{"_id":"61f7ad9f07a7bd0c2e5823ce","slug":"farmers-and-khap-organizations-demonstrated-against-the-government-in-charkhi-dadri-of-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"चरखी दादरी: खाप व किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर दिखाई ताकत, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चरखी दादरी: खाप व किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर दिखाई ताकत, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
Mon, 31 Jan 2022 03:06 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 31 Jan 2022 03:06 PM IST
सार
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान संगठन विश्वासघात दिवस मना रहे हैं। किसानों ने आंदोलन स्थगित होने के बाद सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
प्रदर्शन करते किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के चरखी दादरी में सर्वजातीय सर्वखाप और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर खाप संगठनों के जुड़े लोगों और किसानों ने अपनी ताकत दिखाई। प्रदर्शन में भारी संख्या में ट्रैक्टरों से किसान व ग्रामीण शामिल हुए। शहर में प्रदर्शन के बाद लघु सचिवालय में उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
सोमवार सुबह किसान संगठन, खापों व अन्य संगठनों के लोग सुबह ही रोज गार्डन में जुटने लगे थे। सुबह करीब 12 बजे तक यहां लोगों की भारी भीड़ जुटी थी। यहां जनसभा के बाद शहर में जुलूस निकाल प्रदर्शन किया। नगर के परशुराम चौक पर प्रधानमंत्री का पुतला जलाया जाएगा। फोगाट खाप प्रधान बलवंत सिंह नंबरदार ने बताया कि विभिन्न मांगों को लेकर सीएम व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया है।
विज्ञापन
खाप प्रधान बलवंत ने कहा कि दादरी आरटीओ द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालान करना सरकार और जिला प्रशासन की सोची-ासमझी चाल है। ट्रैक्टरों के 30 हजार रुपये तक के चालान किए जा रहे हैं। किसान बाजार में खेती से जुड़ा सामान लेने के लिए ट्रैक्टर लेकर जाते है, तो उनके चालान कर दिए जाते हैं। फोगाट खाप 19 प्रधान बलवंत नंबरदार ने कहा कि अगर जल्द ही यह रवैया नहीं सुधरा तो तमाम संगठन और खापें दादरी जिले को पूर्णतया जाम कर देंगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि किसानों की प्रमुख मांगे एमएसपी की गारंटी का कानून बनवाना, किसान आंदोलन में प्राण गंवाने वाले किसानों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना, किसानों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेना,बिजली चोरी रोकने के लिए रात के समय छापेमारी को बंद करना आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।