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पंचायत चुनाव : जलभराव की समस्या और सुविधाएं उपलब्ध करवाने वाला हो सरपंच

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Oct 2022 10:54 PM IST
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Panchayat elections: Sarpanch should be the one to provide water logging problem and facilities
चरखी दादरी। ढाई हजार की आबादी वाले मिर्च गांव में चुनावी चर्चाएं जोर पकड़े हुए है। इस बार गांव के खेतों में जलभराव होना चुनावी मुद्दा रहेगा। इसके अलावा स्वास्थ्य और परिवहन सेवाओं की कमी भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव की समस्या और सुविधाओं की कमी को दूर करने वाले प्रत्याशी को ही वो गांव का मुखिया चुनेंगे।
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मिर्च गांव की बात करें तो यहां कुल वार्ड हैं जिनमें 1294 मतदाता हैं। गांव में 678 पुरुष और 616 महिला मतदाता हैं। अब अगर गांव के कृषि योग्य रकबा की बात करें तो 900 एकड़ हैं। अहम बात यह है कि हर साल मानसून सीजन मेें करीब 600 एकड़ फसल जलभराव के चलते खराब हो जाती हैं। गांव मिर्च निवासी पप्पू, दीपक, सोमबीर और रामसिंह ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से बनी है जिसका समाधान नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। इस समस्या को दूर कराने के लिए वो गांव के मुखिया से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार के नुमाइंदों से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर है। पहले किए गए प्रयास सिरे नहीं चढ़ने से अब ग्रामीणों को गांव के नए मुखिया से काफी उम्मीदें हैं।
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मिर्च गांव का रोहतक रोड से जुड़ाव डेढ़ किलामीटर लंबे लिंक रोड के जरिये होता है। इस मार्ग पर परिवहन की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों को गंतव्य स्थान पर जाने के लिए रोहतक रोड तक पैदल या फिर अन्य साधनों की मदद से पहुंचकर बस या अन्य वाहन पकड़ने पड़ रहे हैं। इसके अलावा गांव में स्ट्रीट लाइटों की कमी भी बनी है जिसे चलते गांव में आपराधिक वारदात होने का भय बना रहता है। ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि वो नए मुखिया का चुनाव सोच समझकर करेंगे।
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- गांव में नहीं पशु अस्पताल, मिसरी तक की कर रहे भागदौड़
मिर्च गांव में करीब 500 घर हैं और तकरीबन हर घर में मवेशी हैं। इसके बावजूद गांव में पशु अस्पताल नहीं है। पशुपालक रामबीर, रमेश, सुनील और मोहन ने बताया कि पशुओं के उपचार के लिए उन्हें गांव मिसरी स्थित पशु चिकित्सालय जाना पड़ता है और आने-जाने में छह किलोमीटर की दूरी तय करना उनके लिए आसान नहीं है। उन्होंने प्रशासन से गांव में पशु अस्पताल खोलने की मांग की है।
- जानिये...मिर्च के क्या हैं आंकड़े
घर- 500
आबादी-2500
मतदाता- 1294
पुरुष मतदाता-678
महिला मतदाता- 616
- ये हैं गांव की मुख्य समस्याएं
- परिवहन सेवाओं की कमी
- मिर्च-मिसरी लिंक रोड जर्जर होना।
- पशु अस्पताल की कमी।
- स्ट्रीट लाइटों की कमी।
- लाइब्रेरी में किताबों की कमी।
ग्रामीण बोले: परखने के बाद ही उम्मीदवार के पक्ष में करेंगे मतदान
- गांव में परिवहन सेवा की कमी है जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में पशु अस्पताल भी नहीं है जिससे पशुपालक परेशान हैं।
नरेश कुमार, ग्रामीण
- गांव में दूषित पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध नहीं होने से ग्रामीण परेशानियों से दो-चार हो रहे हैं। प्रशासन को भी कई बार अवगत करवा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
सतबीर, ग्रामीण
- मिर्च का मिसरी से जुड़ाव करने वाली सड़क लंबे समय से जर्जर है। इसके अलावा भी गांव में कई समस्याएं हैं जो लंबे समय से दूर नही हुई हैं। समस्याओं का समाधान कराने वाले प्रत्याशी को ही वोट दूंगा।

-राजेंद्र, ग्रामीण
- गांव में मूलभूत सुविधाएं नहीं होने से लोगों को दूसरे गांव जाना पड़ता है। लंबे समय से हमारा गांव मूलभूत सुविधाओं की कमी का दंश झेल रहा है और इस बार ये मांगें पूरी होने की उम्मीद है।
संदीप, ग्रामीण
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