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Charkhi Dadri News: दादरी में शुरू नहीं हुई लेबर और फैमिली कोर्ट, दूसरे जिलों में जाकर लड़ने पड़ रहे केस
Sat, 09 Nov 2024 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 09 Nov 2024 02:04 AM IST
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- जिला बनने के बाद बढ़कर नौ हुई कोर्ट संख्या, दोनों कोर्ट शुरू होने का इंतजार बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी को जिला बने करीब आठ साल हो चुके हैं। जिला बनने के बाद भी यहां लेबर और फैमिली कोर्ट शुरू नहीं हो पाई है। इसके चलते अधिवक्ताओं के साथ उनके मुवक्किल भी परेशान हैं। वहीं, स्थानीय अधिवक्ताओं ने भी दादरी में दोनों कोर्ट जल्द शुरू करने की मांग की है।
जिला बनने के बाद दादरी न्यायिक परिसर में कोर्ट और अधिवक्ताओं दोनों की संख्या बढ़ी है। इस समय यहां 9 कोर्ट चल रही हैं। 1100 अधिवक्ता जिला बार एसोसिएशन के सदस्य हैं। मौजूदा कोर्ट परिसर में जगह का अभाव है। इसके चलते भी कोर्ट की कमी दूर नहीं हो पा रही है।
अधिवक्ताओं की मानें तो फैमिली और लेबर कोर्ट शुरू न होने से सबसे अधिक परेशानी हो रही है। इन मामलों की पैरवी करने के लिए दूसरे जिलों की कोर्ट में भाग-दौड़ करनी पड़ रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि अगर दोनों कोर्ट की सुविधा दादरी में मिल जाए तो उनके साथ क्लाइंट की परेशानी भी दूर हो जाएगी। जिला बनने के बाद अब कोर्ट सेवाओं में विस्तार की जरूरत है।
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- प्रतिदिन आते हैं 3,000 से ज्यादा लोग
कोर्ट संख्या बढ़ने के बाद न्यायालय परिसर में आने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है। दादरी जिस समय उपमंडल था, उस दौरान प्रतिदिन 800 से एक हजार लोग आते थे। अब संख्या 3,000 का आंकड़ा पार कर चुकी है। ऐसे में न्यायिक सुविधाओं में विस्तार होने से लोगों को राहत मिलेगी।
वर्सन:
दादरी में अभी फैमिली और लेबर कोर्ट नहीं हैं। अधिवक्ताओं को दूसरे जिलों की कोर्ट में जाकर मामलों की पैरवी करनी पड़ रही है। बार एसोसिएशन प्रयास करेगा कि जल्द से जल्द दादरी न्यायिक परिसर में दोनों कोर्ट शुरू हो जाएं।
-नसीब राणा, प्रधान, दादरी बार एसोसिएशन
फोटो 14
चरखी दादरी न्यायिक परिसर। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी को जिला बने करीब आठ साल हो चुके हैं। जिला बनने के बाद भी यहां लेबर और फैमिली कोर्ट शुरू नहीं हो पाई है। इसके चलते अधिवक्ताओं के साथ उनके मुवक्किल भी परेशान हैं। वहीं, स्थानीय अधिवक्ताओं ने भी दादरी में दोनों कोर्ट जल्द शुरू करने की मांग की है।
जिला बनने के बाद दादरी न्यायिक परिसर में कोर्ट और अधिवक्ताओं दोनों की संख्या बढ़ी है। इस समय यहां 9 कोर्ट चल रही हैं। 1100 अधिवक्ता जिला बार एसोसिएशन के सदस्य हैं। मौजूदा कोर्ट परिसर में जगह का अभाव है। इसके चलते भी कोर्ट की कमी दूर नहीं हो पा रही है।
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अधिवक्ताओं की मानें तो फैमिली और लेबर कोर्ट शुरू न होने से सबसे अधिक परेशानी हो रही है। इन मामलों की पैरवी करने के लिए दूसरे जिलों की कोर्ट में भाग-दौड़ करनी पड़ रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि अगर दोनों कोर्ट की सुविधा दादरी में मिल जाए तो उनके साथ क्लाइंट की परेशानी भी दूर हो जाएगी। जिला बनने के बाद अब कोर्ट सेवाओं में विस्तार की जरूरत है।
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- प्रतिदिन आते हैं 3,000 से ज्यादा लोग
कोर्ट संख्या बढ़ने के बाद न्यायालय परिसर में आने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है। दादरी जिस समय उपमंडल था, उस दौरान प्रतिदिन 800 से एक हजार लोग आते थे। अब संख्या 3,000 का आंकड़ा पार कर चुकी है। ऐसे में न्यायिक सुविधाओं में विस्तार होने से लोगों को राहत मिलेगी।
वर्सन:
दादरी में अभी फैमिली और लेबर कोर्ट नहीं हैं। अधिवक्ताओं को दूसरे जिलों की कोर्ट में जाकर मामलों की पैरवी करनी पड़ रही है। बार एसोसिएशन प्रयास करेगा कि जल्द से जल्द दादरी न्यायिक परिसर में दोनों कोर्ट शुरू हो जाएं।
-नसीब राणा, प्रधान, दादरी बार एसोसिएशन
फोटो 14
चरखी दादरी न्यायिक परिसर। संवाद