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घर को स्वर्ग और नरक बनाना नारी के हाथ में: डॉ. समीक्षा
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चरखी दादरी। स्थानीय छोटी बजारी स्थित श्री जैन स्थानक परिसर में श्रमणी गौरव शक्तिप्रभा महाराज ने कहा कि भगवान महावीर ने परिवार के लिए एक मूल मंत्र संयम दिया है। इसमें जीवन के समस्त गुण छिपे हैं। इसमें तर्क न होना, जहां तर्क- वितर्क वहां समर्पण नहीं, जहां संयम वहीं समपर्ण है... यही परिवार की असली खुशी का मूल है। महराज ने कहा कि क्रोध के
कई कारण हो सकते हैं, इसके चलते आपसी ईर्ष्या का भाव उत्पन्न होता है, जो परिवार को विघटन की रस्सी में लपेट लेता है। जीवन में पत्थर पर खींची लकीर की तरह नहीं, बल्कि तालाब की रेखा के समान रहो जो तुरंत मिट जाए। आपसी वैरभाव भूला दो।
डॉ. समीक्षा ने कहा कि नारी परिवार को स्वर्ग व नरक बना सकती है। यदि परिवार में त्याग, प्रेम की भावना, समर्पण संस्कार होंगे तो मनुष्य आत्मा से महात्मा व परमात्मा मिलन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस दौरान परिवार दिवस मनाया गया। महासाध्वी अक्षिता ने बताया कि जल से भरी नदी रूपी संसार व संमुद्र को धर्म की नौका से पार किया जा सकता है। उन्होंने परिवार के प्रत्येक रिश्ते व नाते से आपसी प्रेम को बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बड़ों का सम्मान करो। आपसी विश्वास की आधारशिला को मजबूत बनाओ। इस दौरान अंशी जैन ने भजन सुनाया। मास्टर जगदीश ने कविता के माध्यम से परिवार की महता पर प्रकाश डाला। महासचिव धीरज जैन व एसएस जैन सभा प्रधान विपिन जैन ने सबका धन्यवाद किया।
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कई कारण हो सकते हैं, इसके चलते आपसी ईर्ष्या का भाव उत्पन्न होता है, जो परिवार को विघटन की रस्सी में लपेट लेता है। जीवन में पत्थर पर खींची लकीर की तरह नहीं, बल्कि तालाब की रेखा के समान रहो जो तुरंत मिट जाए। आपसी वैरभाव भूला दो।
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डॉ. समीक्षा ने कहा कि नारी परिवार को स्वर्ग व नरक बना सकती है। यदि परिवार में त्याग, प्रेम की भावना, समर्पण संस्कार होंगे तो मनुष्य आत्मा से महात्मा व परमात्मा मिलन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस दौरान परिवार दिवस मनाया गया। महासाध्वी अक्षिता ने बताया कि जल से भरी नदी रूपी संसार व संमुद्र को धर्म की नौका से पार किया जा सकता है। उन्होंने परिवार के प्रत्येक रिश्ते व नाते से आपसी प्रेम को बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बड़ों का सम्मान करो। आपसी विश्वास की आधारशिला को मजबूत बनाओ। इस दौरान अंशी जैन ने भजन सुनाया। मास्टर जगदीश ने कविता के माध्यम से परिवार की महता पर प्रकाश डाला। महासचिव धीरज जैन व एसएस जैन सभा प्रधान विपिन जैन ने सबका धन्यवाद किया।
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