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Charkhi Dadri News: एसटीपी में टीटीपी बनाने का टेंडर खुला, जल्द जारी होंगे वर्क ऑर्डर
Sat, 04 Nov 2023 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 04 Nov 2023 10:38 PM IST
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चरखी दादरी। शहर के दिल्ली रोड पर बने मेन एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) में पौने दो साल बाद टीटीपी (ट्रेजर ट्रीटमेंट प्लांट) बनने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने टेंडर ओपन कर दिया है। अब करीब 9.50 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट पर जल्द ही काम शुरू हो सकेगा।
टीटीपी प्लांट से सीवर का पानी पूरी तरह से साफ हो जाएगा। इसके बाद इस पानी को खेती के अलावा कपड़ा आदि साफ करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह प्लांट 7.50 एमएलडी का होगा। करीब पौने दो साल बाद टीटीपी बनने का रास्ता खुल गया है।
बता दें कि शहर की सीवर व्यवस्था को अपग्रेड करने व सुधारीकरण के लिए विभाग ने काम शुरू कर रखा है। पूरे प्रोजेक्ट पर विभाग करीब 115 करोड़ रुपये का बजट खर्च करने जा रहा है। इसके तहत सीवर की नई लाइनें भी बिछाई जा रही है। आए दिन लोग सीवर व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते आ रहे हैं। कभी धरने व प्रदर्शन तो कभी डीसी व विभाग अधिकारियों को ज्ञापन दिए जा रहे हैं। शहर में इस समय 175 किलोमीटर लंबी लाइन है जिसमें से करीब 15 किलोमीटर लंबी लाइन डैमेज हो चुकी है। इसे भी बदला जाना है।
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- नई ड्राइंग के तहत काम कर रहा विभाग
विभाग पूरे सिस्टम को नई ड्राइंग के तहत अंतिम रूप दे रहा है। शहर के अंदरूनी भागों में जर्जर हो चुकी सीवर लाइनों को विभाग लेमिनेशन करवाएगा। अब मेन सीवर प्लांट में टीटीपी यानी ट्रेजर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने जा रहा है। इसके टेंडर ओपन हो गए हैं। अब जल्द ही यह काम शुरू हो सकेगा। विभाग शहर में कई नई जगह पर पंप सिस्टम भी बना रहा है। एसटीपी से तिकोना पार्क तक मेन लाइन को रिप्लेस कर नई बिछाई जानी है।
- टीटीपी निर्माण के ये होंगे फायदे
ट्रेजर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण होने के बाद एसटीपी का उपचारित पानी और साफ किया जा सकेगा। इसके बाद इस पानी को ड्रेन नंबर-8 में डाला जा सकेगा। फिलहाल एसटीपी का उपचारित पानी सीधे ड्रेन में डालना नियमों के खिलाफ है। वहीं, टीटीपी में उपचारित पानी का अन्य कामों में भी सदुपयोग किया जा सकेगा।
ट्रेजर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए टेंडर ओपन हो गया है। टीटीपी बनने से सीवर का पानी साफ हो जाएगा और पानी को ड्रेन में डालने में भी कोई आपत्ति नहीं हो सकेगी। जल्द ही यह काम शुरू होने की उम्मीद है।
-जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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टीटीपी प्लांट से सीवर का पानी पूरी तरह से साफ हो जाएगा। इसके बाद इस पानी को खेती के अलावा कपड़ा आदि साफ करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह प्लांट 7.50 एमएलडी का होगा। करीब पौने दो साल बाद टीटीपी बनने का रास्ता खुल गया है।
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बता दें कि शहर की सीवर व्यवस्था को अपग्रेड करने व सुधारीकरण के लिए विभाग ने काम शुरू कर रखा है। पूरे प्रोजेक्ट पर विभाग करीब 115 करोड़ रुपये का बजट खर्च करने जा रहा है। इसके तहत सीवर की नई लाइनें भी बिछाई जा रही है। आए दिन लोग सीवर व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते आ रहे हैं। कभी धरने व प्रदर्शन तो कभी डीसी व विभाग अधिकारियों को ज्ञापन दिए जा रहे हैं। शहर में इस समय 175 किलोमीटर लंबी लाइन है जिसमें से करीब 15 किलोमीटर लंबी लाइन डैमेज हो चुकी है। इसे भी बदला जाना है।
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- नई ड्राइंग के तहत काम कर रहा विभाग
विभाग पूरे सिस्टम को नई ड्राइंग के तहत अंतिम रूप दे रहा है। शहर के अंदरूनी भागों में जर्जर हो चुकी सीवर लाइनों को विभाग लेमिनेशन करवाएगा। अब मेन सीवर प्लांट में टीटीपी यानी ट्रेजर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने जा रहा है। इसके टेंडर ओपन हो गए हैं। अब जल्द ही यह काम शुरू हो सकेगा। विभाग शहर में कई नई जगह पर पंप सिस्टम भी बना रहा है। एसटीपी से तिकोना पार्क तक मेन लाइन को रिप्लेस कर नई बिछाई जानी है।
- टीटीपी निर्माण के ये होंगे फायदे
ट्रेजर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण होने के बाद एसटीपी का उपचारित पानी और साफ किया जा सकेगा। इसके बाद इस पानी को ड्रेन नंबर-8 में डाला जा सकेगा। फिलहाल एसटीपी का उपचारित पानी सीधे ड्रेन में डालना नियमों के खिलाफ है। वहीं, टीटीपी में उपचारित पानी का अन्य कामों में भी सदुपयोग किया जा सकेगा।
ट्रेजर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए टेंडर ओपन हो गया है। टीटीपी बनने से सीवर का पानी साफ हो जाएगा और पानी को ड्रेन में डालने में भी कोई आपत्ति नहीं हो सकेगी। जल्द ही यह काम शुरू होने की उम्मीद है।
-जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग