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किसान नेता बोले-लाल किला पर झंडा फहराने के प्रकरण से संयुक्त मोर्चा का कोई ताल्लुक नहीं, सरकार का हो सकता है षड्यंत्र
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गणतंत्र दिवस पर किसान ट्रैक्टर परेड प्रकरण पर जिले के खाप और किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने सरकार का एक षड्यंत्र बताया है। इनका कहना है कि लाल किला पर झंडा फहराने के प्रकरण से संयुक्त किसान मोर्चा का कोई ताल्लुक नहीं है। किसान संगठनों का मानना है कि इस पूरे प्रकरण में सरकार ने ठीक प्रकार से गाइडलाइन जारी नहीं की। किसानों ने तो शांतिपूर्वक एवं अनुशासन में रहते हुए ट्रैक्टर परेड में भाग लिया। इस पूरे घटनाक्रम में कहीं न कहीं सरकार की मिलीभगत हो सकती है। किसानों ने परेड के दौरान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का पूरा सम्मान किया। इसमें किसानों की कोई लापरवाही नहीं रही। किसान नेताओं का कहना है कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लाल किला पर झंडा फहराना बेहद विचारणीय बिंदू है। किसान नेताओं का कहना है कि कुछ लोगों ने किसानों की ताकत का दुरुपयोग किया है।
गणतंत्र दिवस पर किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान जो कुछ हुआ उसके पीछे कहीं ना कहीं राजनीति भी हो सकती है। लाल किला पर झंडा फहराने वाला शख्स संयुक्त किसान मोर्चा का नहीं है। किसान मोर्चा ने तो परेड के दौरान पुलिस का सहयोग किया है। कुछ लोगों ने किसानों की ताकत का दुरुपयोग किया है। किसान तो राष्ट्रीय ध्वज लगाकर गए थे। कुछ दिक्कत प्रशासन की भी तरफ से भी की गई है।
जगबीर घसोला, जिलाध्यक्ष, किसान यूनियन
सरकार की ओर से सही गाइडलाइन नहीं दी गई। किसानों को ठीक रास्ता नहीं दिखाया गया। लाल किला पर जो कुछ हुआ, उसमें किसान मोर्चा का कोई हाथ नहीं है। झंडा फहराने वाला किसान मोर्चा से नहीं है। हम गणतंत्र दिवस पर परेड करने गए थे, जो शांतिपूर्वक एवं अनुशासन मेें पूरी हुई। किसान तो पूरी तरह से अनुशासन में थे।
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नर सिंह डीपीई, सचिव, सांगवान खाप
गणतंत्र दिवस के दिन तो लाल किला पर बेहद कड़ी सुरक्षा होती है। ऐसे में लाल किला पर झंडा फहराना बेहद चिंता एवं विचारणीय विषय है। इस दौरान हाथापाई व झंडा फहराने वाले लोग किसान मोर्चा के लोग नहीं थे। इसके पीछे कहीं ना कही सरकार की मिलीभगत एवं लापरवाही भी दिखती है। किसानों ने शांतिपूर्वक तरीके से ट्रैक्टर परेड पूरी की।
ओमप्रकाश, सतगामा खाप प्रधान
किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का पूरा सम्मान किया। इस पूरे प्रकरण में किसानों की कोई लापरवाही नहीं है। किसान अनुशासन में थे। सरकार आंदोलन को कुचलना चाहती है। लाल किला पर झंडा फहराने वाला व्यक्ति संयुक्त मोर्चा का नहीं है। इस दौरान पुलिस व प्रशासन की भी कमी नहीं है। सरकार की भी मिलीभगत हो सकती है।
बलवंत नंबरदार, प्रधान, फौगाट खाप
लाल किला पर जो कुछ हुआ उसकी मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। इस प्रकरण से संयुक्त किसान मोर्चा का कोई तालुक नहीं है। किसानों का भाईचारे के साथ अनुशासन में आंदोलन चल रहा है। परेड के दौरान हाथापाई करने वाले लोग किसान मोर्चा के नहीं थे। इसके पीछे सरकार का भी षड्यंत्र हो सकता है। पुलिस व प्रशासन की भी कमी रही है। किसानों को समय पर सही दिशा नहीं दिखाई गई।
रामकुमार टिकान, जिलाध्यक्ष, अन्नदाता किसान यूनियन
