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किसानों ने भाजपा नेताओं को दिखाए काले झंडे
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जिले में शनिवार को दो जगहों पर भाजपा नेताओं का विरोध करने के लिए किसान काले झंडे लेकर पहुंचे। रानीला गांव में तो पुलिस ने आयोजन स्थल से 300 मीटर दूर किसानों को रोक दिया जबकि दादरी रेस्ट हाउस में सहकारिता मंत्री का डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बाद किसान लौट गए। इससे पहले दोनों जगहों पर पुलिस के रोकने पर किसानों की नोकझोंक भी हुई।
शनिवार सुबह रानीला गांव स्थित जैन मंदिर में भाजपा दादरी और भिवानी जिला कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में भाजपा प्रदेश प्रभारी विनोद तावडे़, सांसद धर्मबीर सिंह, सहकारिता मंत्री बनवारी लाल, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र मांढी, पानीपत ग्रामीण विधायक महीपाल डांढा, जिला प्रभारी कमल यादव भाग लेने पहुंचे। करीब 11 बजे भाजपा नेताओं के आयोजन स्थल पर पहुंचने की सूचना मिलते ही किसान एकत्र होकर जैन मंदिर की तरफ बढ़ने लगे। उन्हें पुलिसकर्मियों ने रोकने का प्रयास किया तो किसान खेत के रास्ते आयोजन स्थल की ओर बढ़ने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा घेरे को और मजबूत कर दिया। वहीं, पुलिस ने किसानों को जैन मंदिर से करीब तीन सौ मीटर पहले अवरोधक लगाकर रोक दिया। इस दौरान किसानों की पुलिस से बहस भी हुई, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।
वहीं, सहाकारिता मंत्री बनवारी लाल के पीडब्लूडी रेस्ट हाउस में पहुंचने की सूचना भी दोपहर करीब ढाई बजे किसानों को मिली। इसके तुरंत बाद फौगाट खाप-19 की अगुवाई में एकत्र होकर किसान रेस्ट हाउस पहुंच गए। रेस्ट हाउस मोड़ पर पुलिस तैनात न होने के चलते किसानों को अंदर तक पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं हुई। वहीं, किसानों के रेस्ट हाउस में प्रवेश करने के बाद मौके पर पहुंचे डीएसपी बली सिंह ने बातचीत कर किसानों को रेस्ट हाउस से बाहर आने के लिए राजी कर लिया। किसान वहां से बाहर निकलकर रेस्ट हाउस मोड़ पर आकर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें वहां से भी बाहर भेजने का प्रयास किया और इस दौरान किसानों की कहासुनी भी हुई। हालांकि बाद में किसान उठकर करीब 100 मीटर और पीछे जाकर बैठ गए और डेढ़ घंटे इंतजार करने के बाद भी जब सहकारिता मंत्री बनवारी लाल नहीं पहुंचे तो किसान वहां से चले गए।
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270 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा में रहे तैनात
दोनों जगहों पर सुरक्षा बंदोबस्त कड़े रहे। रानीला जैन मंदिर आयोजनस्थल पर करीब 250 और दादरी रेस्ट हाउस में 20 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। रानीला में तो पुलिसकर्मी किसानों को रोकने के लिए खेतों की दौड़ लगाते भी नजर आए। वहीं, दादरी रेस्ट हाउस में तैनात पुलिस टीम की लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए डीएसपी बली सिंह ने मौके पर ही फटकार भी लगाई।
सांसद धर्मबीर सिंह गाड़ी से उतरकर पहुंचे किसानों के बीच
दरअसल सहकारिता मंत्री बनवारी लाल और प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े समेत अन्य भाजपा नेता दूसरे रास्ते से जैन रानीला मंदिर पहुंचे जबकि सांसद उसी रास्ते से आए जहां किसान खड़े थे। किसानों के पास पहुंचकर सांसद ने न केवल अपनी गाड़ी रुकवाई, बल्कि खुद उतरकर किसानों के बीच पहुंचे गए। हाथों में काले झंडे लिए खड़े किसानों से सांसद ने बातचीत भी की।
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शनिवार सुबह रानीला गांव स्थित जैन मंदिर में भाजपा दादरी और भिवानी जिला कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में भाजपा प्रदेश प्रभारी विनोद तावडे़, सांसद धर्मबीर सिंह, सहकारिता मंत्री बनवारी लाल, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र मांढी, पानीपत ग्रामीण विधायक महीपाल डांढा, जिला प्रभारी कमल यादव भाग लेने पहुंचे। करीब 11 बजे भाजपा नेताओं के आयोजन स्थल पर पहुंचने की सूचना मिलते ही किसान एकत्र होकर जैन मंदिर की तरफ बढ़ने लगे। उन्हें पुलिसकर्मियों ने रोकने का प्रयास किया तो किसान खेत के रास्ते आयोजन स्थल की ओर बढ़ने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा घेरे को और मजबूत कर दिया। वहीं, पुलिस ने किसानों को जैन मंदिर से करीब तीन सौ मीटर पहले अवरोधक लगाकर रोक दिया। इस दौरान किसानों की पुलिस से बहस भी हुई, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।
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वहीं, सहाकारिता मंत्री बनवारी लाल के पीडब्लूडी रेस्ट हाउस में पहुंचने की सूचना भी दोपहर करीब ढाई बजे किसानों को मिली। इसके तुरंत बाद फौगाट खाप-19 की अगुवाई में एकत्र होकर किसान रेस्ट हाउस पहुंच गए। रेस्ट हाउस मोड़ पर पुलिस तैनात न होने के चलते किसानों को अंदर तक पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं हुई। वहीं, किसानों के रेस्ट हाउस में प्रवेश करने के बाद मौके पर पहुंचे डीएसपी बली सिंह ने बातचीत कर किसानों को रेस्ट हाउस से बाहर आने के लिए राजी कर लिया। किसान वहां से बाहर निकलकर रेस्ट हाउस मोड़ पर आकर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें वहां से भी बाहर भेजने का प्रयास किया और इस दौरान किसानों की कहासुनी भी हुई। हालांकि बाद में किसान उठकर करीब 100 मीटर और पीछे जाकर बैठ गए और डेढ़ घंटे इंतजार करने के बाद भी जब सहकारिता मंत्री बनवारी लाल नहीं पहुंचे तो किसान वहां से चले गए।
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270 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा में रहे तैनात
दोनों जगहों पर सुरक्षा बंदोबस्त कड़े रहे। रानीला जैन मंदिर आयोजनस्थल पर करीब 250 और दादरी रेस्ट हाउस में 20 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। रानीला में तो पुलिसकर्मी किसानों को रोकने के लिए खेतों की दौड़ लगाते भी नजर आए। वहीं, दादरी रेस्ट हाउस में तैनात पुलिस टीम की लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए डीएसपी बली सिंह ने मौके पर ही फटकार भी लगाई।
सांसद धर्मबीर सिंह गाड़ी से उतरकर पहुंचे किसानों के बीच
दरअसल सहकारिता मंत्री बनवारी लाल और प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े समेत अन्य भाजपा नेता दूसरे रास्ते से जैन रानीला मंदिर पहुंचे जबकि सांसद उसी रास्ते से आए जहां किसान खड़े थे। किसानों के पास पहुंचकर सांसद ने न केवल अपनी गाड़ी रुकवाई, बल्कि खुद उतरकर किसानों के बीच पहुंचे गए। हाथों में काले झंडे लिए खड़े किसानों से सांसद ने बातचीत भी की।