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Charkhi Dadri News: मानसून से पहले बाढ़ प्रबंधन और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश
Thu, 11 Jun 2026 10:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 11 Jun 2026 10:52 PM IST
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अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए सांसद।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद धर्मबीर सिंह ने शहर के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सिंचाई विभाग और भवन एवं सड़क निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने जिला के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और आगामी मानसून सीजन को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण व जलभराव से निपटने की तैयारियों को समीक्षा की।
सांसद ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को कहा कि बढ़ते तापमान और गर्मी के मौसम में आमजन को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल की सुचारू आपूर्ति के लिए 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाए। जिन क्षेत्रों या गांवों में पानी की ज्यादा समस्या है वहां तुरंत प्रभाव से टैंकरों से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
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इसके साथ ही उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों में पाइप लाइन बदलनी है उन गांवों में नई पेयजल लाइन डाली जाए। जिन गांवों में टैंकों को नहीं भरा गया है उन गांवों में पेयजल टैंकों को जल्दी से जल्दी भरा जाए। जिन गांवों में पेयजल टैंकों के निर्माण कार्य में अड़चनें हैं उन्हें दूर करें और जो संबंधित एजेंसी निर्माण कार्य में लापरवाही बरत रही है उसे ब्लैक लिस्ट कर अन्य से कार्य शुरू करवाएं। इसके साथ ही उन्होंने सख्त लहजे में कहा की जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने कार्य में कोताही बरत रहा है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
बाढ़ प्रबंधन को लेकर दिए निर्देश
आगामी मानसून सीजन बाढ़ प्रबंधन को लेकर भी उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेते हुए संवेदनशील और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए अभी से पुख्ता प्रबंध किए जाएं। मानसून के आगमन से पहले जिला के सभी छोटे-बड़े नालों, ड्रेनों और सीवरेज सिस्टम की सफाई का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए। जलभराव वाले चिहि्नत स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पंप सेट और अन्य आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था अग्रिम रूप से की जाए।
सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा
सांसद ने कहा कि जिले में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय सीमा का भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। भवन एवं सड़क निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र व राज्य सरकार की ओर से जिला के विकास के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी किया जा रहा है, जिसका सही उपयोग धरातल पर दिखना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला में चल रहे सभी नए सड़क प्रोजेक्ट्स, सरकारी भवनों के निर्माण और पुरानी सड़कों के दुरुस्त करने के काम में तेजी लाई जाए।
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उन्होंने जिला के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और आगामी मानसून सीजन को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण व जलभराव से निपटने की तैयारियों को समीक्षा की।
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सांसद ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को कहा कि बढ़ते तापमान और गर्मी के मौसम में आमजन को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल की सुचारू आपूर्ति के लिए 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाए। जिन क्षेत्रों या गांवों में पानी की ज्यादा समस्या है वहां तुरंत प्रभाव से टैंकरों से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
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इसके साथ ही उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों में पाइप लाइन बदलनी है उन गांवों में नई पेयजल लाइन डाली जाए। जिन गांवों में टैंकों को नहीं भरा गया है उन गांवों में पेयजल टैंकों को जल्दी से जल्दी भरा जाए। जिन गांवों में पेयजल टैंकों के निर्माण कार्य में अड़चनें हैं उन्हें दूर करें और जो संबंधित एजेंसी निर्माण कार्य में लापरवाही बरत रही है उसे ब्लैक लिस्ट कर अन्य से कार्य शुरू करवाएं। इसके साथ ही उन्होंने सख्त लहजे में कहा की जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने कार्य में कोताही बरत रहा है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
बाढ़ प्रबंधन को लेकर दिए निर्देश
आगामी मानसून सीजन बाढ़ प्रबंधन को लेकर भी उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेते हुए संवेदनशील और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए अभी से पुख्ता प्रबंध किए जाएं। मानसून के आगमन से पहले जिला के सभी छोटे-बड़े नालों, ड्रेनों और सीवरेज सिस्टम की सफाई का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए। जलभराव वाले चिहि्नत स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पंप सेट और अन्य आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था अग्रिम रूप से की जाए।
सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा
सांसद ने कहा कि जिले में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय सीमा का भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। भवन एवं सड़क निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र व राज्य सरकार की ओर से जिला के विकास के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी किया जा रहा है, जिसका सही उपयोग धरातल पर दिखना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला में चल रहे सभी नए सड़क प्रोजेक्ट्स, सरकारी भवनों के निर्माण और पुरानी सड़कों के दुरुस्त करने के काम में तेजी लाई जाए।