फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Public health department will give notice to those who keep animals in the city, survey started

Charkhi Dadri News: शहर में पशु रखने वालों को जनस्वास्थ्य विभाग देगा नोटिस, सर्वे शुरू

Mon, 03 Apr 2023 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 03 Apr 2023 12:34 AM IST
विज्ञापन
Public health department will give notice to those who keep animals in the city, survey started
शहर की गली में बंधे पशु।
चरखी दादरी। शहर में जो लोग पशु रखते हैं, उन्हें अब जनस्वास्थ्य विभाग नोटिस भेजेगा। पशुओं के गोबर से सीवर लाइनें बार-बार रुक रही हैं और इसके लिए विभाग ने सर्वे का काम शुरू करवा दिया है। इन पशुपालकों की सूची तैयार की जा रही है और अगले सात दिन में यह सूची तैयार हो जाएगी और इसके बाद नोटिस देने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन

शहर में सीवर जाम होने का प्रमुख कारण पशुओं के गोबर को लाइनों में डालना भी है। गोबर की वजह से लाइनें जाम हो जाती है जिनको खोलना आसान काम नहीं होता। शहर की तकरीबन मेन लाइनें जवाब दे चुकी हैं। सीवर के पानी की निकासी नहीं होने से गलियों व सड़कों पर फैल जाता है जिससे लोग परेशानी झेल रहे हैं। शहर में करीब 175 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन है। यह लाइन कहीं न कहीं से ठप रहती है। जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। बारिश होने पर तो हालात और भी खराब हो जाते हैं।
विज्ञापन

सीवर की समस्या के स्थायी समाधान के लिए विभाग भी नए बिंदुओं पर काम कर रहा है जिनमें मेन नई लाइनें बिछाना, तीन नए डिस्पोजल बनाना, व जर्जर लाइनों को बदलना शामिल है। ये प्रोजेक्ट मंजूर हो चुका है अब जल्द ही इसके वर्क ऑर्डर होने वाले हैं। विभाग की प्लानिंग है कि मानसून सीजन से पहले इस काम को पूरा कर लिया जाए ताकि लोगों की सीवर की समस्या से स्थायी तौर निजात मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब विभाग दूसरी ओर आम लोगों से भी सहयोग मांग रहा है। शहर में काफी संख्या में लोग पालतु पशु रखते हैं। इन पशुओं के गोबर को पानी के जरिये सीवर लाइन में बहा दिया जाता है, क्योंकि पशुपालक के पास गोबर के निपटान के लिए इतनी जगह नहीं होती। काफी जागरूक पशुपालक तो गोबर के उपले बनाकर बिक्री कर देते हैं जिससे आय भी प्राप्त होती है और गोबर का सही सदुपयोग भी हो जाता है।
-शहर में हैं 21 वार्ड, पशुओं का जुटाया जा रहा विवरण
अब विभाग ने पशुपालकों की सर्वे शुरू कर दी है। सर्वे के तहत घर-घर जाकर पशुओं का विवरण जुटाया जा रहा है। पशुपालकों की सूची तैयार की जा रही है। सूची तैयार होने के बाद विभाग इनके पास नोटिस भेजेगा। नोटिस भेजकर पशुपालकों को गोबर सीवर लाइन में नहीं डाले जाने को कहा जाएगा। फिर बाद नहीं मानने पर विभागीय नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। शहर में 21 वार्ड हैं। पुराने शहर को छोड़कर बाहरी एवं नई कॉलोनियों में लोग ज्यादा संख्या में पशु रखते हैं। पशुपालक दूध की बिक्री कर अपनी आजीविका चला रहे हैं।

विभाग इन पशुपालकों को अब नोटिस भेजेगा। नोटिस के माध्यम से पशुओं का गोबर सीवर लाइन में नहीं डालने को कहा जाएगा। लोगों को चाहिए कि सीवर लाइनों में गोबर, प्लास्टिक एवं कचरा आदि न डालें। इससे आमजन को ही असुविधा होती है। लोगों के सहयोग से ही सीवर व्यवस्था को पटरी पर लाया जा सकता है।
-जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed