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पानी की शुद्धता बढ़ाने पर खर्च होंगे दस करोड़
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चंपापुरी जलघर में बना फिल्टर मीडिया ।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। लंबे इंतजार के बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर को पेयजल संकट से छुटकारा दिलाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। विभाग की योजना के तहत चंपापुरी जलघर में बड़े टैंक के साथ फिल्टर मीडिया का निर्माण करवाया जाएगा। फिल्टर मीडिया के निर्माण हो जाने से पानी की शुद्धता पांच से बढ़कर 10 एमएलडी हो जाएगी। योजना के परवान चढ़ने से शहरवासियों को सीवर मिक्सिंग पेयजल आपूर्ति से छुटकारा मिलेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब दस करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग ने इसका एस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेज दिया है। शहर के कई क्षेत्रों में सीवर मिक्सिंग पेयजल आपूर्ति की समस्या भी बनी हुई है और इसके चलते लोग सर्दी और गर्मी दोनों मौसम में पेयजल संकट झेलने को विवश हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने आगामी 15 सालों को जहन में रखते हुए योजना तैयार की। इसमें आबादी के साथ शहर का दायरा बढ़ने के बिंदु पर भी फोकस किया गया है। दस करोड़ के बजट से विभाग चंपापुरी और कपूरी जलघर में एक-एक बड़े टैंक का निर्माण करवाएगा, ताकि नहरी टर्न पर शहर की खपत अनुसार दोनों जलघरों में पानी का भंडारण हो सके। दूसरी ओर पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए चंपापुरी जलघर में पांच एमएलडी की क्षमता के एक फिल्टर मीडिया भी बनाया जाएगा। इसके लिए ड्राइंग तैयार करवाई जा चुकी है। मौजूदा फिल्टर मीडिया की पानी शुद्धता क्षमता भी पांच एमएलडी है। बड़े टैंक तक पानी पहुंचाने के लिए नहर से जलघर तक पाइप लाइन भी डाली जाएगी। शहर में चार से पांच दशक पुरानी सीमेंटिड पेयजल और सीवर लाइनों को भी जल्द बदला जाएगा। पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ने से शहर की करीब एक लाख की आबादी को सीधे तौर पर इस प्रोजेक्ट का फायदा होगा। इसके लिए फाइल मुख्यालय भेजी जा चुकी है और स्वीकृति व बजट मिलते ही टेंडर प्रक्रिया पर काम शुरू होगा।
खपत से आधी है दोनों जलघरों की मौजूदा भंडारण क्षमता
शहर के 70 फीसदी क्षेत्र में चंपापुरी जलघर से आपूर्ति होती है। इसकी भंडारण क्षमता 3450 लाख लीटर है। वहीं, कपूरी जलघर से 30 फीसदी शहरी क्षेत्र में आपूर्ति होती है और इसकी भंडारण क्षमता 1250 लाख लीटर है। ऐसे में दोनों जलघरों की भंडारण क्षमता करीब 4700 लाख लीटर है जबकि शहर की आबादी के अनुरूप भंडारण क्षमता 7400 लाख लीटर होनी चाहिए।
बड़े टैंक बनने के बाद प्रतिदिन होगी आपूर्ति
भंडारण क्षमता कम होने के कारण विभाग शहर में प्रतिदिन पेयजल की आपूर्ति नहीं कर पा रहा। विभाग के अनुसार शहर में दूसरे दिन आपूर्ति की जाती है, जबकि कुछ कॉलोनियों और वार्ड तो ऐसे हैं जहां से तीन से चार दिन बाद आपूर्ति होती है। दो बड़े टैंक बनने के बाद विभाग शहर में प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति शुरू कर देगा। वहीं विभाग को ट्यूबवेल के पानी का भी सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
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निवर्तमान पार्षद बोले : सीवर मिक्सिंग आपूर्ति बड़ी समस्या
निवर्तमान पार्षद महेश गुप्ता, रविंद्र गुप्ता, दिनेश जांगड़ा, मीना रानी, बख्शी सैनी, पार्वती सैनी, सुमन श्योराण, विरेंद्र पप्पू, कुलदीप गांधी, विनोद वाल्मीकि, उषा चौहान और ज्योति कुमारी आदि ने बताया कि सीवर मिक्सिंग पेयजल आपूर्ति शहर की बड़ी समस्या है। इस समस्या से विभाग को स्थायी छुटकारा दिलाना चाहिए। लोग लंबे समय से इस समस्या से त्रस्त हैं।
यह योजना मास्टर प्लान का हिस्सा है। इसके तहत चंपापुरी जलघर में बड़े टैंक के साथ फिल्टर मीडिया का निर्माण करवाया जाएगा। योजना सिरे चढ़ने के बाद शहर के पेयजल संकट का स्थायी समाधान हो सकेगा। अगले 15 सालों को जहन में रखते हुए विभाग ने मास्टर प्लान तैयार किया है।
मनोज रोहिल्ला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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खपत से आधी है दोनों जलघरों की मौजूदा भंडारण क्षमता
शहर के 70 फीसदी क्षेत्र में चंपापुरी जलघर से आपूर्ति होती है। इसकी भंडारण क्षमता 3450 लाख लीटर है। वहीं, कपूरी जलघर से 30 फीसदी शहरी क्षेत्र में आपूर्ति होती है और इसकी भंडारण क्षमता 1250 लाख लीटर है। ऐसे में दोनों जलघरों की भंडारण क्षमता करीब 4700 लाख लीटर है जबकि शहर की आबादी के अनुरूप भंडारण क्षमता 7400 लाख लीटर होनी चाहिए।
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बड़े टैंक बनने के बाद प्रतिदिन होगी आपूर्ति
भंडारण क्षमता कम होने के कारण विभाग शहर में प्रतिदिन पेयजल की आपूर्ति नहीं कर पा रहा। विभाग के अनुसार शहर में दूसरे दिन आपूर्ति की जाती है, जबकि कुछ कॉलोनियों और वार्ड तो ऐसे हैं जहां से तीन से चार दिन बाद आपूर्ति होती है। दो बड़े टैंक बनने के बाद विभाग शहर में प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति शुरू कर देगा। वहीं विभाग को ट्यूबवेल के पानी का भी सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
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निवर्तमान पार्षद बोले : सीवर मिक्सिंग आपूर्ति बड़ी समस्या
निवर्तमान पार्षद महेश गुप्ता, रविंद्र गुप्ता, दिनेश जांगड़ा, मीना रानी, बख्शी सैनी, पार्वती सैनी, सुमन श्योराण, विरेंद्र पप्पू, कुलदीप गांधी, विनोद वाल्मीकि, उषा चौहान और ज्योति कुमारी आदि ने बताया कि सीवर मिक्सिंग पेयजल आपूर्ति शहर की बड़ी समस्या है। इस समस्या से विभाग को स्थायी छुटकारा दिलाना चाहिए। लोग लंबे समय से इस समस्या से त्रस्त हैं।
यह योजना मास्टर प्लान का हिस्सा है। इसके तहत चंपापुरी जलघर में बड़े टैंक के साथ फिल्टर मीडिया का निर्माण करवाया जाएगा। योजना सिरे चढ़ने के बाद शहर के पेयजल संकट का स्थायी समाधान हो सकेगा। अगले 15 सालों को जहन में रखते हुए विभाग ने मास्टर प्लान तैयार किया है।
मनोज रोहिल्ला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग