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Charkhi Dadri News: 29 साल से जलभराव का दंश झेल रहे मकड़ाना गांव

Sun, 15 Sep 2024 05:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sun, 15 Sep 2024 05:02 AM IST
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problem of waterlogging in makdana
चौपाल पर चर्चा::
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वर्ष 1995 से गांव में बनी है समस्या, ग्रामीण बोले : हर स्तर पर कर चुके प्रयास, अब तक नहीं हुआ समाधान
- शुक्रवार को हुई बारिश से 50 फीसदी गांव की गलियों में भरा डेढ़ से दो फीट तक पानी, ग्रामीणों की जुबां पर भी यही चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी

चरखी दादरी। जिले के गांव मकड़ाना में पिछले 29 साल से बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या बरकरार है। करीब छह हजार की आबादी वाले गांव में 2900 मतदाता हैं। इस समय चुनावी चर्चा में ग्रामीण खुलकर इस मुद्दे पर बात कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छह चुनाव बीत चुके हैं, लेकिन गांव की यह समस्या अब भी बरकरार है।
मकड़ाना गांव में चुनावी माहौल का जायजा लेने संवाददाता शनिवार दोपहर पहुंचा। गांव में प्रवेश करते ही चार ग्रामीण मिले। उनसे बात की गई तो सामने गली में भरे पानी की ओर इशारा करते हुए कहा कि गांव के ये हालात हैं। जलभराव की समस्या सबसे बड़ा मुद्दा है। वर्ष 1995 के बाद से ही इस समस्या का दंश झेल रहे हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष गांव मकड़ाना में बारिश के कारण जलभराव होता है। खेतों के मुकाबले गांव नीचा है। इसके चलते बारिश का पानी खेतों से गांव का रुख कर लेता है। शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश से आधे गांव की गलियों में जलभराव है। जबकि फसल में नुकसान अलग से है। अब विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा फिर से उठा है। ग्रामीण खुलकर इस पर बोल रहे हैं।
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- ग्रामीण बोले : लंबे समय से बनी समस्या, समाधान अब तक नहीं
ग्रामीण उमेद सिंह, वेदपाल, रणबीर, अत्तर, हरपाल, महेंद्र, जगदीश, उदय सिंह आदि ने बताया कि गांव में लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है। बारिश के समय गांव में पानी भर जाता है। निकासी के लिए कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की जाती। ग्रामीण अपने स्तर पर पानी को कच्चे नाले के रास्ते बाहर निकालते हैं।
- जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासन तक पहुंचा चुके मांग
समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण सांसद व विधायक समेत प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत सौंप चुके हैं, लेकिन, नतीजा सिफर है। इस बारिश के मौसम में भी गांव में स्थिति पहले की तरह बनी हुई है। अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है।
- जो करवाएगा समाधान, उसे देंगे वोट
ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव में जिस प्रत्याशी को वोट दिए, उसने गांव की सुध तक नहीं ली। अब ग्रामीण गांव की स्थिति व विकास कार्याें की उम्मीदों पर खरा उतरने वाले प्रत्याशी को ही वोट देने की योजना बना रहे हैं।


वर्सन
जलभराव के समय हम विभाग के संपर्क में रहते हैं। अगर ज्यादा समस्या होती है तो विभाग उसका समाधान करवाता है। फिलहाल, गांव के बाहरी क्षेत्र में जलभराव है। बारिश के समय हर साल यही हाल रहता है।

-सचिन फोगाट, सरपंच, मकड़ाना

फोटो 43
मकड़ाना गांव की गली में भरा पानी। संवाद
फोटो 44
मकड़ाना गांव में चुनावी चर्चा करते ग्रामीण। संवाद
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