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Charkhi Dadri News: बीस डिमांड भेजने के बाद भी नहीं हुई सर्जन की तैनाती

Sat, 03 Jun 2023 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 03 Jun 2023 01:24 AM IST
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Surgeon was not posted even after sending 20 demands
100 बेड का नागरिक अस्पताल जहां जरनल सर्जन नहीं है।
चरखी दादरी। जिला मुख्यालय स्थित 100 बेड के नागरिक अस्पताल में डेढ़ साल बाद भी सामान्य सर्जन की तैनाती नहीं हो पाई है। इसके चलते लंबे समय से सामान्य ऑपरेशन बंद पड़े हैं। अस्पताल से इस समय सर्जरी के मरीजों को भिवानी सिविल अस्पताल या रोहतक पीजीआई रेफर किया जा रहा है। इसके चलते उन्हें 60 से 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। ऐसे में छोटे ऑपरेशन बंद होने से मरीज बड़ी दिक्कतें झेल रहे हैं।
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पिछले डेढ़ साल की बात करें तो करीब 580 मरीज रेफर किए गए हैं और इससे दोगुनी संख्या में मरीज निजी अस्पतालों में पहुंचे हैं। निजी अस्पतालों में पेट संबंधी सर्जरी का खर्च औसतन एक लाख रुपये तक आता है जबकि सिविल अस्पताल में प्रदेश के नागरिकों के लिए यह सुविधा निशुल्क है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सर्जन तैनाती की डिमांड वो हेड आफिस भेज चुके हैं। डिमांड पूरी होते ही सामान्य सर्जरी दोबारा से शुरू कर दी जाएगी।
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दरअसल, सिविल अस्पताल में सामान्य ऑपरेशन सुविधा करीब साढ़े तीन साल पहले तत्कालीन सीएमओ डॉ. विरेंद्र यादव ने शुरू कराई थी। इसके बाद यहां सर्जन के तौर पर डॉ. अंकित जांगड़ा अपनी सेवाएं दे रहे थे। ऑपरेशन सुविधा का मरीजों को काफी लाभ मिल रहा था। करीब डेढ़ साल पहले सर्जन डॉ.अंकित का यमुनानगर तबादला हुआ था। इसके बाद से ही दादरी को सर्जन नहीं मिला। इसके चलते एक साल से सामान्य ऑपरेशन बंद हैं और मरीज परेशान हैं। विभाग की ओर से करीब 20 डिमांड भेजी जा चुकी है, लेकिन नतीजा सिफर है।
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- सिविल अस्पताल पर निर्भर हैं 12 पीएचसी और तीन सीएचसी

चरखी दादरी सिविल अस्पताल के अधीन 12 पीएचसी और तीन सीएचसी आते हैं लेकिन जिले में एक भी समान्य सर्जन नहीं है। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की बेहद दरकार है लेकिन विशेषज्ञों की कमी है। जिले को फिलहाल कम से कम दो सर्जन चाहिए।


- दस हजार से एक लाख तक है सर्जरी का खर्च

विभागीय सूत्रों के अनुसार हर्निया जैसी सर्जरी के निजी अस्पतालों में दस से पंद्रह हजार रुपये तक चार्ज किया जाता है। इसके अलावा अगर पेट संबंधी कोई ऑपरेशन है तो इसका सामान्य तौर पर खर्च एक लाख रुपये तक आता है। पित्त की थैली के ऑपरेशन का निजी अस्पतालों में 20 से 30 हजार के बीच खर्च आ जाता है लेकिन ये सभी ऑपरेशन सिविल अस्पताल में निशुल्क हैं।


प्रतिमाह रेफर होते हैं 45 मरीज

दादरी सिविल अस्पताल में एक साल से सर्जन की पोस्ट खाली पड़ी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रतिमाह छोटी सर्जरी संबंधी 45 मरीज दूसरे अस्पतालों में रेफर किए जाते हैं। करीब 18 माह से ऑपरेशन बंद हैं और इस लिहाज से डेढ़ साल में करीब 580 सर्जरी संबंधी मरीज अन्य जिला अस्पतालों में रेफर किए गए हैं। इसके चलते मरीज और तीमारदारों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ी।


प्रदेश से बाहर के व्यक्ति के लिए निशुल्क नहीं है ऑपरेशन सुविधा

प्रदेश सरकार ने सिविल अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा केवल प्रदेशवासियों के लिए ही निशुल्क की हुई है। सिविल अस्पतालों में छोटे या बड़े ऑपरेशन का कोई चार्ज मरीज को नहीं देना होता। अगर मरीज हरियाणा से बाहर का रहने वाला है तो उसे करीब साढ़े तीन हजार रुपये जमा कराने होंगे।


- ओटी में हो रहे ऑर्थो ऑपरेशन

सिविल अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में इस समय ऑर्थो ऑपरेशन हो रहे हैं। ऑर्थो स्पेशलिस्ट की तैनाती का मरीजों को पूरा लाभ मिल रहा है। अब तक सिविल अस्पताल में ऑर्थो विशेषज्ञ 400 से अधिक ऑपरेशन कर चुके हैं।




सामान्य सर्जन का पद खाली है और इसके चलते सामान्य ऑपरेशन बंद हैं। जल्द ही सर्जन की तैनाती हो जाएगी और इस संबंध में डिमांड भेजी जा चुकी है। फिलहाल ओटी में ऑर्थो ऑपरेशन हो रहे हैं।
-डॉ. कृष्ण कुमार, सीएमओ, चरखी दादरी
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