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सात साल में 2200 महिलाओं को स्वावलंबी बनने की डगर दिखा चुकीं सविता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2022 12:23 AM IST
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Savita, who has shown the path of becoming self-reliant to 2200 women in seven years
सविता सोनी। - फोटो : CharkhiDadri
संवाद न्यूज एजेंसी
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चरखी दादरी। चूल्हे-चौके तक ही सीमित महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए गांव चिड़िया निवासी सविता सोनी प्रयासरत हैं। पिछले सात सालों से महिला जागरूकता से जुड़े कार्य कर महिलाओं के स्वयं सहायता समूह बनवाकर उन्हें रोजगार प्रदान करने में सहायता कर रही हैं। अब तक वो 2200 महिलाओं को स्वावलंबी बनने की डगर दिखा चुकी हैं और समाजहित के कार्यों के चलते उन्हें कई मंच पर सम्मानित किया जा चुका है। महिला हित में किए गए उनके प्रयासों की आज जिले में चर्चा भी है।
चिड़िया निवासी 50 वर्षीय सविता सोनी ने महिला सशक्तीकरण की मिशाल पेश की है। स्नातकोत्तर तक शिक्षित सविता सोनी की शादी 25 साल पहले हुई थी। विद्यार्थी जीवन के दौरान वो खो-खो और कबड्डी की बेहतरीन खिलाड़ी भी रहीं, लेकिन शादी के बाद उनका जीवन भी चूल्हा-चौका और घर की चाहरदीवारी तक सीमित होकर रह गया। सविता को यह बात कई बार अखरी भी, लेकिन परिवार की मर्यादाओं के चलते वो खुलकर नहीं बोल पाईं। इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार ने उन्हें प्रेरित किया तो उन्होंने महिला हित के कार्य करने की मुहिम का हिस्सा बनने की ठानी।
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सविता ने बताया कि धरातल पर इस मुहिम से जुड़ने का निर्णय लेने में उन्हें एक माह का समय लग गया। एक बार शुरुआत होने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और गांव-गांव जाकर महिलाओं को स्वयं सहायता समूह के जरिये खुद को स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में महिलाओं ने कम रुझान दिखाया, लेकिन बाद में एक-दूसरे को देखकर वो भी आगे आ गईं। सविता ने बताया कि अब तक वो 200 स्वयं सहायता समूह बनवाकर 2200 महिलाओं को जोड़ चुकी हैं और उनके ये प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। सविता बताती हैं कि इस काम से उन्हें काफी सुखद अनुभव होता है और जब वो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का जीवन स्तर ऊपर उठता देखती हैं तो उन्हें बेहद खुशी मिलती है।
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महिला दिवस समेत अन्य मौकों पर हो चुकीं सम्मानित -
बंगलुरु की प्रसिद्व संस्था से महिला दिवस पर 2018 में सविता को सम्मान मिल चुका है। इससे पूर्व 2016 में तत्कालीन विधायक सुखविंद्र मांढ़ी ने भी महिला दिवस पर सविता को सम्मानित किया था। 2020 में महिमा बहुउद्देश्यीय सामाजिक संस्था नागपुर द्वारा नारी शक्ति सम्मान से उन्हें सम्मानित किया गया था।

शादी के 15 वर्ष बाद जुड़ीं सामाजिक संस्था से -
शादी के बाद घर परिवार के परंपरागत माहौल ने सविता की दुनिया को चूल्हे चौके तक समेट दिया। करीब पंद्रह साल तक उनकी जिंदगी इसी प्रकार चली और इकसे बाद वो सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार के आग्रह पर महिलाओं समेत विभिन्न वर्गों के हितों में काम करने वाली एक संस्था से जुड़ गईं। इसके बाद तो सविता सोनी जिले के एक गांव से दूसरे गांव में जाकर महिलाओं से संपर्क साधने लगीं।
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