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Charkhi Dadri News: सरल केंद्र और विभागों में सेवाएं रहीं ठप, भटकते रहे लोग, विभागीय कामकाज भी लटके

Thu, 06 Jul 2023 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Thu, 06 Jul 2023 11:45 PM IST
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Services stalled in Saral Center and departments, people kept wandering, departmental work also suspended
सुनसान पड़े सरल केंद्र के काउंटर।
चरखी दादरी। लिपिक वर्ग की हड़ताल का वीरवार को दूसरे दिन में भी व्यापक असर रहा। पहले जहां 93 प्रतिशत लिपिक हड़ताल में शामिल हुए तो दूसरी दिन यह संख्या बढ़कर 99 प्रतिशत पहुंच गई। यानि की 330 में से 325 क्लर्क हड़ताल पर रहे। लिपिक एसोसिएशन पदाधिकारियों ने दावा किया कि चार-पांच लिपिक ने ही काम किया, लेकिन बावजूद इसके हड़ताल कामयाब रही। वहीं, लिपिक वर्ग ने शुक्रवार को भी काम पर न लौटने का ऐलान किया है। दो दिवसीय हड़ताल के पांच हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं जबकि कई विभागों के कार्यालय कामकाज तक लटक गए हैं।
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बता दें कि लिपिक वर्ग की हड़ताल से जनता को परेशानियां झेल पड़ रही हैं। हड़ताल के चलते पिछले दो दिनों से सरल केंद्र समेत ज्यादातर विभागों में सेवाएं ठप हैं। वीरवार को भी एसोसिएशन के बैनर तले लिपिक वर्ग ने किला मैदान में धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। हालांकि कुछ देर की बारिश ने धरना दे रहे कर्मचारियों को परेशान जरूर किया, लेकिन वो जस के तस डटे रहे। वहीं, जिला प्रधान प्रदीप सांगवान ने बताया कि हड़ताल अनिश्चितकालीन है और सरकार के मांगें मानने के बाद ही लिपिक वर्ग कर्मचारी काम पर लौटेंगे।
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बता दें कि लिपिक वर्ग लगातार अपने हकों की मांग उठा रहा है, लेकिन सरकार ने अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है। मांगों के प्रति सरकार की नजरअंदाजी को देखते राज्य कार्यकारिणी ने लिपिक वर्ग से हड़ताल पर जाने का आह्वान किया था। पहले दो दिन इसका दादरी जिले में व्यापक असर रहा। आलम ये रहा कि उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम और अन्य अधिकारियों के कार्यालय समेत सरल केंद्र व विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकतम लिपिक हड़ताल में शामिल रहे। एसोसिएशन पदाधिकारियों के अनुसार जिले में 330 लिपिक हैं और वीरवार को इनमें से 325 धरने के समर्थन में रहे। इसके चलते रुटिन कार्य तक प्रभावित रहे। इतना ही नहीं अलग-अलग कामों से विभागों में पहुंचे लोगों को भी बिन काम करवाए ही लौटना पड़ा। यहां तक कि कार्यालयों की डाक निकालने तक का काम बाधित रहा।
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- धरनास्थल पर नारेबाजी कर जताया रोष
दूसरी ओर लिपिक एसोसिएशन के बैनर तले जिले में तैनात लिपिक कर्मचारियों ने किला मैदान में सुबह से शाम तक धरना दिया। जिला प्रधान प्रदीप सांगवान ने धरने को संबोधित करते हुए कहा सरकार लंबे समय से लिपिक वर्ग की मांगों की अनदेखी कर रही है। इसे अब सहन नहीं किया जाएगा। धरनास्थल पर मौजूद लिपिक ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।

- ये है प्रमुख मांगें
लिपिक एसोसिएशन पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार विभिन्न पदों की समीक्षा करती है, लेकिन आज तक लिपिक वर्ग के कार्यों की तरफ ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि पहले और दूसरे वेतन आयोग में लिपिक वर्ग का वेतनमान कई पदों से ज्यादा होता था, लेकिन सातवां वेतन आयोग लागू होने तक लिपिक वर्ग का वेतनमान अपग्रेड नहीं किया गया जबकि सरकार ने कई पदों के वेतनमान में वृद्धि कर दी। उप-प्रधान अजय ने कहा कि जब तक सरकार लिपिक वर्ग की मांग पूरी नहीं करती तब तक धरना जारी रहेगा।

- दस करोड़ से अधिक का राजस्व प्रभावित
लिपिक वर्ग की हड़ताल से जिले में दस करोड़ से ज्यादा का राजस्व प्रभावित हुआ है। अकेले सरल केंद्र की बात करें तो प्रतिदिन करीब दो हजार लोग यहां आकर विभिन्न कार्याें के लिए आवेदन करते हैं और इसके जरिये सरकार को प्रतिदिन करीब ढाई करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है। दो दिन से सरल केंद्र की सेवाएं ठप हैं और सरकार को इसके चलते पांच करोड़ के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। इसके अलावा भी अन्य विभागों में कामकाज बंद होने से राजस्व पर असर पड़ा है।

- दूसरे दिन भी नहीं हुए ये कार्य
लिपिक वर्ग की हड़ताल से दूसरे दिन भी डोमिसाइल, ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्टरी, डाक, बिल भुगतान, परिचालकों को टिकट जारी करना, कार्यालय आदेश जारी करना, इंतकाल, फरद निकलवाना, आरसी बनवाना आदि कार्य प्रभावित रहे। इसके चलते जिले में वीरवार को करीब तीन हजार लोगों ने परेशानी झेली। गत दिनों की बात करें तो पांच हजार से अधिक लोग अपने काम नहीं करवा पाए।

लोग बोले: नहीं बन पाया काम, हड़ताल खत्म होने का इंतजार
- मुझे डोमिसाइल बनवाना है। बुधवार को भी सरल केंद्र आया था, लेकिन काम नहीं बना। वीरवार को दूसरे दिन यहां आया तो पता चला कि लिपिक हड़ताल पर हैं। अब हड़ताल खत्म होने के बाद ही आवेदन कर पाऊंगा।
मोहित, रावलधी

- मुझे ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है। वीरवार को सरल केंद्र आया तो पता चला कि लिपिक हड़ताल पर हैं और काम नहीं बनेगा। अब वापस घर जा रहा हूं और लिपिक वर्ग के ड्यूटी पर लौटने पर ही काम बन सकेगा।


सुमित, मोरवाला

99 प्रतिशत लिपिक वीरवार को भी हड़ताल पर रहे। सरकार जब तक मांगें नहीं मानेगी तब तक काम पर नहीं लौटेंगे और धरना जारी रहेगा। दादरी जिले में लिपिक वर्ग की हड़ताल का व्यापक असर है।
-प्रदीप सांगवान, जिला प्रधान, लिपिक एसोसिएशन
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