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Charkhi Dadri News: अनाथ व बेसहारा बच्चों को मिलेगा नया घर, देखभाल के लिए परिवारों को सौंपेंगे
Thu, 07 Aug 2025 10:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 07 Aug 2025 10:02 PM IST
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बेसहारा बच्चों के लिए फोस्टर केयर योजना की लागू
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिले में अनाथ और बेसहारा बच्चों के लिए फोस्टर केयर योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत ऐसे बच्चों को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और पारिवारिक माहौल देने के उद्देश्य से चयनित पालक परिवारों को देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पालक परिवारों के बच्चों की देखभाल के लिए हर महीने चार हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह सुविधा उन बच्चों के लिए है जो या तो अनाथ है, उनके माता-पिता असमर्थ हैं, जेल में हैं या गंभीर बीमारी से पीडि़त हैं। ऐसे बच्चे जिनकी कोई देखभाल करने वाला नहीं है, उन्हें समाज के भरोसेमंद परिवारों के साथ जोड़ा जाएगा।
पीओएनआईसी मंजू धायल ने बताया कि बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई मिलकर योग्य पालक परिवारों की सूची तैयार करती हैं। इन बच्चों को एक तय समयावधि तक पालक परिवारों के पास रखा जाएगा। जरूरत पड़ऩे पर इस अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारण ने बताया कि इच्छुक परिवारों को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा। विभाग की टीम समय-समय पर पालक परिवारों का निरीक्षण भी करेंगी। जिन बच्चों को संस्थाओं से बाहर लाकर पारिवारिक माहौल देने की जरूरत होती है उनके लिए यह योजना बेहद कारगर साबित हो रही है।
इस संबंध में जिला बाल संरक्षण कार्यालय घिकाड़ा रोड दूरभाष नंबर 01250-297270 पर संपर्क कर सकते हैं। पालक परिवार बनने के लिए शर्तें पति-पत्नी भारतीय नागरिक हों। उनकी उम्र 35 वर्ष से कम होनी चाहिए। मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ हों। बच्चों की देखभाल के प्रति संवेदनशील हो और उनका आपराधिक रिकॉर्ड नहीं हो। ऐसे ही परिवारों को बच्चा सौंपा जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिले में अनाथ और बेसहारा बच्चों के लिए फोस्टर केयर योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत ऐसे बच्चों को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और पारिवारिक माहौल देने के उद्देश्य से चयनित पालक परिवारों को देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पालक परिवारों के बच्चों की देखभाल के लिए हर महीने चार हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह सुविधा उन बच्चों के लिए है जो या तो अनाथ है, उनके माता-पिता असमर्थ हैं, जेल में हैं या गंभीर बीमारी से पीडि़त हैं। ऐसे बच्चे जिनकी कोई देखभाल करने वाला नहीं है, उन्हें समाज के भरोसेमंद परिवारों के साथ जोड़ा जाएगा।
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पीओएनआईसी मंजू धायल ने बताया कि बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई मिलकर योग्य पालक परिवारों की सूची तैयार करती हैं। इन बच्चों को एक तय समयावधि तक पालक परिवारों के पास रखा जाएगा। जरूरत पड़ऩे पर इस अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारण ने बताया कि इच्छुक परिवारों को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा। विभाग की टीम समय-समय पर पालक परिवारों का निरीक्षण भी करेंगी। जिन बच्चों को संस्थाओं से बाहर लाकर पारिवारिक माहौल देने की जरूरत होती है उनके लिए यह योजना बेहद कारगर साबित हो रही है।
इस संबंध में जिला बाल संरक्षण कार्यालय घिकाड़ा रोड दूरभाष नंबर 01250-297270 पर संपर्क कर सकते हैं। पालक परिवार बनने के लिए शर्तें पति-पत्नी भारतीय नागरिक हों। उनकी उम्र 35 वर्ष से कम होनी चाहिए। मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ हों। बच्चों की देखभाल के प्रति संवेदनशील हो और उनका आपराधिक रिकॉर्ड नहीं हो। ऐसे ही परिवारों को बच्चा सौंपा जाएगा।