{"_id":"655ba01a8731ccb2d80b504b","slug":"sakshi-and-mohit-were-shot-by-sonu-in-the-presence-of-father-kuldeep-charkhidadri-news-c-126-1-cdr1001-9585-2023-11-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: पिता कुलदीप की मौजूदगी में साक्षी और मोहित को सोनू ने मारी थी गोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: पिता कुलदीप की मौजूदगी में साक्षी और मोहित को सोनू ने मारी थी गोली
विज्ञापन
पुलिस गिरफ्त में साक्षी का पिता कुलदीप और उसका साथी परमजीत उर्फ तोता।
चरखी दादरी/बौंदकलां। प्रेम-विवाह करने वाली साक्षी और उसके पति मोहित को गोली पिलाना निवासी एवं साक्षी के पिता के दोस्त सोनू उर्फ काला ने मारी थी। वारदात के समय सोनू के साथ साक्षी का पिता कुलदीप और पिलाना निवासी परमजीत उर्फ तोता भी था। ये खुलासा सोमवार को डीएसपी सुभाषचंद्र ने प्रेसवार्ता में किया। उन्होंने बताया कि कुलदीप बेटी के प्रेम विवाह से खफा था और वो साक्षी व मोहित को जान से मारना चाहता था।
बता दें कि ऊण निवासी मोहित ने पिलाना निवासी साक्षी से 6 माह पहले प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद वो कुछ दिन पुलिस निगरानी में सेफ हाउस में रहे। इसके बाद वो मोहित के घर गांव ऊण में रहने लगे। 14 नवंबर की रात साक्षी का पिता अपने साथी सोनू उर्फ काला व परमजीत उर्फ तोता के साथ बेटी की ससुराल पहुंचा। जब उसने जबरन साक्षी को ले जाना चाहा तो मोहित बीच में आ गया। डीएसपी सुभाषचंद्र ने बताया कि इसके बाद सोनू उर्फ कालिया ने मोहित पर फायर कर दिया। जिसमें गोली मोहित के हाथ में जा लगी। इसके बाद सोनू उर्फ काला ने एक गोली साक्षी के हाथ में मारी और फिर तीनों साक्षी को अपने साथ कार में डालकर ले गए।
डीएसपी ने बताया कि पुलिस टीमों के सक्रिय होने पर आरोपी साक्षी को कच्चे रास्ते से होकर एक मछली पालन वाली जगह ले गए और वहां उसे गोलियां मारने के बाद मरी समझकर फरार हो गए। उसी दौरान साक्षी पुलिस टीम को मिल गई और तत्काल उसे पीजीआई पहुंचाने से जान बच गई। डीएसपी ने बताया कि इस हमले को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
विज्ञापन
- सरपंच चुनाव में सोनू ने की थी कुलदीप की मदद
साक्षी का पिता कुलदीप ने कुछ माह पहले हुए सरपंच पद का चुनाव लड़ चुका है। वह चुनाव में हार गया था। इस चुनाव में सोनू उर्फ काला ने उसकी मदद की थी। बेटी साक्षी के प्रेम-विवाह करने से कुलदीप के मन की टीस सोनू जानता था और उन्होंने दोनों का काम तमाम करने की योजना तैयार की।
- गुरुग्राम में ली शरण
पुलिस गिरफ्त में आए कुलदीप ने बताया कि गुरुग्राम में उसका एक परिचित है। साक्षी और मोहित को गोली मारने के बाद वे गुरुग्राम पहुंच गए। वहां उसने अपने एक परिचित के पास शरण ली। तीन-चार दिन वो वहीं छिपा रहा।
- जहां साक्षी को छोड़ हुए थे फरार, वहीं से पकड़े गए आरोपी
डीएसपी सुभाषचंद्र ने बताया कि आरोपियों को उस जगह के पास से गिरफ्तार किया गया जहां ले जाकर उन्होंने साक्षी को गोली मारी थी। उन्होंने बताया कि आरोपी वहां सबूत मिटाने आए थे और उसी दौरान उनके आने की भनक पुलिस को लग गई। डीएसपी ने बताया कि सोनू को मुठभेड़ के बाद 17 नवंबर को जबकि कुलदीप और परमजीत को 19 नवंबर को गिरफ्तार किया गया।
- हृदय का मरीज है कुलदीप, इसलिए सोनू ने ही की फायरिंग
डीएसपी सुभाषचंद्र और स्पेशल स्टाफ प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि साक्षी का पिता एवं मामले का आरोपी कुलदीप हृदय रोगी है। मोहित और साक्षी को गोली कुलदीप ने नहीं बल्कि उसके साथी सोनू ने ही मारी थी। पहले सोनू ने मोहित के घर फायरिंग की और फिर साक्षी को सुनसान जगह ले जाकर गोलियां मारी।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
कुलदीप और परमजीत से रिमांड अवधि के दौरान वारदात में प्रयोग हथियार और गाड़ी बरामद की जाएगी। उन्हें कोर्ट से दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। वहीं, मुठभेड़ में गोली लगने से घायल सोनू उर्फ काला से एक .32 बोर की पिस्टल बरामद हुई है।
-सुभाषचंद्र, डीएसपी, बौंदकलां थाना
विज्ञापन
बता दें कि ऊण निवासी मोहित ने पिलाना निवासी साक्षी से 6 माह पहले प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद वो कुछ दिन पुलिस निगरानी में सेफ हाउस में रहे। इसके बाद वो मोहित के घर गांव ऊण में रहने लगे। 14 नवंबर की रात साक्षी का पिता अपने साथी सोनू उर्फ काला व परमजीत उर्फ तोता के साथ बेटी की ससुराल पहुंचा। जब उसने जबरन साक्षी को ले जाना चाहा तो मोहित बीच में आ गया। डीएसपी सुभाषचंद्र ने बताया कि इसके बाद सोनू उर्फ कालिया ने मोहित पर फायर कर दिया। जिसमें गोली मोहित के हाथ में जा लगी। इसके बाद सोनू उर्फ काला ने एक गोली साक्षी के हाथ में मारी और फिर तीनों साक्षी को अपने साथ कार में डालकर ले गए।
विज्ञापन
डीएसपी ने बताया कि पुलिस टीमों के सक्रिय होने पर आरोपी साक्षी को कच्चे रास्ते से होकर एक मछली पालन वाली जगह ले गए और वहां उसे गोलियां मारने के बाद मरी समझकर फरार हो गए। उसी दौरान साक्षी पुलिस टीम को मिल गई और तत्काल उसे पीजीआई पहुंचाने से जान बच गई। डीएसपी ने बताया कि इस हमले को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
विज्ञापन
- सरपंच चुनाव में सोनू ने की थी कुलदीप की मदद
साक्षी का पिता कुलदीप ने कुछ माह पहले हुए सरपंच पद का चुनाव लड़ चुका है। वह चुनाव में हार गया था। इस चुनाव में सोनू उर्फ काला ने उसकी मदद की थी। बेटी साक्षी के प्रेम-विवाह करने से कुलदीप के मन की टीस सोनू जानता था और उन्होंने दोनों का काम तमाम करने की योजना तैयार की।
- गुरुग्राम में ली शरण
पुलिस गिरफ्त में आए कुलदीप ने बताया कि गुरुग्राम में उसका एक परिचित है। साक्षी और मोहित को गोली मारने के बाद वे गुरुग्राम पहुंच गए। वहां उसने अपने एक परिचित के पास शरण ली। तीन-चार दिन वो वहीं छिपा रहा।
- जहां साक्षी को छोड़ हुए थे फरार, वहीं से पकड़े गए आरोपी
डीएसपी सुभाषचंद्र ने बताया कि आरोपियों को उस जगह के पास से गिरफ्तार किया गया जहां ले जाकर उन्होंने साक्षी को गोली मारी थी। उन्होंने बताया कि आरोपी वहां सबूत मिटाने आए थे और उसी दौरान उनके आने की भनक पुलिस को लग गई। डीएसपी ने बताया कि सोनू को मुठभेड़ के बाद 17 नवंबर को जबकि कुलदीप और परमजीत को 19 नवंबर को गिरफ्तार किया गया।
- हृदय का मरीज है कुलदीप, इसलिए सोनू ने ही की फायरिंग
डीएसपी सुभाषचंद्र और स्पेशल स्टाफ प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि साक्षी का पिता एवं मामले का आरोपी कुलदीप हृदय रोगी है। मोहित और साक्षी को गोली कुलदीप ने नहीं बल्कि उसके साथी सोनू ने ही मारी थी। पहले सोनू ने मोहित के घर फायरिंग की और फिर साक्षी को सुनसान जगह ले जाकर गोलियां मारी।
कुलदीप और परमजीत से रिमांड अवधि के दौरान वारदात में प्रयोग हथियार और गाड़ी बरामद की जाएगी। उन्हें कोर्ट से दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। वहीं, मुठभेड़ में गोली लगने से घायल सोनू उर्फ काला से एक .32 बोर की पिस्टल बरामद हुई है।
-सुभाषचंद्र, डीएसपी, बौंदकलां थाना