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एसटीपी प्रोजेक्ट : रेलवे अपनी हद में खुद बिछाएगा सीवर पाइप लाइन
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चरखी दादरी। कपूरी से दिल्ली रोड एसटीपी तक सीवर पाइप लाइन अपनी हद में रेलवे विभाग खुद बिछाएगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने रेलवे विभाग में 10 लाख रुपये की राशि जमा करवा दी है। रेलवे लाइन के नीचे से पाइन लाइन गुजरनी है। इस समय यह काम रुका हुआ है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार रुका हुआ काम रेलवे की ओर से करवाया जाना है और जल्द ही यह काम शुरू होने की उम्मीद है।
कपूरी व दिल्ली बाइपास एसटीपी को आपस में कनेक्ट किया जाना है, ताकि दोनों एसटीपी के पानी को छुछकवास ड्रेन आठ में डाला जा सके। विभाग दिल्ली रोड एसटीपी से छुछकवास तक करीब 37 किलोमीटर लंबी सीवर पाइप बिछा रहा है। अब मात्र पांच किलोमीटर लंबी लाइन बिछाया जाना बाकी है। जनस्वास्थ्य विभाग 30 जून तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की प्लानिंग पर तेजी से काम कर रहा है ताकि मानसून सीजन में शहर को जलभराव से बचाया जा सके। यह प्रोजेक्ट 37.50 करोड़ का है।
शहर में दो एसटीपी हैं जिनके जरिये दूषित पानी की निकासी की जाती है। रामनगर-कपूरी के समीप बने एसटीपी में शहर का करीब 40 प्रतिशत दूषित पानी जाता है। इसी प्रकार दिल्ली बाइपास स्थित एसटीपी में 60 प्रतिशत पानी पहुंचता है। दोनो एसटीपी फिलहाल दो साल से सही ढंग से वर्किंग में नहीं होने से आसपास खेती करने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी होती रही है। खासकर बारिश के मौसम में एसटीपी स्टोरेज टैंक भर जाने पर दूषित पानी की निकासी नहीं हो पाती। इससे शहर की सीवर लाइनों पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। मेन लाइनें भी ब्लॉक हो जाती हैं। सीवर व्यवस्था चरमरा जाती है। एसटीपी के आसपास की जमीन भी खराब होने लगी है। खेतों में लगातार पानी भरे रहने की वजह से उपजाऊ शक्ति कमजोर होने लगी है।
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- दोनों एसटीपी को जोड़ने के लिए डलनी है 15 इंची लाइन
शहर के कपूरी-रामनगर एसटीपी को दिल्ली रोड स्थित एसटीपी से कनेक्ट किया जाना है। इसके लिए 15 इंची मेन लाइन बिछाई जानी है। कपूरी एसटीपी के दूषित पानी को दिल्ली रोड एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद दिल्ली रोड एसटीपी से यह दूषित पानी ड्रेन आठ छुछकवास में डाला जाएगा।
- स्टोरेज टैंक है फुल
इस समय एसटीपी में पानी स्टोरेज की जगह नहीं है। इस पानी को कई बार बधवाना नहर में भी डाल दिया जाता है। नहर से जलघरों में पानी पहुंचता है। विभाग को छुछकवास तक लाइन बिछाने का काम जल्दी पूरा करने की जरूरत है तभी शहर की सीवर समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
वर्जन::
रेलवे लाइन बीच में आने पर रेलवे विभाग खुद यह काम पूरा करवाएगा। इसकी एवज में विभाग ने 10 लाख रुपये की राशि रेलवे को जमा करवा दी है। जून अंतिम सप्ताह तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की प्लानिंग है।
- सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
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कपूरी व दिल्ली बाइपास एसटीपी को आपस में कनेक्ट किया जाना है, ताकि दोनों एसटीपी के पानी को छुछकवास ड्रेन आठ में डाला जा सके। विभाग दिल्ली रोड एसटीपी से छुछकवास तक करीब 37 किलोमीटर लंबी सीवर पाइप बिछा रहा है। अब मात्र पांच किलोमीटर लंबी लाइन बिछाया जाना बाकी है। जनस्वास्थ्य विभाग 30 जून तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की प्लानिंग पर तेजी से काम कर रहा है ताकि मानसून सीजन में शहर को जलभराव से बचाया जा सके। यह प्रोजेक्ट 37.50 करोड़ का है।
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शहर में दो एसटीपी हैं जिनके जरिये दूषित पानी की निकासी की जाती है। रामनगर-कपूरी के समीप बने एसटीपी में शहर का करीब 40 प्रतिशत दूषित पानी जाता है। इसी प्रकार दिल्ली बाइपास स्थित एसटीपी में 60 प्रतिशत पानी पहुंचता है। दोनो एसटीपी फिलहाल दो साल से सही ढंग से वर्किंग में नहीं होने से आसपास खेती करने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी होती रही है। खासकर बारिश के मौसम में एसटीपी स्टोरेज टैंक भर जाने पर दूषित पानी की निकासी नहीं हो पाती। इससे शहर की सीवर लाइनों पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। मेन लाइनें भी ब्लॉक हो जाती हैं। सीवर व्यवस्था चरमरा जाती है। एसटीपी के आसपास की जमीन भी खराब होने लगी है। खेतों में लगातार पानी भरे रहने की वजह से उपजाऊ शक्ति कमजोर होने लगी है।
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- दोनों एसटीपी को जोड़ने के लिए डलनी है 15 इंची लाइन
शहर के कपूरी-रामनगर एसटीपी को दिल्ली रोड स्थित एसटीपी से कनेक्ट किया जाना है। इसके लिए 15 इंची मेन लाइन बिछाई जानी है। कपूरी एसटीपी के दूषित पानी को दिल्ली रोड एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद दिल्ली रोड एसटीपी से यह दूषित पानी ड्रेन आठ छुछकवास में डाला जाएगा।
- स्टोरेज टैंक है फुल
इस समय एसटीपी में पानी स्टोरेज की जगह नहीं है। इस पानी को कई बार बधवाना नहर में भी डाल दिया जाता है। नहर से जलघरों में पानी पहुंचता है। विभाग को छुछकवास तक लाइन बिछाने का काम जल्दी पूरा करने की जरूरत है तभी शहर की सीवर समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
वर्जन::
रेलवे लाइन बीच में आने पर रेलवे विभाग खुद यह काम पूरा करवाएगा। इसकी एवज में विभाग ने 10 लाख रुपये की राशि रेलवे को जमा करवा दी है। जून अंतिम सप्ताह तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की प्लानिंग है।
- सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।