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डेयरी संचालक 15 लाख का कर्ज न दे सका तो दी 17 भैंस चोरी होने की फर्जी शिकायत
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कर्जदार को अपनी भैंस बेचने के बाद पातुवास गांव निवासी एक डेयरी संचालक ने भैंस चोरी होने का झूठा ड्रामा रच दिया। आठ भैंस रखने वाले डेयरी संचालक ने दादरी सदर थाना पुलिस को 17 भैंस चोरी होने की शिकायत दी। उसकी जालसाजी शिकायत देने के आठ घंटे के अंदर पकड़ी गई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने का केस दर्ज किया गया है। वहीं, पुलिस ने बेची गईं आठों भैंस दादरी शहर के सुभाष चौक निवासी व्यक्ति के पास से बरामद कर ली है।
मंगलवार सुबह सदर थाना पुलिस को जिले के गांव पातुवास स्थित एक डेयरी से 17 भैंस चोरी होने की सूचना मिली। इसलिए सदर थाना प्रभारी जगबीर सिंह समेत सीआईए, स्पेशल स्टाफ, एफएसएल टीम और डीएसपी मौके पर पहुंचे। सुबह करीब नौ बजे एसपी बलवान सिंह राणा खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने अपने स्तर पर भी मामले की जांच की। इस दौरान डेयरी संचालक गोलू उर्फ ज्ञानप्रकाश ने बताया कि सोमवार रात करीब 11 बजे वह डेयरी में बंधीं भैंसों को चारा डालने के बाद कमरे में जाकर सो गया था। सुबह पांच बजे जब वह जागा तो उसे 17 भैंसें चोरी मिलीं। एसपी ने मौके पर मौजूद सदर थाना प्रभारी को जल्द इस वारदात को ट्रेस करने के आदेश दिए।
पुलिस टीमों ने जब जांच शुरू की तो उसे मामले में संदेह हुआ। ज्ञानीराम से सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सच बता दिया। पुलिस प्रवक्ता सुमित सांगवान ने बताया कि ज्ञानीराम ने कुबूला है कि कि उस पर 30 लाख का कर्ज है। उसने दादरी शहर के सुभाष चौक निवासी नौरंग नामक व्यक्ति से 15 लाख रुपये उधार लिए थे। वह कर्ज नहीं चुका पा रहा था और इसके चलते सोमवार शाम उसने अपनी आठों भैंस उसे बेच दी। मंगलवार सुबह उठने के बाद उसने पुलिस को भैंस चोरी होने की झूठी शिकायत दी।
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एकसाथ कई काम करने के चलते डूबा कर्ज में
पुलिस प्रवक्ता सुमित सांगवान ने बताया कि ज्ञानीराम ने पूछताछ में बताया है कि वह पशुओं को खरीदता और बेचता रहता था। महंगे पशु खरीदकर वो किसी का कर्ज चुकाने के लिए पशु सस्ते में बेच देता था और इसके चलते उस पर कर्ज हो गया। इसके अलावा वह कई कामों में रुपये लगाता रहा, जिसके चलते उसे घाटा होता रहा और कर्ज बढ़ता रहा।
खरीदार की गाड़ी के निशान बताए चोरों की गाड़ी के
पुलिस टीम को मौके पर जांच के दौरान वाहन के टायरों के निशान भी मिले। वाहन के पीछे की बॉडी में दो टायरों का जोड़ा था, जिसके निशान मिट्टी पर थे। ज्ञानीराम ने पुलिस के सामने इन निशानों को चोरों की गाड़ी का बताया।
इस संबंध में पुलिस ने पहले ज्ञानीराम की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान शिकायतकर्ता पर संदेह हुआ तो उससे पूछताछ की गई। इस दौरान उसने सब उगल दिया। आठों भैंस पुलिस ने बरामद कर ली है और ज्ञानीराम के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने का केस दर्ज किया गया है।
- जोगेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर
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मंगलवार सुबह सदर थाना पुलिस को जिले के गांव पातुवास स्थित एक डेयरी से 17 भैंस चोरी होने की सूचना मिली। इसलिए सदर थाना प्रभारी जगबीर सिंह समेत सीआईए, स्पेशल स्टाफ, एफएसएल टीम और डीएसपी मौके पर पहुंचे। सुबह करीब नौ बजे एसपी बलवान सिंह राणा खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने अपने स्तर पर भी मामले की जांच की। इस दौरान डेयरी संचालक गोलू उर्फ ज्ञानप्रकाश ने बताया कि सोमवार रात करीब 11 बजे वह डेयरी में बंधीं भैंसों को चारा डालने के बाद कमरे में जाकर सो गया था। सुबह पांच बजे जब वह जागा तो उसे 17 भैंसें चोरी मिलीं। एसपी ने मौके पर मौजूद सदर थाना प्रभारी को जल्द इस वारदात को ट्रेस करने के आदेश दिए।
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पुलिस टीमों ने जब जांच शुरू की तो उसे मामले में संदेह हुआ। ज्ञानीराम से सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सच बता दिया। पुलिस प्रवक्ता सुमित सांगवान ने बताया कि ज्ञानीराम ने कुबूला है कि कि उस पर 30 लाख का कर्ज है। उसने दादरी शहर के सुभाष चौक निवासी नौरंग नामक व्यक्ति से 15 लाख रुपये उधार लिए थे। वह कर्ज नहीं चुका पा रहा था और इसके चलते सोमवार शाम उसने अपनी आठों भैंस उसे बेच दी। मंगलवार सुबह उठने के बाद उसने पुलिस को भैंस चोरी होने की झूठी शिकायत दी।
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एकसाथ कई काम करने के चलते डूबा कर्ज में
पुलिस प्रवक्ता सुमित सांगवान ने बताया कि ज्ञानीराम ने पूछताछ में बताया है कि वह पशुओं को खरीदता और बेचता रहता था। महंगे पशु खरीदकर वो किसी का कर्ज चुकाने के लिए पशु सस्ते में बेच देता था और इसके चलते उस पर कर्ज हो गया। इसके अलावा वह कई कामों में रुपये लगाता रहा, जिसके चलते उसे घाटा होता रहा और कर्ज बढ़ता रहा।
खरीदार की गाड़ी के निशान बताए चोरों की गाड़ी के
पुलिस टीम को मौके पर जांच के दौरान वाहन के टायरों के निशान भी मिले। वाहन के पीछे की बॉडी में दो टायरों का जोड़ा था, जिसके निशान मिट्टी पर थे। ज्ञानीराम ने पुलिस के सामने इन निशानों को चोरों की गाड़ी का बताया।
इस संबंध में पुलिस ने पहले ज्ञानीराम की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान शिकायतकर्ता पर संदेह हुआ तो उससे पूछताछ की गई। इस दौरान उसने सब उगल दिया। आठों भैंस पुलिस ने बरामद कर ली है और ज्ञानीराम के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने का केस दर्ज किया गया है।
- जोगेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर