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Charkhi Dadri News: 5493 किसानों की तरफ बिजली बिलों के रूप में 1.62 करोड़ रुपये बकाया, नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू

Sun, 18 Oct 2026 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sun, 18 Oct 2026 12:51 AM IST
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Rs 1.62 crore in electricity bills is outstanding against 5,493 farmers; the process of issuing notices has begun.
चरखी दादरी। जिले में 5493 किसानों की तरफ बिजली बिलों के रूप में 1.62 करोड़ रुपये बकाया हैं। निगम ने किसानों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार की ओर से बिल माफ करने की मानसिक अवधारणा के बीच किसान बिल भरने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
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किसान बिजली चालित नलकूप फसलों की सिंचाई करते हैं। स्लैब प्रणाली नियमावली के तहत किसानों को नलकूप का बिजली बिल जारी होता है। निगम अब 125 डिफाल्टर किसानों को नोटिस भेज चुका है। 450 किसानों की तरफ 50 लाख रुपये बकाया हैं।
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किसान को चार माह में एक बार बिजली जारी होता है। विदित रहे रेतीला क्षेत्र में किसान बिजली चालित ट्यूबवेल से ही फसलों की सिंचाई करते हैं। रेतीले भागों में भूमिगत जलस्तर काफी नीचे तक हैं। ऐसे में मोटर के जरिये पानी का उठान करना पड़ता है। जिला में 55 प्रतिशत कृषि क्षेत्र रेतीला है। यहां सिंचाई का साधन जमीनी पानी ही है। हालांकि नहरें भी गुजरती हैं, जिनसे सिंचाई पूरी तरह से संभव नहीं है।
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रेत के टिब्बे होने की वजह से नहरी पानी से सिंचाई करना मुश्किल होता है। खरीफ मौसम की फसलें तो मानसून की बारिश पर ही निर्भर करती हैं। कई सालों से बारिश कम होने की वजह से रेतीला क्षेत्र का भूमिगत जलस्तर बढ़ने की बजाय घट ही रहा है। आने वाले समय में यहां पेयजल संकट भी गहराने के आसान बनने लगे हैं। नहरी पानी की उपलब्धता वैसे ही कम है।

बॉक्स
अधिकतर बकाया कनेक्शन धारक बाढड़ा खंड में हैं। इस क्षेत्र में ही बिजली चालित नलकूपों की संख्या सर्वाधिक है। स्लैब प्रणाली के आधार पर किसानों से बिजली बिल वसूला जाता है। नए कनेक्शन धारकों से मीटर की रीडिंग के आधार पर बिल वसूला जाता है। किसान बिल राशि जमा करवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। किसानों को समय-समय पर बिल भरने के लिए सूचित किया जाता है।

बॉक्स

अब निगम ने डिफाल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। करीब 450 डिफाल्टर उपभोक्ताओं की सूची तैयार की गई हैं जिनमें से 125 किसानों को नोटिस भेजे गए हैं। नोटिस के बावजूद बिल जमा नहीं करने पर निगम की ओर से कनेक्शन काटे जा सकते हैं। ज्ञात रहे निगम ने एक साल के दौरान जिले में 1071 नए ट्यूबवेल कनेक्शन भी जारी किए हैं। जिले भर में बिजली ट्यूबवेलों की कुल संख्या करीब साढ़े छह हजार है। अब तो काफी संख्या में किसानों ने सौर ऊर्जा सिस्टम भी लगवाए हैं ताकि बिजली की बचत हो सके। निगम ट्यूबवेल के लिए आठ घंटे तीन फेज बिजली आपूर्ति करता है। प्रत्येक कनेक्शन के लिए अलग से ट्रांसफार्मर लगा रखे हैं। खेतों से अलग से लाइनें भी लगा रखी हैं।


वर्जन

निगम डिफाल्टर उपभोक्ताओं को को नोटिस भेज रहा है। नोटिस के बावजूद बिल जमा नहीं करवाने पर कनेक्शन काटा जा सकता है। किसान नियमित रूप से बिजली बिल जमा करवाएं। निगम किसानों को पर्याप्त मात्रा में बिजली देने के लिए तत्पर है।--गुलशन, कार्यकारी अभियंता
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