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Charkhi Dadri News: भावांतर भरपाई योजना में शामिल हुआ शहद
Tue, 21 Oct 2025 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 21 Oct 2025 11:19 PM IST
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मधुमक्खी पालकों को कराना होगा पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। प्रदेश सरकार की ओर से मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए सभी श्रेणी के आवेदकों को मधुमक्खी बॉक्स एवं मधुमक्खी कॉलोनिज पर 85 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। मधुमक्खी पालकों को शहद का बाजार में उचित भाव न मिलने के कारण नुकसान से बचाने व जोखिम खत्म करने के लिए सरकार की ओर से शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है। मधुमक्खी पालक समय पर पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ उठाएं।
उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि लाभ प्राप्त करने के लिए प्रति मधुमक्खी पालक एक हजार बॉक्सों की अधिकतम सीमा तथा 120 रुपये प्रति किलोग्राम शहद का बेस प्राइस निर्धारित किया गया है। 30 किलोग्राम प्रति बॉक्स के हिसाब से प्रतिवर्ष 30 हजार किलोग्राम तक प्रति मधुमक्खी पालक की बिक्री सीमा निर्धारित की गई है। मधुमक्खी पालक को मधुकांति पोर्टल व हनी ट्रेड सेंटर एचटीसी पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा, जिसके लिए परिवार पहचानपत्र होना अनिवार्य है।
उपायुक्त ने बताया कि योजना का लाभ कुरुक्षेत्र के रामनगर एबीडीसी स्थित हनी ट्रेड सेंटर पर शहद की बिक्री करने वाले मधुमक्खी पालक को मिलेगा। मधुमक्खी पालक को कम से कम 500 किलोग्राम शहद केंद्र पर बिक्री के लिए ले जाना होगा और हनी ट्रेड सेंटर पोर्टल पर पंजीकरण का समय एक दिसंबर से 31 मई तक का निर्धारित है। बॉक्सों का सत्यापन उद्यान विभाग की टीम द्वारा जनवरी से जून माह के बीच किया जाता है। बिक्री का समय भी जनवरी से जून माह तक ही रहेगा।
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चरखी दादरी। प्रदेश सरकार की ओर से मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए सभी श्रेणी के आवेदकों को मधुमक्खी बॉक्स एवं मधुमक्खी कॉलोनिज पर 85 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। मधुमक्खी पालकों को शहद का बाजार में उचित भाव न मिलने के कारण नुकसान से बचाने व जोखिम खत्म करने के लिए सरकार की ओर से शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है। मधुमक्खी पालक समय पर पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ उठाएं।
उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि लाभ प्राप्त करने के लिए प्रति मधुमक्खी पालक एक हजार बॉक्सों की अधिकतम सीमा तथा 120 रुपये प्रति किलोग्राम शहद का बेस प्राइस निर्धारित किया गया है। 30 किलोग्राम प्रति बॉक्स के हिसाब से प्रतिवर्ष 30 हजार किलोग्राम तक प्रति मधुमक्खी पालक की बिक्री सीमा निर्धारित की गई है। मधुमक्खी पालक को मधुकांति पोर्टल व हनी ट्रेड सेंटर एचटीसी पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा, जिसके लिए परिवार पहचानपत्र होना अनिवार्य है।
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उपायुक्त ने बताया कि योजना का लाभ कुरुक्षेत्र के रामनगर एबीडीसी स्थित हनी ट्रेड सेंटर पर शहद की बिक्री करने वाले मधुमक्खी पालक को मिलेगा। मधुमक्खी पालक को कम से कम 500 किलोग्राम शहद केंद्र पर बिक्री के लिए ले जाना होगा और हनी ट्रेड सेंटर पोर्टल पर पंजीकरण का समय एक दिसंबर से 31 मई तक का निर्धारित है। बॉक्सों का सत्यापन उद्यान विभाग की टीम द्वारा जनवरी से जून माह के बीच किया जाता है। बिक्री का समय भी जनवरी से जून माह तक ही रहेगा।
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