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55 एमएम बारिश में फिर दरिया बने बाजार, धरे रह गए इंतजाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Sep 2021 12:17 AM IST
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Market became a water logging again in 55 mm of rain, arrangements were left
शहर के कोर्ट रोड पर बारिश से भरे पानी से गुजरती कार। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। जिला में मानसून की विदाई पर एक बार फिर इंद्रदेव जमकर बरसे। दोपहर बाद तेज बारिश हुई। शहर में करीब 55 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश ने फिर व्यवस्थाओं को पंगु साबित कर दिया। शहर की सड़के दरिया बनी नजर आई तो दुकानदारों का सामान पानी में तैरता दिखा। कॉलोनियों के हालात भी बदतर नजर आए और घरों में भी लोग बाल्टियों से पानी निकालते दिखे। हर कोई इन अव्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन, विभागीय अधिकारियों को कोस रहा था। बारिश से खरीफ की फसलों में फायदा कम नुकसान ज्यादा होने की संभावना है।
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चरखी दादरी में एक सितंबर को रिकार्ड 123 एमएम बारिश हुई थी। उसके बाद मानसून की विदाई पर मंगलवार को फिर इंद्रदेव जमकर बरसे। पिछले पांच-छह दिनों से उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल थे। पूर्वी नमी वाली हवाएं जरूर चल रही थीं लेकिन दिन में धूप खिलने पर उमस भरी गर्मी बढ़ रही थी।
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सोमवार से ही आसमान में बादल छा गए थे। मंगलवार दोपहर के समय मौसम में अचानक बदलाव आया और तेज हवाओं के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक बदरा जमकर बरसे। दादरी शहर में करीब 55 एमएम बारिश दर्ज की गई। पूरा शहर जलमग्र हो गया। सीवर मेनहॉल ओवरफ्लो हो गए। शहर के रोहतक फव्वारा चौक, किला मैदान रोड, लाजपतराय चौक, रेस्ट हाउस मार्ग, नगर परिषद परिसर, डीसी आवास मार्ग, जांगड़ा मार्केट, पुरानी एलआईसी वाली गली सहित विभिन्न मार्गों में जलभराव से लोग परेशान रहे। हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग ने पानी निकासी के लिए पंप मोटरें लगा रखी हैं। फिलहाल नगर में सीवर की सभी मेन लाइनें ऊपर तक भरी हुई है।
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फसलों में भी होगा नुकसान
बारिश से खरीफ की फसलों में फायदा कम नुकसान ज्यादा पहुंचने के आसार हैं। बाजरा की फसल की कटाई का कार्य चल रहा है। ग्वार, मूंग व कपास की फसलों में फिलहाल बारिश से कोई फायदा नजर नहीं आ रहा है। किसान राम कुमार, मांगेराम, चंद्र सिंह नंबरदार व जगमाल ने बताया कि बारिश से अगली रबी की फसलों की बिजाई का कार्य अब आसानी हो जाएगा क्योंकि यह नमी जमीन में लंबे समय तक बनी रहेगी जिससे सरसों, चना व मेथी आदि रबी की फसलों की बिजाई का कार्य आसानी से हो जाएगा। इस बार बिजित रकबा भी बढ़ने की संभावना है।
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