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Charkhi Dadri News: सर्विसेज के पहलवान को पटकनी देकर सुजीत ने हरियाणा को दिलाया स्वर्ण पदक
Sat, 04 Nov 2023 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 04 Nov 2023 11:53 PM IST
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स्वर्ण पदक विजेता सुजीत कलकल। स्रोत: परिजन
गोवा में आयोजित 37वें नेशनल गेम्स में इमलोटा निवासी कलकल ने स्वर्ण पदक जीतकर फिर छोड़ी अपनी छाप
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। इमलोटा निवासी युवा पहलवान सुजीत की उपलब्धियों में एक स्वर्ण पदक और जुड़ गया है। हाल ही में गोवा में आयोजित 37वें नेशनल गेम्स में सुजीत कलकल ने हरियाणा को स्वर्ण पदक दिलाया है। पहले स्थान के लिए आयोजित कुश्ती स्पर्धा में सुजीत ने सर्विसेज के पहलवान को एकतरफा पटकनी देकर अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी।
खेल प्रमोटर योगेश इमलोटा ने बताया कि नेशनल गेम्स में सुजीत कलकल ने 65 किलोग्राम भारवर्ग में अपनी चुनौती पेश की। स्वर्ण पदक के लिए आयोजित मुकाबले में सुजीत ने सर्विसेज के पहलवान रोहित को 11-3 से हराते हुए पदक अपने नाम किया। इससे पहले सुजीत तीन बार सीनियर नेशनल गोल्ड, दो बार जूनियर गोल्ड व एक रजत समेत पांच अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुका है जिनमें चार स्वर्ण और एक रजत पदक शामिल है।
ये भी हैं सुजीत की उपलब्धि
-2022 में आयोजित एशियन अंडर-20 चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- 2022 में आयोजित एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- 2022 में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक।
- 2022 में आयोजित जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- 2021 में आयोजित जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में रजत पदक।
साई के अलावा पिता से सीख रहा कुश्ती के गुर
सुजीत के पिता दयानंद कलकल पेशेवर कुश्ती पहलवान रह चुके हैं। वह आर्मी से रिटायर होकर फिलहाल साई सेंटर में कोच के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुजीत को कुश्ती खेलने की प्रेरणा अपने पिता से ही मिली थी। सुजीत के पिता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक न जीत पाने का मलाल था, लेकिन उनका बेटा अब पदक जीतकर इस टीस को दूर कर रहा है।
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- ओलंपिक में पदक लाना है लक्ष्य
दयानंद कलकल ने बताया कि सुजीत का लक्ष्य सिर्फ ओलंपिक खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। वो इसके लिए कड़ी मेहनत कर रहा है और गत छह माह में आयोजित स्पर्धाओं में किए गए प्रदर्शन से इसका पता लगता है। वहीं, सुजीत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में चार स्वर्ण पदक जीतने के बाद उसे और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा मिली है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। इमलोटा निवासी युवा पहलवान सुजीत की उपलब्धियों में एक स्वर्ण पदक और जुड़ गया है। हाल ही में गोवा में आयोजित 37वें नेशनल गेम्स में सुजीत कलकल ने हरियाणा को स्वर्ण पदक दिलाया है। पहले स्थान के लिए आयोजित कुश्ती स्पर्धा में सुजीत ने सर्विसेज के पहलवान को एकतरफा पटकनी देकर अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी।
खेल प्रमोटर योगेश इमलोटा ने बताया कि नेशनल गेम्स में सुजीत कलकल ने 65 किलोग्राम भारवर्ग में अपनी चुनौती पेश की। स्वर्ण पदक के लिए आयोजित मुकाबले में सुजीत ने सर्विसेज के पहलवान रोहित को 11-3 से हराते हुए पदक अपने नाम किया। इससे पहले सुजीत तीन बार सीनियर नेशनल गोल्ड, दो बार जूनियर गोल्ड व एक रजत समेत पांच अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुका है जिनमें चार स्वर्ण और एक रजत पदक शामिल है।
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ये भी हैं सुजीत की उपलब्धि
-2022 में आयोजित एशियन अंडर-20 चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- 2022 में आयोजित एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- 2022 में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक।
- 2022 में आयोजित जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- 2021 में आयोजित जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में रजत पदक।
साई के अलावा पिता से सीख रहा कुश्ती के गुर
सुजीत के पिता दयानंद कलकल पेशेवर कुश्ती पहलवान रह चुके हैं। वह आर्मी से रिटायर होकर फिलहाल साई सेंटर में कोच के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुजीत को कुश्ती खेलने की प्रेरणा अपने पिता से ही मिली थी। सुजीत के पिता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक न जीत पाने का मलाल था, लेकिन उनका बेटा अब पदक जीतकर इस टीस को दूर कर रहा है।
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- ओलंपिक में पदक लाना है लक्ष्य
दयानंद कलकल ने बताया कि सुजीत का लक्ष्य सिर्फ ओलंपिक खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। वो इसके लिए कड़ी मेहनत कर रहा है और गत छह माह में आयोजित स्पर्धाओं में किए गए प्रदर्शन से इसका पता लगता है। वहीं, सुजीत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में चार स्वर्ण पदक जीतने के बाद उसे और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा मिली है।