाया बताई। इसके अलावा लोहरवाड़ा, ढाणी फौगाट और खातीवास के लोगों की भी आढ़ती से लेनदारी थी।


एनएच में आई जमीन के रुपये भी रखे आढ़ती के पास
झिंझर के ग्रामीणों ने बताया कि एनएच 152 डी में गांव की करीब 60 एकड़ जमीन आई थी। इसकी एवज में 45 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा राशि मिली थी। ज्यादातर किसानों ने जमीन की एवज में आई रकम आढ़ती के पास ही जमा करवा रखी थी। कमेटी सदस्यों के अनुसार एक हजार से अधिक ग्रामीणों को आढ़ती चपत लगा गया है।


पीड़ितों की जुबानी, ठगी की कहानी
- पति की मौत के बाद पशुपालन के जरिये अपना और दो बच्चे का पालन-पोषण करने वाली बाला देवी ने बताया कि उसे 6 लाख रुपये आढ़ती से लेने थे। उसने थोड़े-थोड़े रुपये जोड़कर आढ़ती को दिए थे ताकि बच्चों के बड़े होने पर उन्हें पढ़ाने में काम आए।

- किसान राजेश पुत्र धर्मपाल ने बताया कि उसे आढ़ती से 10 लाख रुपये लेने थे। आढ़ती के परिवार पर हमारे अलावा पूरे गांव को विश्वास था क्योंकि उनकी तीन से ज्यादा पीढ़ी से लोग लेन-देन करते थे। पूरे गांव को मोटी चपत लगाकर आढ़ती परिवार समेत फरार हो गया।

- झिंझर की बेटी मंजू ने बताया कि उसे आढ़ती से तीन लाख रुपये लेने थे। घर खर्च से बचत कर वो रुपये जोड़ती रही और मायके आने पर आढ़ती के पास जमा करवाती रही। मंजू का कहना है कि उसने सोचा था कि घर में जरूरत पड़ने पर रुपये परिवार के काम आ जाएंगे।

- किसान प्रकाश पुत्र मांगेराम के अनुसार उसे आढ़ती से करीब 9 लाख रुपये लेने थे। इसमें नकद दी गई राशि के अलावा फसल की राशि भी थी। लंबे समय से पूरा गांव उक्त आढ़ती के पास ही रकम जमा करता था और मौका पाकर आढ़ती लोगों का भुगतान किए बिना ही फरार हो गया।


दादरी पुरानी अनाज मंडी में आढ़ती का प्रतिष्ठान
झिंझर निवासी जो आढ़ती फरार हुआ है वो तीन भाई हैं। एक भाई दिल्ली में जबकि दो दादरी में रहते हैं। उक्त आढ़ती की पुरानी अनाज मंडी में दुकान थी जबकि उसके ऊपर ही रिहायश की हुई थी। इससे पहले भी दादरी में आढ़तियों के रुपये लेकर रातोरात फरार होने के मामले सामने आ चुके हैं।



---------------------------------------करीब 35 साल से उक्त आढ़ती के पास पूरा गांव अपनी रकम रखता था। उसके परिवार पर पूरा विश्वास था, लेकिन वो विश्वासघात कर गया। कमेटी ग्रामीणों से रकम का ब्योरा ले रही है। जल्द ही कमेटी प्रशासन के समक्ष ये मामला रखकर आढ़ती को गिरफ्तार करने की मांग करेगी।
-सतबीर फौगाट, कमेटी सदस्य


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