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पांच माह में 1220 ओवरलोड वाहनों के किए चालान, 4.74 करोड़ वसूला जुर्माना
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पांच माह में 1220 ओवरलोड वाहनों के किए चालान, 4.74 करोड़ वसूला जुर्माना
चरखी दादरी। आरटीए विभाग की कार्रवाई के बावजूद जिले में ओवरलोडिंग जारी है। जिला प्रशासन का तर्क है कि जिले से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले पांच माह में 1220 ओवरलोड वाहनों के आरटीए टीमों ने चालान किए हैं और उनसे चार करोड़ 74 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया है। हालांकि धरातल पर इस कार्रवाई का खौफ ओवरलोडिंग माफिया में नजर नहीं आ रहा है और ओवरलोड वाहनों का गुजरना अभी भी जारी है।
उपायुक्त प्रदीप गोदारा का कहना है कि ओवरलोड वाहनों पर लगाम कसने के लिए आरटीए विभाग सक्रिय है। रोजाना नाके लगाकर क्रशर जोन से निकलने वाले डंपर, ट्रक, लॉरी आदि में ले जाई जा रही सामग्री के वजन और ई-रवाना बिल की जांच की जाती है। उसके बाद ही वाहन को आगे भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि इस साल के दौरान अप्रैल माह में 216 वाहनों का चालान कर 70.09 लाख की वसूली की गई। मई में 129 वाहनों के चालान कर 68.38 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया। जून माह में 289 चालान काटे गए और 1.32 करोड़ जुर्माना राशि वसूली गई।
प्रदीप गोदारा ने बताया कि जुलाई में 301 चालान कर 1.13 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया। उन्होंने बताया कि अगस्त में अब तक 285 चालान किए जा चुके हैं और उन पर 90.44 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस साल में 1220 चालान किए जा चुके हैं और 4 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि जुर्माना के तौर पर वसूल की जा चुकी है।
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पिछले साल वर्ष 2020-21 के दौरान 2040 चालान किए गए थे और इनसे 9.10 करोड़ का जुर्माना वसूला गया था। परिवहन प्राधिकरण के नियमानुसार ओवरलोड वाहनों से दो हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से जुर्माना की राशि वसूल की जाती है। 6 टायरों वाली गाड़ी का लोड सामग्री भरने के बाद 18.5 टन, दस टायरों वाली गाड़ी का वजन 28 टन, 12 टायरों वाली गाड़ी का वजन 35 टन, 14 टायरों वाली गाड़ी लोड होने के बाद 42.5 टन, 16 टायरों की गाड़ी लोडिंग के बाद 47.5 से 55 टन, 18 टायरों वाली गाड़ी का वजन मॉडल अनुसार 45.5, 52 व 54 टन होना चाहिए। कोई 22 टायर की गाड़ी है तो वह माल सहित 55 टन वजन के साथ सड़क पर चल सकती है। इससे अधिक किसी गाड़ी में लोड पाया जाता है तो अधिक भार के मुताबिक जुर्माना की वसूली की जाती है।
ओवरलोड वाहन बनते हैं सड़क दुर्घटनाओं का कारण
उपायुक्त ने कहा कि ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण है। अधिक वजन ले जाना वाहन चालक व अन्य चालकों के लिए एक खतरे का सबब बन सकता है। इसलिए क्रशर मालिकों को भी डंपर या बड़ी गाड़ियों में क्षमता से अधिक वजन नहीं भरना चाहिए। जिला में प्रशासन इस समस्या पर पूरी निगरानी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि कोई वाहन बिना ई-रवाना के पाया गया तो ऐसी स्थिति में संबधित क्रशर मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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चरखी दादरी। आरटीए विभाग की कार्रवाई के बावजूद जिले में ओवरलोडिंग जारी है। जिला प्रशासन का तर्क है कि जिले से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले पांच माह में 1220 ओवरलोड वाहनों के आरटीए टीमों ने चालान किए हैं और उनसे चार करोड़ 74 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया है। हालांकि धरातल पर इस कार्रवाई का खौफ ओवरलोडिंग माफिया में नजर नहीं आ रहा है और ओवरलोड वाहनों का गुजरना अभी भी जारी है।
उपायुक्त प्रदीप गोदारा का कहना है कि ओवरलोड वाहनों पर लगाम कसने के लिए आरटीए विभाग सक्रिय है। रोजाना नाके लगाकर क्रशर जोन से निकलने वाले डंपर, ट्रक, लॉरी आदि में ले जाई जा रही सामग्री के वजन और ई-रवाना बिल की जांच की जाती है। उसके बाद ही वाहन को आगे भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि इस साल के दौरान अप्रैल माह में 216 वाहनों का चालान कर 70.09 लाख की वसूली की गई। मई में 129 वाहनों के चालान कर 68.38 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया। जून माह में 289 चालान काटे गए और 1.32 करोड़ जुर्माना राशि वसूली गई।
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प्रदीप गोदारा ने बताया कि जुलाई में 301 चालान कर 1.13 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया। उन्होंने बताया कि अगस्त में अब तक 285 चालान किए जा चुके हैं और उन पर 90.44 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस साल में 1220 चालान किए जा चुके हैं और 4 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि जुर्माना के तौर पर वसूल की जा चुकी है।
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पिछले साल वर्ष 2020-21 के दौरान 2040 चालान किए गए थे और इनसे 9.10 करोड़ का जुर्माना वसूला गया था। परिवहन प्राधिकरण के नियमानुसार ओवरलोड वाहनों से दो हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से जुर्माना की राशि वसूल की जाती है। 6 टायरों वाली गाड़ी का लोड सामग्री भरने के बाद 18.5 टन, दस टायरों वाली गाड़ी का वजन 28 टन, 12 टायरों वाली गाड़ी का वजन 35 टन, 14 टायरों वाली गाड़ी लोड होने के बाद 42.5 टन, 16 टायरों की गाड़ी लोडिंग के बाद 47.5 से 55 टन, 18 टायरों वाली गाड़ी का वजन मॉडल अनुसार 45.5, 52 व 54 टन होना चाहिए। कोई 22 टायर की गाड़ी है तो वह माल सहित 55 टन वजन के साथ सड़क पर चल सकती है। इससे अधिक किसी गाड़ी में लोड पाया जाता है तो अधिक भार के मुताबिक जुर्माना की वसूली की जाती है।
ओवरलोड वाहन बनते हैं सड़क दुर्घटनाओं का कारण
उपायुक्त ने कहा कि ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण है। अधिक वजन ले जाना वाहन चालक व अन्य चालकों के लिए एक खतरे का सबब बन सकता है। इसलिए क्रशर मालिकों को भी डंपर या बड़ी गाड़ियों में क्षमता से अधिक वजन नहीं भरना चाहिए। जिला में प्रशासन इस समस्या पर पूरी निगरानी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि कोई वाहन बिना ई-रवाना के पाया गया तो ऐसी स्थिति में संबधित क्रशर मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।