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Charkhi Dadri News: जेल अधीक्षक पद से त्याग पत्र मंजूर, भाजपा में शामिल हुए सुनील सांगवान
Tue, 03 Sep 2024 05:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 03 Sep 2024 05:36 AM IST
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दिल्ली में सुनील सांगवान को भाजपा की सदस्यता दिलाते मोहनलाल बड़ाैली और बिप्लब देब।
चरखी दादरी। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बंसीलाल के खासमखास माने जाने वाले पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान के इकलौते बेटे सुनील सांगवान का जेल अधीक्षक के पद से त्यागपत्र मंजूर होने के बाद उन्होंने सोमवार को दिल्ली में भाजपा का दामन थाम लिया। मोहनलाल बड़ोली और बिप्लब देब ने उन्हें पार्टी का पटका पहनाया। वहीं, पूर्व जेल अधीक्षक सुनील सांगवान को दादरी विधानसभा सीट से भाजपा का उम्मीदवार बनाने की संभावना और प्रबल हो गई है। इसकी चर्चा दिनभर राजनीतिक गलियारों में रही।
बता दें कि सुनील सांगवान ने 22 साल तक जेल विभाग में अपनी सेवाएं दीं। नौकरी से त्यागपत्र देने से पहले उनकी अंतिम तैनाती भौंडसी जेल में बतौर अधीक्षक थी। रविवार को ही उन्होंने वीआरएस के लिए आवेदन किया था। उनका आवेदन मंजूर होते ही सोमवार को वह भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने दिल्ली पहुंच गए। वहां बिप्लब देब और मोहनाल बड़ोली ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करवाईं।
वहीं, भाजपा का दामन थामने के बाद सुनील सांगवान ने पत्रकारों ने सवाल का जवाब उन्होंने अपने ही अंदाज में दिया। दादरी के मौजूदा विधायक सोमबीर सांगवान के चुनाव लड़ने को लेकर उनसे सवाल किया गया तो सुनील सांगवान ने कहा कि वह मेरी खाप के प्रधान हैं। मेरे आदरणीय व सम्माननीय हैं। उनके बारे में कुछ नहीं बोलूंगा।
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फोन पर अमर उजाला संवाददाता के सवालों के सुनील सांगवान ने ये दिए जवाब
सवाल : जेल अधीक्षक का पद छोड़कर राजनीति में आने के क्या मायने हैं?
जवाब : जनसेवा के उद्देश्य से ही राजनीति में आया हूं। नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा का दामन थामा है।
सवाल : क्या आपका टिकट कन्फर्म हो चुका है?
जवाब : टिकट की लालसा में मैंने भाजपा ज्वाइन नहीं की है। अगर पार्टी प्रत्याशी बनाएगी तो विधानसभा चुनाव जरूर लडूंगा।
सवाल : भविष्य की राजनीति को लेकर आपकी क्या सोच है?
जवाब : दादरी में नई राजनीतिक युग की शुरुआत करना मेरी इच्छा है। ऐसी राजनीति जिसमें द्वेष व बदले की भावना न हो।
सवाल : सोमबीर सांगवान ने भी विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान किया है, क्या मानते हैं?
जवाब : वह उनका अपना फैसला है। सोमबीर सांगवान हमारे आदरणीय हैं। मैं छींटाकशी की राजनीति के खिलाफ हूं।
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बता दें कि सुनील सांगवान ने 22 साल तक जेल विभाग में अपनी सेवाएं दीं। नौकरी से त्यागपत्र देने से पहले उनकी अंतिम तैनाती भौंडसी जेल में बतौर अधीक्षक थी। रविवार को ही उन्होंने वीआरएस के लिए आवेदन किया था। उनका आवेदन मंजूर होते ही सोमवार को वह भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने दिल्ली पहुंच गए। वहां बिप्लब देब और मोहनाल बड़ोली ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करवाईं।
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वहीं, भाजपा का दामन थामने के बाद सुनील सांगवान ने पत्रकारों ने सवाल का जवाब उन्होंने अपने ही अंदाज में दिया। दादरी के मौजूदा विधायक सोमबीर सांगवान के चुनाव लड़ने को लेकर उनसे सवाल किया गया तो सुनील सांगवान ने कहा कि वह मेरी खाप के प्रधान हैं। मेरे आदरणीय व सम्माननीय हैं। उनके बारे में कुछ नहीं बोलूंगा।
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फोन पर अमर उजाला संवाददाता के सवालों के सुनील सांगवान ने ये दिए जवाब
सवाल : जेल अधीक्षक का पद छोड़कर राजनीति में आने के क्या मायने हैं?
जवाब : जनसेवा के उद्देश्य से ही राजनीति में आया हूं। नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा का दामन थामा है।
सवाल : क्या आपका टिकट कन्फर्म हो चुका है?
जवाब : टिकट की लालसा में मैंने भाजपा ज्वाइन नहीं की है। अगर पार्टी प्रत्याशी बनाएगी तो विधानसभा चुनाव जरूर लडूंगा।
सवाल : भविष्य की राजनीति को लेकर आपकी क्या सोच है?
जवाब : दादरी में नई राजनीतिक युग की शुरुआत करना मेरी इच्छा है। ऐसी राजनीति जिसमें द्वेष व बदले की भावना न हो।
सवाल : सोमबीर सांगवान ने भी विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान किया है, क्या मानते हैं?
जवाब : वह उनका अपना फैसला है। सोमबीर सांगवान हमारे आदरणीय हैं। मैं छींटाकशी की राजनीति के खिलाफ हूं।