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25 उप स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन निर्माण में अटका जमीन की शर्त का रोड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jul 2022 11:51 PM IST
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Land condition stuck in the construction of new buildings of 25 sub-health centers
चरखी दादरी। जिले के 25 उप स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन निर्माण में अब सरकार की शर्त का नया रोड़ा अटक गया है। सरकार ने नए भवनों के लिए आधा एकड़ जमीन होने की शर्त लगाई है और ज्यादातर उप स्वास्थ्य केंद्र इस अनिवार्यता को पूरी नहीं कर रहे हैं। ऐसे में जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी असमंजस में है। दूसरी ओर इन 25 गांवों के ग्रामीण लंबे समय से नए भवनों का निर्माण होने की बाट जोह रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार के निर्देशानुसार फिलहाल सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों की जमीन का ब्योरा मांगा गया है।
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जिले में 35 से अधिक उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन लंबे समय से जर्जर हैं। गत साल अक्तूबर माह में सरकार के निर्देशों पर पुराने भवनों की मौजूदा स्थिति जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से संपर्क किया था। उसके बाद संयुक्त टीम ने इन भवनों का निरीक्षण किया। टीम ने 25 भवनों को जर्जर बताया था जबकि दस में मरम्मत की दरकार बताई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी से तैयार करवाई गई रिपोर्ट अगली कार्रवाई के लिए सरकार के पास भेजी थी। उस दौरान कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार जल्द ही बजट जारी कर देगी, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाना था। सरकार ने उम्मीदों के अनुसार बजट तो जारी नहीं किया, ऊपर से नए भवन निर्माण के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र के पास आधा एकड़ जमीन होने की शर्त जरूर लगा दी है। सूत्रों के अनुसार जिले के ज्यादातर उप स्वास्थ्य केंद्रों का दायरा इतना नहीं है और ऐसे में अब अधिकारी असमंजस की स्थिति में हैं। दूसरी ओर उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण अटकने से यहां स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं और इसका खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं।
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- बैठने तक की जगह नहीं, स्टाफ व मरीज दोनों परेशान -
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात स्टाफ भी बेहद परेशान है। उन्हें बैठने तक की जगह मुहैया नहीं हो पा रही। सूत्रों के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्रों का स्टाफ किसी गांव में पंचायत घर में तो किसी गांव में लोगों के घर एक कमरा लेकर बैठ रहा है। एक उप स्वास्थ्य केंद्र की दैनिक ओपीडी आठ से दस के बीच रहती है। कुछ स्वास्थ्य केंद्र ऐसे भी हैं, जहां ओपीडी 15 तक पहुंच जाती है। इन 25 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन 200 मरीज पहुंचते हैं।
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- इन गांवों में बनने प्रस्तावित हैं नए भवन
चांगरोड, चंदेनी, मौड़ी, कलियाणा, घसोला, मकड़ाना, तिवाला, बिरही कलां, जीतपुरा, डुडीवाला किशनपुरा, रासीवास, रावलधी, मिसरी, सांजरवास, लोहरवाड़ा, बास, झिंझर, समसपुर, लाहरवाड़ा, मोरवाला, बिगोवा, सांतौर, बौंद खुर्द, कारी रूपा, उण, फतेहगढ़ आदि गांव में बने उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन पीडब्ल्यूडी ने कंडम माने हैं। इन गांवों में नए भवन बनने प्रस्तावित हैं।
- कंडम भवनों को गिराने का एस्टीमेट भी तैयार करवा चुका विभाग -
पीडब्ल्यूडी से ही स्वास्थ्य विभाग ने 25 उप स्वास्थ्य केंद्रों के कंडम भवनों को गिराने पर आने वाला खर्च का ब्योरा तक तैयार करवा लिया था, लेकिन नए का निर्माण शुरू कराने की बजाय सरकार ने जमीन की शर्त लगा दी। वहीं, सूत्रों के अनुसार एक उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए सरकार 50 से 55 लाख मंजूर करती है।

वर्जन::
सरकार के हमें इस संबंध में निर्देश मिले है, जिसके आधार पर सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों से जमीन का ब्योरा मांगा गया है। ब्योरा आते ही हम अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज देंगे। सरकार के निर्देश मिलने के बाद ही अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, चरखी दादरी।
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