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Charkhi Dadri News: झुके और क्षतिग्रस्त बिजली के खंभे बने हादसों का कारण, शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं
Thu, 06 Aug 2026 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 06 Aug 2026 01:12 AM IST
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सरदार झाडू सिंह चौक समीप मातृ शिशु अस्पताल के सामने दीवार के सहारे रखा बिजली पोल।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। शहर के विभिन्न बाजारों, मुख्य मार्गों और रिहायशी क्षेत्रों में झुके और क्षतिग्रस्त बिजली के पोल आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। कई स्थानों पर पोल एक ओर झुक गए हैं जबकि कुछ पोल के निचले हिस्से में दरारें आने से उनकी मजबूती भी कमजोर पड़ चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज हवा या किसी वाहन की मामूली टक्कर से भी ये पोल कभी भी गिर सकते हैं जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। शहर के व्यस्त बाजारों और प्रमुख सड़कों से प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है।
सुबह और शाम के समय स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में इन मार्गों से गुजरते हैं। ऐसे में जर्जर और झुके हुए बिजली पोल लोगों के मन में लगातार भय का माहौल बनाए हुए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन पोल को नहीं बदला गया तो किसी भी दिन कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
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स्थानीय नागरिकों के अनुसार कई स्थानों पर पोल वर्षों पुराने हो चुके हैं। लगातार बारिश, मौसम के प्रभाव और रखरखाव के अभाव में उनकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कुछ पोल की नींव कमजोर पड़ चुकी है जिसके कारण वे एक ओर झुक गए हैं।
बरसाती मौसम में बढ़ी समस्या
बरसात के मौसम में जमीन नरम होने से इनके गिरने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। नागरिकों ने बताया कि इस समस्या को लेकर अनेक बार बिजली निगम कार्यालय में लिखित एवं मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं।
संबंधित अधिकारियों को झुके हुए खंभों की जानकारी भी दी गई लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान न होने से लोगों में बिजली निगम के प्रति गहरी नाराजगी व्याप्त है। लोगों का कहना है कि विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार करता दिखाई दे रहा है।
जनहानि व मालहानि का खतरा बना
व्यापारियों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में यदि कोई पोल गिरता है तो इससे न केवल जनहानि हो सकती है बल्कि आसपास की दुकानों, वाहनों और बिजली आपूर्ति को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है। राहगीरों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे पोलों को तत्काल बदलना या उनकी मरम्मत कराना आवश्यक है। शहरवासियों ने बिजली निगम के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पूरे शहर में विशेष अभियान चलाकर झुके, जर्जर और क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों का सर्वे कराया जाए।
इन क्षेत्रों में झुके व टूटे हुए हैं बिजली पोल
सुभाष चौक स्थित रंगीला हनुमान मंदिर, छोटी बाजारी स्थित नागवान मोहल्ला, छोटी बाजारी मुख्य रोड, भगवती देवी मंदिर के समीप, मातृ शिशु अस्पताल के सामने, सैनी गंज मोहल्ला सहित अनेक क्षेत्रों में झुके हुए बिजली पोल हादसों का बड़ा कारण बन सकते हैं।
जिन खंभों की स्थिति खतरनाक है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नागरिकों का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई ही जन-धन की हानि को रोक सकती है।
वर्सन:
जल्द ही टीम का गठन कर शहर में झुके व टूटे हुए खंभों की जानकारी लेने के लिए बड़े स्तर पर सर्वे करवाया जाएगा। इसके बाद जरूरत अनुसार नए पोल लगवाने का कार्य करवाया जाएगा। -आशीष सोढ़ी, कार्यवाहक एसडीओ, बिजली निगम।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज हवा या किसी वाहन की मामूली टक्कर से भी ये पोल कभी भी गिर सकते हैं जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। शहर के व्यस्त बाजारों और प्रमुख सड़कों से प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है।
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सुबह और शाम के समय स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में इन मार्गों से गुजरते हैं। ऐसे में जर्जर और झुके हुए बिजली पोल लोगों के मन में लगातार भय का माहौल बनाए हुए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन पोल को नहीं बदला गया तो किसी भी दिन कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
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स्थानीय नागरिकों के अनुसार कई स्थानों पर पोल वर्षों पुराने हो चुके हैं। लगातार बारिश, मौसम के प्रभाव और रखरखाव के अभाव में उनकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कुछ पोल की नींव कमजोर पड़ चुकी है जिसके कारण वे एक ओर झुक गए हैं।
बरसाती मौसम में बढ़ी समस्या
बरसात के मौसम में जमीन नरम होने से इनके गिरने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। नागरिकों ने बताया कि इस समस्या को लेकर अनेक बार बिजली निगम कार्यालय में लिखित एवं मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं।
संबंधित अधिकारियों को झुके हुए खंभों की जानकारी भी दी गई लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान न होने से लोगों में बिजली निगम के प्रति गहरी नाराजगी व्याप्त है। लोगों का कहना है कि विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार करता दिखाई दे रहा है।
जनहानि व मालहानि का खतरा बना
व्यापारियों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में यदि कोई पोल गिरता है तो इससे न केवल जनहानि हो सकती है बल्कि आसपास की दुकानों, वाहनों और बिजली आपूर्ति को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है। राहगीरों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे पोलों को तत्काल बदलना या उनकी मरम्मत कराना आवश्यक है। शहरवासियों ने बिजली निगम के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पूरे शहर में विशेष अभियान चलाकर झुके, जर्जर और क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों का सर्वे कराया जाए।
इन क्षेत्रों में झुके व टूटे हुए हैं बिजली पोल
सुभाष चौक स्थित रंगीला हनुमान मंदिर, छोटी बाजारी स्थित नागवान मोहल्ला, छोटी बाजारी मुख्य रोड, भगवती देवी मंदिर के समीप, मातृ शिशु अस्पताल के सामने, सैनी गंज मोहल्ला सहित अनेक क्षेत्रों में झुके हुए बिजली पोल हादसों का बड़ा कारण बन सकते हैं।
जिन खंभों की स्थिति खतरनाक है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नागरिकों का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई ही जन-धन की हानि को रोक सकती है।
वर्सन:
जल्द ही टीम का गठन कर शहर में झुके व टूटे हुए खंभों की जानकारी लेने के लिए बड़े स्तर पर सर्वे करवाया जाएगा। इसके बाद जरूरत अनुसार नए पोल लगवाने का कार्य करवाया जाएगा। -आशीष सोढ़ी, कार्यवाहक एसडीओ, बिजली निगम।