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Charkhi Dadri News: बोतलों से गुलदस्ते, पेन स्टैंड, ब्रश और सजावटी तितलियां तैयार कर रहीं जमुना देवी
Sun, 15 Mar 2026 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 15 Mar 2026 12:09 AM IST
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जमुना देवी द्वारा बनाई वस्तुओं को देखते हुए स्वच्छ भारत मिशन इंचार्ज ज्योति शर्मा।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। स्वच्छ भारत मिशन शहरी के तहत नगर परिषद की ओर से चलाए जा रहे नारी लीड स्वच्छता अभियान में ऐसी महिलाओं की तलाश की जा रही है जो घर और समाज में स्वच्छता के साथ-साथ कचरे के पुनः उपयोग यानी वेस्ट से बेस्ट और ट्रिपल आर, रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकिल गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं। इसी कड़ी में वार्ड नंबर-19 निवासी जमुना देवी पत्नी रामफल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं।
स्वच्छ भारत मिशन की इंचार्ज ज्याेति शर्मा ने जमुना देवी के घर का निरीक्षण किया व जमुना देवी की और से बनाए उत्पादों की जानकारी ली। ज्याेति ने कहा कि जमुना व उनके पति सही मायने में नारी लीड स्वच्छता अभियान के मतलब को साबित कर रही हैं। जमुना देवी ने स्वच्छता को एक अभियान नहीं बल्कि अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है।
जैविक खाद कर रही तैयार
जमुना पिछले छह-सात वर्षों से अपने घर में निकलने वाले गीले कचरे का उपयोग करके जैविक खाद तैयार कर रही हैं। रसोई से निकलने वाले सब्जियों और फलों के अवशेषों को फेंकने के बजाय वह उन्हें एकत्रित कर खाद बनाती हैं। खास बात यह है कि वह सिर्फ अपने घर का ही नहीं बल्कि आसपास के घरों से भी गीला कचरा इकट्ठा कर उसे खाद में बदल रही हैं।
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नर्सरी में तैयार की पाैध
जमुना देवी ने अपने घर पर एक छोटी नर्सरी भी तैयार कर रखी है जिसमें विभिन्न प्रकार की सब्जियों, फलों और पेड़ों की पौध तैयार की जाती है। इन पौधों को वह जरूरतमंद लोगों और आसपास के निवासियों को निशुल्क वितरित करती हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित हो सकें।
वेस्ट से बना रही बेस्ट
जमुना देवी अपने घर पर पुराने और बचे हुए कपड़ों से सोफा और गद्दियों के कवर, डाइनिंग चेयर कवर, एसी और वाटर कूलर कवर, बैग व पर्स आदि बनाती हैं। कपड़ों के छोटे-छोटे टुकड़ों को जोड़कर बेडशीट और बैठने के लिए मेट तैयार किए जाते हैं। कपड़ों की पैकिंग में आने वाली फोम से गद्दियां बनाई जाती हैं। प्लास्टिक और कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतलों का भी वह रचनात्मक उपयोग करती हैं। इन बोतलों से गुलदस्ते, पेन स्टैंड, ब्रश और कोलगेट रखने के स्टैंड, लाइटर स्टैंड और सजावटी तितलियां तैयार की जाती हैं। इसके साथ ही प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग जाले साफ करने वाले उपकरण बनाने में भी किया जाता है। इस पूरे कार्य में उनके पति रामफल भी उनका पूरा सहयोग करते हैं।
वर्सन :
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी दीपक गोयल के निर्देश अनुसार शहर की ऐसी महिलाओं की तलाश की जा रही है, जो सफाई व पर्यावरण को लेकर सराहनीय पहल कर रही हैं। इसी कड़ी में जमुना के घर का निरीक्षण किया गया है। जमुना का प्रयास न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देता है बल्कि पर्यावरण संरक्षण और लोगों को जागरूक करने का भी महत्वपूर्ण काम कर रहा है। - ज्योति शर्मा, इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन, नगर परिषद
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स्वच्छ भारत मिशन की इंचार्ज ज्याेति शर्मा ने जमुना देवी के घर का निरीक्षण किया व जमुना देवी की और से बनाए उत्पादों की जानकारी ली। ज्याेति ने कहा कि जमुना व उनके पति सही मायने में नारी लीड स्वच्छता अभियान के मतलब को साबित कर रही हैं। जमुना देवी ने स्वच्छता को एक अभियान नहीं बल्कि अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है।
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जैविक खाद कर रही तैयार
जमुना पिछले छह-सात वर्षों से अपने घर में निकलने वाले गीले कचरे का उपयोग करके जैविक खाद तैयार कर रही हैं। रसोई से निकलने वाले सब्जियों और फलों के अवशेषों को फेंकने के बजाय वह उन्हें एकत्रित कर खाद बनाती हैं। खास बात यह है कि वह सिर्फ अपने घर का ही नहीं बल्कि आसपास के घरों से भी गीला कचरा इकट्ठा कर उसे खाद में बदल रही हैं।
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नर्सरी में तैयार की पाैध
जमुना देवी ने अपने घर पर एक छोटी नर्सरी भी तैयार कर रखी है जिसमें विभिन्न प्रकार की सब्जियों, फलों और पेड़ों की पौध तैयार की जाती है। इन पौधों को वह जरूरतमंद लोगों और आसपास के निवासियों को निशुल्क वितरित करती हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित हो सकें।
वेस्ट से बना रही बेस्ट
जमुना देवी अपने घर पर पुराने और बचे हुए कपड़ों से सोफा और गद्दियों के कवर, डाइनिंग चेयर कवर, एसी और वाटर कूलर कवर, बैग व पर्स आदि बनाती हैं। कपड़ों के छोटे-छोटे टुकड़ों को जोड़कर बेडशीट और बैठने के लिए मेट तैयार किए जाते हैं। कपड़ों की पैकिंग में आने वाली फोम से गद्दियां बनाई जाती हैं। प्लास्टिक और कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतलों का भी वह रचनात्मक उपयोग करती हैं। इन बोतलों से गुलदस्ते, पेन स्टैंड, ब्रश और कोलगेट रखने के स्टैंड, लाइटर स्टैंड और सजावटी तितलियां तैयार की जाती हैं। इसके साथ ही प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग जाले साफ करने वाले उपकरण बनाने में भी किया जाता है। इस पूरे कार्य में उनके पति रामफल भी उनका पूरा सहयोग करते हैं।
वर्सन :
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी दीपक गोयल के निर्देश अनुसार शहर की ऐसी महिलाओं की तलाश की जा रही है, जो सफाई व पर्यावरण को लेकर सराहनीय पहल कर रही हैं। इसी कड़ी में जमुना के घर का निरीक्षण किया गया है। जमुना का प्रयास न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देता है बल्कि पर्यावरण संरक्षण और लोगों को जागरूक करने का भी महत्वपूर्ण काम कर रहा है। - ज्योति शर्मा, इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन, नगर परिषद