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Charkhi Dadri News: पठानकोट में प्रशिक्षण के दौरान पैरा कमांडो बलजीत चौहान शहीद, अंतिम संस्कार आज
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बलजीत सिंह फाइल फोटो
बौंद कलां। कस्बा बौंद कलां निवासी एवं भारतीय सेना के जवान बलजीत सिंह चौहान (24) पठानकोट में पैरा कमांडो प्रशिक्षण के दौरान शहीद हो गए। वीरवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचेगा, जहां राजकीय महाविद्यालय के सामने स्थित पंचायत की जमीन पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बलजीत सिंह चौहान की शहादत की खबर मिलते ही पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। बौंद कलां निवासी ग्रामीण विकास हरित ने बताया कि बलजीत सिंह चौहान, विक्रम सिंह चौहान के सबसे छोटे बेटे थे। वर्ष 2018 में वे भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे 13 पैरा कमांडो बटालियन में सेवारत थे और इन दिनों उत्तर प्रदेश के आगरा में तैनात थे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत वे पठानकोट में मौजूद थे, जहां मंगलवार को पानी में अभ्यास के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने पर उनकी माैत हो गई। शहीद का पार्थिव शरीर नेशनल हाईवे 152डी से होते हुए वीरवार सुबह लगभग 8 बजे गांव पहुंचेगा। पंचायत की ओर से अंतिम संस्कार स्थल पर मिट्टी आदि समतल कर तैयारी की जा रही है।
तीन भाइयों में सबसे छोटे थे बलजीत : बौंद कलां कस्बे में ऊण रोड पर रहने वाले विक्रम सिंह चौहान के तीन पुत्रों में बलजीत सिंह सबसे छोटे थे। पिता विक्रम सिंह चौहान रीढ़ की समस्या के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हैं। बेटे की शहादत की सूचना से परिवार गमगीन है, लेकिन बेटे के बलिदान पर गर्व भी व्यक्त कर रहा है।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत वे पठानकोट में मौजूद थे, जहां मंगलवार को पानी में अभ्यास के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने पर उनकी माैत हो गई। शहीद का पार्थिव शरीर नेशनल हाईवे 152डी से होते हुए वीरवार सुबह लगभग 8 बजे गांव पहुंचेगा। पंचायत की ओर से अंतिम संस्कार स्थल पर मिट्टी आदि समतल कर तैयारी की जा रही है।
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तीन भाइयों में सबसे छोटे थे बलजीत : बौंद कलां कस्बे में ऊण रोड पर रहने वाले विक्रम सिंह चौहान के तीन पुत्रों में बलजीत सिंह सबसे छोटे थे। पिता विक्रम सिंह चौहान रीढ़ की समस्या के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हैं। बेटे की शहादत की सूचना से परिवार गमगीन है, लेकिन बेटे के बलिदान पर गर्व भी व्यक्त कर रहा है।
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