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तीन दिनों से बौंदकलां में रिकार्ड 20 एमएम बारिश

Thu, 15 Jul 2021 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jul 2021 12:39 AM IST
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Recrod 20 MM Rain in Bound kalna of charkhi dadri form three days
चरखी दादरी। जिले के विभिन्न भागों में बुधवार को दिनभर बारिश की झड़ी लगी रही। बारिश से शहर में जलभराव की समस्या बन रही है। बारिश होने पर गर्मी से काफी राहत मिली है। खरीफ की सभी प्रकार की फसलों के लिए बारिश फायदेमंद मानी जा रही है। बीते तीन दिनों में बौंदकलां में अब तक सर्वाधिक 20 एमएम बारिश दर्ज की गई जबकि दादरी शहर में 16 एमएम बारिश दर्ज हुई।
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बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से सीवर ओवरफ्लो की समस्या कायम रही है। पुरानी अनाज मंडी में सीवर जाम होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। बारिश का पानी मंडी परिसर में खुले में रखी खल व बिनौला आदि के बैग तक पहुंचने से माल खराब हो रहा है। शहर के तिकोना पार्क, पुराना सिविल अस्पताल रोड, लाजपतराय चौक सहित विभिन्न भागों में जलभराव बन रहा है। सीवर ऊपर तक भर जाने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। पानी की निकासी नहीं होने से सीवर के मैनहोल बैक मार रहे हैं जिससे पानी सड़कों पर फैल रहा है। लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है। राजस्व विभाग के बारिश रिकार्डर एवं पटवारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि बौंदकलां खंड में सर्वाधिक 20 एमएम बारिश हो चुकी है।
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गर्मी से लोगों को राहत मिली है
बारिश होने पर लोगों को भीषण एवं उमस भरी गर्मी राहत मिल गई है। तापमान में काफी गिरावट आ गई है। बारिश होने पर बिजली की आपूर्ति में भी सुधार आ गया है। मानसून मेें देरी की वजह से इस बार लोगों को गर्मी लंबे समय तक झेलनी पड़ी है।
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खरीफ की फसल के लिए बूंदाबांदी लाभदायक
पिछले तीन दिनों से हो रही बूंदाबांदी कृषि क्षेत्र के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इस बारिश से खरीफ सीजन की फसलों को फायदा पहुंचेगा। जिले के विभिन्न भागों में अब तक औसतन 12 एमएम बारिश हो चुकी है। इस बरसात से किसानों को काफी लाभ होने की संभावना है। इस समय जिले में कपास, ज्वार व बाजरा की बिजाई की गई है। खंड कृषि अधिकारी हरबंस कुमार ने बताया कि बरसात के बाद किसान कपास में प्रति एकड़ 30 किलो यूरिया डाल सकते हैं साथ ही 1500 पीपीएम नीमेसिडिन की एक लीटर मात्रा को 100 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें तो कपास की फसल का रस चूसने वाले कीड़ों से बचाव होगा और पैदावार अच्छी होगी। हरबंस कुमार ने बताया कि बारिश होने के पश्चात जिन खेतों में कपास पर फूल आना शुरू हो गया है, उस पर पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए 21 प्रतिशत वाली आधा किलो जिंक और दो किलो यूरिया को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें। इससे पौधे को नाइट्रोजन, जिंक आदि पोषक तत्व मिलेंगे।

बाजरा के स्थान पर मूंग की बिजाई करने वाले किसानों को कृषि विभाग की ओर से 90 प्रतिशत सब्सिडी पर मूंग का बीज दिया जा रहा है। खंड कृषि अधिकारी ने बताया कि मूंग के बीज की चार किलोग्राम थैली की कीमत 540 रुपये है और इसे मात्र 54 रुपये में अनुदान पर दिया जा रहा है। मेरा पानी मेरी विरासत में पंजीकरण करवा चुके किसान कृषि विभाग का परमिट लेकर हरियाणा बीज विकास निगम की दुकान से मूंग का बीज अनुदान पर ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से किसानों की भलाई के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। मेरी फसल मेरा ब्योरा और मेरा पानी मेरी विरासत पोर्टल पर किसान केवल 15 जुलाई तक ही अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इसलिए वीरवार को यह पंजीकरण करवाना न भूलें। इसके बाद यह अवसर नहीं दिया जाएगा, जिससे आगे समर्थन मूल्य पर मंडी में फसल बेचने में दिक्कत आ सकती है।
तीन दिनों में इतनी हुई बारिश
12 जुलाई - छह एमएम
13 जुलाई - तीन एमएम
14 जुलाई - सात एमएम
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