किसानों ने अपनी परेड शांतिपूर्वक तरीके से पूरी की। किसानों ने राष्ट्रीय ध्वज का पूरा सम्मान किया। किसानों की यह परेड शांतिपूर्वक एवं अनुशासन में रही। किसानों की तरफ से कोई नियमों की कही कोई उल्लंघना नहीं की गई है। लाल किला पर झंडा फहराने वाला व्यक्ति किसान संगठनों से नहीं है।
सुनील पहलवान, प्रदेश अध्यक्ष, किसान जनहित संघर्ष समिति
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फोटो- 33
जगबीर घसोला।
फोटो- 34
नर सिंह।
फोटो-35
ओमप्रकाश।
फोटो-36
बलवंत नंबरदार।
फोटो-37
रामकुमार टिकान।
फोटो= 38
सुनील पहलवान।
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गणतंत्र दिवस पर किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान जो कुछ हुआ उसके पीछे कहीं ना कहीं राजनीति भी हो सकती है। लाल किला पर झंडा फहराने वाला शख्स संयुक्त किसान मोर्चा का नहीं है। किसान मोर्चा ने तो परेड के दौरान पुलिस का सहयोग किया है। कुछ लोगों ने किसानों की ताकत का दुरुपयोग किया है। किसान तो राष्ट्रीय ध्वज लगाकर गए थे। कुछ दिक्कत प्रशासन की भी तरफ से भी की गई है।
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जगबीर घसोला, जिलाध्यक्ष, किसान यूनियन
सरकार की ओर से सही गाइडलाइन नहीं दी गई। किसानों को ठीक रास्ता नहीं दिखाया गया। लाल किला पर जो कुछ हुआ, उसमें किसान मोर्चा का कोई हाथ नहीं है। झंडा फहराने वाला किसान मोर्चा से नहीं है। हम गणतंत्र दिवस पर परेड करने गए थे, जो शांतिपूर्वक एवं अनुशासन मेें पूरी हुई। किसान तो पूरी तरह से अनुशासन में थे।
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नर सिंह डीपीई, सचिव, सांगवान खाप
गणतंत्र दिवस के दिन तो लाल किला पर बेहद कड़ी सुरक्षा होती है। ऐसे में लाल किला पर झंडा फहराना बेहद चिंता एवं विचारणीय विषय है। इस दौरान हाथापाई व झंडा फहराने वाले लोग किसान मोर्चा के लोग नहीं थे। इसके पीछे कहीं ना कही सरकार की मिलीभगत एवं लापरवाही भी दिखती है। किसानों ने शांतिपूर्वक तरीके से ट्रैक्टर परेड पूरी की।
ओमप्रकाश, सतगामा खाप प्रधान
किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड के दौरान राष्ट्रीय ध्वज का पूरा सम्मान किया। इस पूरे प्रकरण में किसानों की कोई लापरवाही नहीं है। किसान अनुशासन में थे। सरकार आंदोलन को कुचलना चाहती है। लाल किला पर झंडा फहराने वाला व्यक्ति संयुक्त मोर्चा का नहीं है। इस दौरान पुलिस व प्रशासन की भी कमी नहीं है। सरकार की भी मिलीभगत हो सकती है।
बलवंत नंबरदार, प्रधान, फौगाट खाप
लाल किला पर जो कुछ हुआ उसकी मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। इस प्रकरण से संयुक्त किसान मोर्चा का कोई तालुक नहीं है। किसानों का भाईचारे के साथ अनुशासन में आंदोलन चल रहा है। परेड के दौरान हाथापाई करने वाले लोग किसान मोर्चा के नहीं थे। इसके पीछे सरकार का भी षड्यंत्र हो सकता है। पुलिस व प्रशासन की भी कमी रही है। किसानों को समय पर सही दिशा नहीं दिखाई गई।
रामकुमार टिकान, जिलाध्यक्ष, अन्नदाता किसान यूनियन
किसानों ने अपनी परेड शांतिपूर्वक तरीके से पूरी की। किसानों ने राष्ट्रीय ध्वज का पूरा सम्मान किया। किसानों की यह परेड शांतिपूर्वक एवं अनुशासन में रही। किसानों की तरफ से कोई नियमों की कही कोई उल्लंघना नहीं की गई है। लाल किला पर झंडा फहराने वाला व्यक्ति किसान संगठनों से नहीं है।
सुनील पहलवान, प्रदेश अध्यक्ष, किसान जनहित संघर्ष समिति
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फोटो- 33
जगबीर घसोला।
फोटो- 34
नर सिंह।
फोटो-35
ओमप्रकाश।
फोटो-36
बलवंत नंबरदार।
फोटो-37
रामकुमार टिकान।
फोटो= 38
सुनील पहलवान।