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Charkhi Dadri News: सेमिनार के तकनीकी सत्र में 50 विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए शोधपत्र
Sat, 09 Dec 2023 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 09 Dec 2023 12:59 AM IST
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फोटो 18 झोझूकलां महिला कॉलेज में मुख्य अतिथि एडीसी डॉ.जयेंद्र को स्मृति चिह्न प्रदान करते हुए प
झोझूकलां। झोझूकलां कॉलेज में पुस्तकालय संबंधी दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ हुआ। सेमिनार के उद्घाटन सत्र में आईएएस डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर मुख्य अतिथि और राजकीय स्नातकोत्तर कॉलेज चरखी दादरी से प्राचार्य डॉ. पवन शर्मा विशिष्ट अतिथि रहे। प्राचार्य डॉ. अनूप सांगवान ने दोनों अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. शर्मिला ने सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि डॉ. जयेंद्र ने कहा कि आईसीटी के माध्यम से पुस्तकालय समृद्ध किए जा सकते हैं। पहले हम पुस्तकालय का मतलब किताबें समझते थे लेकिन अब हम पुस्तकालय को अपने साथ लेकर चलते हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. पवन शर्मा ने सेमिनार की थीम का अर्थ समझाकर पुस्तकालय का महत्व बताया।
सेमिनार के दूसरे सत्र में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. निर्मल कुमार श्वैन और केंद्रीय विश्वविद्यालय पाली से असिस्टेंट लाइब्रेरियन डॉ. नरेश कुमार ने व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय को हम आईसीटी से उन्नत कर सकते हैं। सेमिनार के तीसरे तकनीकी सत्र में 50 विद्यार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। इस अवसर पर डॉ. वंदना बेनीवाल व स्टाफ सदस्य मौजूद रहा।
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कार्यक्रम संयोजक डॉ. शर्मिला ने सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि डॉ. जयेंद्र ने कहा कि आईसीटी के माध्यम से पुस्तकालय समृद्ध किए जा सकते हैं। पहले हम पुस्तकालय का मतलब किताबें समझते थे लेकिन अब हम पुस्तकालय को अपने साथ लेकर चलते हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. पवन शर्मा ने सेमिनार की थीम का अर्थ समझाकर पुस्तकालय का महत्व बताया।
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सेमिनार के दूसरे सत्र में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. निर्मल कुमार श्वैन और केंद्रीय विश्वविद्यालय पाली से असिस्टेंट लाइब्रेरियन डॉ. नरेश कुमार ने व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय को हम आईसीटी से उन्नत कर सकते हैं। सेमिनार के तीसरे तकनीकी सत्र में 50 विद्यार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। इस अवसर पर डॉ. वंदना बेनीवाल व स्टाफ सदस्य मौजूद रहा।
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