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52 जलघरों के टैंक हुए खाली, 4 लाख की आबादी झेल रही पेयजल संकट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Mar 2022 01:14 AM IST
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Tanks of 52 water bodies are empty, population of 4 lakhs is facing drinking water crisis
चरखी दादरी। जिले के 90 फीसदी जलघरों के भंडारण टैंक खाली हो चुके हैं। जिसके चलते शहर के अलावा जिले के 120 से अधिक गांवों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग को इन टैंकों को भरने के लिए नहरों में पानी आने का इंतजार है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि नहरों में पानी पहुंचते ही प्राथमिकता से जलघरों को भर दिया जाएगा। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रविवार शाम तक जिले की नहरों में पानी आने की उम्मीद है।
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गर्मी मौसम की शुरूआत में ही जिले के 58 में से 52 जलघरों में पानी नहीं है। शहर के दोनों जलघर खाली हो चुके हैं और विभाग ट्यूबवेल के पानी की आपूर्ति कर काम चला रहा है। वहीं, लोग पेयजल संकट को देखते हुए 400 रुपये में पानी के टैंकर खरीदने को विवश हैं। गर्मी के मौसम में दिन प्रतिदिन पानी की खपत भी बढ़ने लगी है और तीसरे दिन टैंकर मंगवाने से लोगों को आर्थिक चपत लग रही है। शहर में छह स्टोरेज टैंक हैं। शहर में पेयजल स्टोरेज की क्षमता कम है जिसके चलते दस दिन के अंदर ही सभी टैंक खाली हो जाते हैं। भंडारण क्षमता बढ़ाने का प्रोजेक्ट अभी कागजों में ही फंसा है।
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- नहरों में आज पानी छोड़ने की उम्मीद
लोहारु फीडर से नगर के मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। बधवाना नहर से शहर के दूसरे जलघर में पानी डाला जाता है। चंपापुरी जलघर में चार स्टोरेज टैंक बने हुए हैं जबकि दूसरे जलघर में दो वाटर टैंक बने हुए हैं। जलघर के वाटर टैंकों में पंप एवं मोटर के जरिए पानी डाला जाता है। नहरों में आज पानी छोड़ने का अनुमान है।
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- फसलों के लिए नहीं चाहिए पानी, जल्दी भरेंगे जलघर
इस समय रबी की फसलों में सिंचाई के लिए भी पानी की जरूरत नहीं है। ऐसे में जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी डाला जा सकता है। पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलने की वजह से सभी नहरों की टेल फीड नहीं हो पाती हैं। जिला में एक माह में 1400 क्यूसेक पानी की खपत है। जन स्वास्थ्य विभाग ने नगर के जलघरों के परिसर में ही ट्यूबवेल बोरिंग कर रखे हैं। जलघरों का नहरी पानी खत्म होने के बाद ट्यूबवेल के पानी की आपूर्ति करनी पड़ती है। ट्यूबवेल का पानी पीने लायक नहीं है।
-15 दिन नहरों में पानी चलने से नहीं भर पाते टैंक
नहरों में 15 दिन के लिए पानी मिलता है लेकिन इस अवधि में मौजूदा स्टोरेज टैंक भी नहीं भर पाते। विभाग अधिकारी चाहे तो 15 दिन में शहर के सभी स्टोरेज टैंक पानी से लबालब हो सकते हैं, बशर्ते इसके लिए पानी चोरी रोकनी होगी।

नहरों में चार मार्च को पानी छोड़ा जाएगा। सभी जलघरों को प्राथमिकता के साथ भरा जाएगा। इस बार नहरी पानी की खेतों की सिंचाई के लिए जरूरत नहीं है। ऐसे में जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी डाला जाएगा।
सतेंद्र, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
नहरों में पानी आते ही पहले जलघरों को भरा जाएगा। तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे शहर में पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
एसके त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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