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पेट्रो पदार्थों के दामों में वृद्धि होने से महंगाई के मामले में आम आदमी को बड़ा झटका : छिल्लर
Thu, 11 Jun 2026 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 11 Jun 2026 10:48 PM IST
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चरखी दादरी। हरियाणा कांग्रेस के नेता व पूर्व विधायक कर्नल रघबीर सिंह छिल्लर ने कहा कि पेट्रो पदार्थों के दामों में वृद्धि होने से महंगाई के मामले में आम आदमी को बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में कई बार इजाफा कर आम जनता की कमर तोड़ दी है।
तेल कंपनियों ने सरकार का इशारा मिलते ही ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। पूर्व कर्नल रघबीर सिंह छिल्लर ने कहा कि सरकार ने प्रमुख राज्यों के चुनावों के कारण कीमतों में संशोधन में देरी की। 15 मई को पश्चिम बंगाल सहित तीन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव होते ही पेट्रो पदार्थों के दामों में वृद्धि करने की हरी झंडी दे दी और कंपनियों ने दाम बढ़ाने शुरू कर दिए। ईंधन महंगा होने से सीधा असर माल ढुलाई और परिवहन लागत पर पड़ा है जिससे हर जरूरी चीज महंगी हो गई है। विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने और चालू खाता घाटे को बढ़ने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों और सरकारी विभागों से ईंधन बचाने, रिमोट वर्किंग अपनाने और गैर-जरूरी यात्राएं कम करने की अपील का आमजन पर कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य होने के दावे कर रही है जबकि हालात यह हैं कि देश में तेल-गैस के बढ़ते दामों और किल्लत से हाहाकार मचा हुआ है। रूस और ईरान हमें सस्ते दामों पर तेल देने को तैयार हैं। सरकार अमेरिकी दवाब में रूस और ईरान से सस्ता गैस और तेल नहीं खरीदने को बेबस है।
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तेल कंपनियों ने सरकार का इशारा मिलते ही ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। पूर्व कर्नल रघबीर सिंह छिल्लर ने कहा कि सरकार ने प्रमुख राज्यों के चुनावों के कारण कीमतों में संशोधन में देरी की। 15 मई को पश्चिम बंगाल सहित तीन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव होते ही पेट्रो पदार्थों के दामों में वृद्धि करने की हरी झंडी दे दी और कंपनियों ने दाम बढ़ाने शुरू कर दिए। ईंधन महंगा होने से सीधा असर माल ढुलाई और परिवहन लागत पर पड़ा है जिससे हर जरूरी चीज महंगी हो गई है। विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने और चालू खाता घाटे को बढ़ने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों और सरकारी विभागों से ईंधन बचाने, रिमोट वर्किंग अपनाने और गैर-जरूरी यात्राएं कम करने की अपील का आमजन पर कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य होने के दावे कर रही है जबकि हालात यह हैं कि देश में तेल-गैस के बढ़ते दामों और किल्लत से हाहाकार मचा हुआ है। रूस और ईरान हमें सस्ते दामों पर तेल देने को तैयार हैं। सरकार अमेरिकी दवाब में रूस और ईरान से सस्ता गैस और तेल नहीं खरीदने को बेबस है।
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