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Charkhi Dadri News: अब सीवर-पेयजल कनेक्शन के लिए 1005 रुपये देने पड़ेंगे ज्यादा
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चंपापुरी स्थित जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय।
चरखी दादरी। पेयजल-सीवर उपभोक्ताओं को अब कनेक्शन लेने के लिए जेब और ढीली करनी पड़ेगी। सरकार ने पेयजल कनेक्शन के लिए फीस 1005 रुपये बढ़ा दी है। जो कनेक्शन पहले 6210 में जारी होता था अब वो 7210 रुपये में मिलेगा। इस कनेक्शन में सीवर की फीस भी शामिल है। शहर में इस समय करीब 17 हजार वैध पेयजल कनेक्शन हैं और करीब आठ हजार से ज्यादा अवैध कनेक्शन लगे हुए हैं।
बता दें कि करीब चार साल पहले जनस्वास्थ्य विभाग ने अवैध पेयजल कनेक्शन वैध करने के लिए डोर-टू-डोर अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत विभाग ने मात्र 500 रुपये में कनेक्शन वैध किए थे। विभाग की ओर से समय-समय पर लोगों को कनेक्शन वैध करवाने को भी कहा गया था। इसके बाद भी लोगों ने बिना विभाग की स्वीकृति के ही कनेक्शन कर लिए।
जिसके कारण पानी का समान रूप से वितरण भी नहीं हो पाता। वहीं, नया कनेक्शन लेते समय उपभोक्ता को रोड कट की फीस भी चुकानी पड़ती है। लोग विभाग के नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं।
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गांवों में 10 प्रतिशत लोग कर रहे पेयजल बिल का भुगतान
शहर में तो जागरूक लोग पेयजल कनेक्शन विभाग की स्वीकृति से ले लेते हैं, लेकिन गांवों में तो लोग कतई ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोग खुद ही मेन लाइन में कनेक्शन कर लेते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में जिन उपभोक्ताओं का कनेक्शन वैध है, उनमें से भी मुश्किल से दस प्रतिशत ही पेयजल बिल का भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में विभाग को राजस्व का मोटा नुकसान झेलना पड़ रहा है। अवैध कनेक्शन को काटने के लिए जब विभाग की ओर से अभियान चलाया जाता है तो लोगों का विरोध झेलना पड़ता है। ऐसे में विभाग भी बेबस बना हुआ है।
ये है कनेक्शन लेने की प्रक्रिया
अब सरकार ने पेयजल कनेक्शन की फीस 6205 से बढ़ाकर 7210 रुपये कर दी है। कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ता को विभाग में फाइल लगानी पड़ती है। उसके बाद विभाग का कर्मचारी मौके पर जाकर साइट का जायजा लेता है और फिर इसे स्वीकृति दी जाती है। तब जाकर कनेक्शन जारी होता है। जिला भर में 20 हजार से ज्यादा कनेक्शन अवैध रूप से लगे हुए हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- पेयजल व सीवर कनेक्शन की फीस बढ़ा दी गई है। नई फीस 7210 रुपये कर दी गई है। लोगों को चाहिए कि वे मकान निर्माण के दौरान ही पेयजल कनेक्शन की फाइल जमा करवाएं ताकि शुरुआत में ही कनेक्शन मिल सके। लोग पेयजल बिल राशि समय पर जमा करवाएं ताकि सरकार को राजस्व में नुकसान न हो पाए।
-विजय कुमार, बिल इंचार्ज, जनस्वास्थ्य विभाग
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बता दें कि करीब चार साल पहले जनस्वास्थ्य विभाग ने अवैध पेयजल कनेक्शन वैध करने के लिए डोर-टू-डोर अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत विभाग ने मात्र 500 रुपये में कनेक्शन वैध किए थे। विभाग की ओर से समय-समय पर लोगों को कनेक्शन वैध करवाने को भी कहा गया था। इसके बाद भी लोगों ने बिना विभाग की स्वीकृति के ही कनेक्शन कर लिए।
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जिसके कारण पानी का समान रूप से वितरण भी नहीं हो पाता। वहीं, नया कनेक्शन लेते समय उपभोक्ता को रोड कट की फीस भी चुकानी पड़ती है। लोग विभाग के नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं।
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गांवों में 10 प्रतिशत लोग कर रहे पेयजल बिल का भुगतान
शहर में तो जागरूक लोग पेयजल कनेक्शन विभाग की स्वीकृति से ले लेते हैं, लेकिन गांवों में तो लोग कतई ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोग खुद ही मेन लाइन में कनेक्शन कर लेते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में जिन उपभोक्ताओं का कनेक्शन वैध है, उनमें से भी मुश्किल से दस प्रतिशत ही पेयजल बिल का भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में विभाग को राजस्व का मोटा नुकसान झेलना पड़ रहा है। अवैध कनेक्शन को काटने के लिए जब विभाग की ओर से अभियान चलाया जाता है तो लोगों का विरोध झेलना पड़ता है। ऐसे में विभाग भी बेबस बना हुआ है।
ये है कनेक्शन लेने की प्रक्रिया
अब सरकार ने पेयजल कनेक्शन की फीस 6205 से बढ़ाकर 7210 रुपये कर दी है। कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ता को विभाग में फाइल लगानी पड़ती है। उसके बाद विभाग का कर्मचारी मौके पर जाकर साइट का जायजा लेता है और फिर इसे स्वीकृति दी जाती है। तब जाकर कनेक्शन जारी होता है। जिला भर में 20 हजार से ज्यादा कनेक्शन अवैध रूप से लगे हुए हैं।
-विजय कुमार, बिल इंचार्ज, जनस्वास्थ्य विभाग