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उपमंडल में नहीं अल्ट्रासाउंड की सुविधा, गर्भवती महिलाएं 75 किलोमीटर का सफर करने को विवश
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गोपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन।
- फोटो : CharkhiDadri
बाढड़ा। एकतरफ सरकार गर्भवती महिलाओं के लिए विभिन्न स्वास्थ्य योजनाएं चलाने का दम भर रही है तो दूसरी ओर बाढड़ा उपमंडल में गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जैसी मूलभूत सुविधा भी नहीं मिल रही है। उपमंडल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गर्भवती महिलाओं को दादरी सिविल अस्पताल रेफर किया जा रहा है। खास बात यह है कि वहां भी गर्भवती के तीमारदारों को पर्ची थमाकर निजी केंद्र पर भेजा जाता है। ऐसे में बाढड़ा क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को निशुल्क अल्ट्रासाउंड सुविधा का लाभ लेने के लिए करीब 75 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है।
बाढड़ा उपमंडल में करीब 49 ग्राम पंचायतें हैं और आबादी करीब तीन लाख से अधिक है। उपमंडल में सबसे बड़ा अस्पताल गोपी में है। यहां हाल ही में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बनकर तैयार हुआ है। बावजूद इसके स्वास्थ्य सेवाओं और संसाधनों की कमी बरकरार है। जिसका खामियाजा मरीजों और उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानियां तो बाढड़ा में अल्ट्रासाउंड सुविधा न होने से गर्भवती महिलाओं को आ रही है। उन्हें बाढड़ा स्थित निजी केंद्र पर 450 से 500 रुपये देकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है। अगर उन्हें निशुल्क सेवा का लाभ लेना है तो इसके लिए दादरी की भागदौड़ करनी पड़ रही है। बस में करीब 75 किलोमीटर का सफर तय करना गर्भवती महिलाओं के लिए आसान नहीं है।
संवाददाता ने गोपी सीएचसी पहुंचकर जब पड़ताल की तो सामने आया कि हर माह यहां से करीब 15 गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए दादरी रेफर किया जा रहा है। वहीं, स्टाफ से जब संवाददाता ने इस संबंध में बात की तो उन्होंने बताया कि सीएचसी की बजाय जिला अस्पताल में ही अल्ट्रासाउंड सुविधा का प्रावधान होता है। बाढड़ा में अगर उपमंडल स्तरीय अस्पताल बनता है तो यह सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
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परेशानी, मरीज की जुबानीं: भागदौड़ से बचने के लिए प्राइवेट केंद्र पर करवाया अल्ट्रासाउंड
गांव डांडमा निवासी गर्भवती महिला मनीता ने बताया कि वह अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए गोपी सीएचसी में आई थी लेकिन यहां से उसे दादरी रेफर कर दिया। दादरी जाने की बजाय मैं भिवानी गई और वहां 500 रुपये देकर एक निजी केंद्र पर अल्ट्रासाउंड करवा लिया। मनीता ने कहा कि यह सफर तय करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। सरकार को बाढड़ा में भी अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करनी चाहिए।
करीब तीन साल से नहीं है एलटी
संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि गोपी सीएचसी में पिछले करीब तीन साल से एलटी का पद रिक्त है जिसके कारण यहा खून से संबंधित नमूनों की जांच नहीं हो पा रही है। इसके चलते मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं, एसएमओ का पद भी यहां रिक्त है। इसके अलावा लिपिक का पद भी खाली होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है।
- 11 माह पहले सीएम ने किया था नए भवन का उद्घाटन
बता दें कि प्रदेश के सीएम मनोहर लाल ने 10 जून 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये गोपी सीएचसी के नए भवन का उद्घाटन किया था। इसके बाद करीब 50 गांवों के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी थी। करीब 11 माह बीतने के बाद भी यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा नहीं बढ़ा है। वहीं सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन तो दूर एलटी नहीं होने से खून की जांच भी नहीं हो रही है। जिससे मरीजों को दादरी या भिवानी के निजी अस्पतालों में महंगे दामों में अपना उपचार करवाना पड़ रहा है।
- 15 साल से बंद है एक्स-रे सेवा
गोपी सीएचसी में करीब 15 साल पहले एक्स-रे सुविधा थी। लंबा समय बीतने के बाद भी यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए भी मरीजों को दादरी सिविल अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में विशेषज्ञ की कमी है और इसके चलते एक्स-रे सुविधा 15 साल से बंद है।
बाढड़ा कस्बा से गोपी सीएचसी की दूरी पांच किलोमीटर है। वहां विशेषज्ञों की कमी के चलते हम कुछ सुविधाएं शुरू नहीं कर पा रहे हैं। विशेषज्ञों की तैनाती होते ही वहां स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ा दिया जाएगा।
-डॉ संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, चरखी दादरी
बाढड़ा में उपमंडल स्तरीय सिविल अस्पताल बनाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। जल्द ही इसके लिए भवन उपलब्ध करवा दिया जाएगा। इसके बाद मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपमंडलवासियों को मिलने लगेगा।
-नैना चौटाला, विधायक, बाढड़ा
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बाढड़ा उपमंडल में करीब 49 ग्राम पंचायतें हैं और आबादी करीब तीन लाख से अधिक है। उपमंडल में सबसे बड़ा अस्पताल गोपी में है। यहां हाल ही में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बनकर तैयार हुआ है। बावजूद इसके स्वास्थ्य सेवाओं और संसाधनों की कमी बरकरार है। जिसका खामियाजा मरीजों और उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानियां तो बाढड़ा में अल्ट्रासाउंड सुविधा न होने से गर्भवती महिलाओं को आ रही है। उन्हें बाढड़ा स्थित निजी केंद्र पर 450 से 500 रुपये देकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है। अगर उन्हें निशुल्क सेवा का लाभ लेना है तो इसके लिए दादरी की भागदौड़ करनी पड़ रही है। बस में करीब 75 किलोमीटर का सफर तय करना गर्भवती महिलाओं के लिए आसान नहीं है।
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संवाददाता ने गोपी सीएचसी पहुंचकर जब पड़ताल की तो सामने आया कि हर माह यहां से करीब 15 गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए दादरी रेफर किया जा रहा है। वहीं, स्टाफ से जब संवाददाता ने इस संबंध में बात की तो उन्होंने बताया कि सीएचसी की बजाय जिला अस्पताल में ही अल्ट्रासाउंड सुविधा का प्रावधान होता है। बाढड़ा में अगर उपमंडल स्तरीय अस्पताल बनता है तो यह सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
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परेशानी, मरीज की जुबानीं: भागदौड़ से बचने के लिए प्राइवेट केंद्र पर करवाया अल्ट्रासाउंड
गांव डांडमा निवासी गर्भवती महिला मनीता ने बताया कि वह अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए गोपी सीएचसी में आई थी लेकिन यहां से उसे दादरी रेफर कर दिया। दादरी जाने की बजाय मैं भिवानी गई और वहां 500 रुपये देकर एक निजी केंद्र पर अल्ट्रासाउंड करवा लिया। मनीता ने कहा कि यह सफर तय करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। सरकार को बाढड़ा में भी अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करनी चाहिए।
करीब तीन साल से नहीं है एलटी
संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि गोपी सीएचसी में पिछले करीब तीन साल से एलटी का पद रिक्त है जिसके कारण यहा खून से संबंधित नमूनों की जांच नहीं हो पा रही है। इसके चलते मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं, एसएमओ का पद भी यहां रिक्त है। इसके अलावा लिपिक का पद भी खाली होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है।
- 11 माह पहले सीएम ने किया था नए भवन का उद्घाटन
बता दें कि प्रदेश के सीएम मनोहर लाल ने 10 जून 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये गोपी सीएचसी के नए भवन का उद्घाटन किया था। इसके बाद करीब 50 गांवों के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी थी। करीब 11 माह बीतने के बाद भी यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा नहीं बढ़ा है। वहीं सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन तो दूर एलटी नहीं होने से खून की जांच भी नहीं हो रही है। जिससे मरीजों को दादरी या भिवानी के निजी अस्पतालों में महंगे दामों में अपना उपचार करवाना पड़ रहा है।
- 15 साल से बंद है एक्स-रे सेवा
गोपी सीएचसी में करीब 15 साल पहले एक्स-रे सुविधा थी। लंबा समय बीतने के बाद भी यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए भी मरीजों को दादरी सिविल अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में विशेषज्ञ की कमी है और इसके चलते एक्स-रे सुविधा 15 साल से बंद है।
बाढड़ा कस्बा से गोपी सीएचसी की दूरी पांच किलोमीटर है। वहां विशेषज्ञों की कमी के चलते हम कुछ सुविधाएं शुरू नहीं कर पा रहे हैं। विशेषज्ञों की तैनाती होते ही वहां स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ा दिया जाएगा।
-डॉ संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, चरखी दादरी
बाढड़ा में उपमंडल स्तरीय सिविल अस्पताल बनाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। जल्द ही इसके लिए भवन उपलब्ध करवा दिया जाएगा। इसके बाद मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपमंडलवासियों को मिलने लगेगा।
-नैना चौटाला, विधायक, बाढड़ा