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Charkhi Dadri News: बिल ना भरने वाले ट्यूबवेल कनेक्शन धारकों को नोटिस दे रहा बिजली निगम
Tue, 25 Nov 2025 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 25 Nov 2025 01:23 AM IST
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चरखी दादरी। बिजली निगम अब बिल जमा न करवाने वाले ट्यूबवेल कनेक्शन धारकों को नोटिस भेजने लगा है। जिले में घरेलू ही नहीं बिजली ट्यूबेवल कनेक्शन धारकों की डिफाल्टर संख्या भी बढ़ रही है। इस समय अकेले बाढड़ा डिविजन में 100 ट्यूबवेल कनेक्शन धारक डिफाल्टर की श्रेणी में हैं। ये एक साल से बिल राशि जमा नहीं करवा रहे हैं। बिजली निगम का 25 लाख रुपये बिल के रूप में बकाया है।
रेतीले क्षेत्र में किसान बिजली चलित ट्यूबवेल से ही फसलों की सिंचाई करते हैं। रेतीले भागों में भूमिगत जलस्तर 400 फीट नीचे तक है। ऐसे में मोटर के जरिए पानी का उठान करना पड़ता है। जिले में 55 प्रतिशत कृषि क्षेत्र रेतीला है। यहां सिंचाई का साधन जमीनी पानी ही है। हालांकि नहरें भी हैं जिनसे सिंचाई पूरी तरह से संभव नहीं है। टिब्बे होने की वजह से नहरी पानी से सिंचाई करना मुश्किल होता है।
खरीफ सीजन की फसलें तो पूरी तरह से मानसून की बारिश पर ही निर्भर करती हैं। कई सालों से बारिश कम होने की वजह से इस क्षेत्र का भूमिगत जलस्तर पर बढ़ने के बजाय घट रहा है जो आने वाली पीढि़यों के लिए चिंता का विषय है।
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रेतीले क्षेत्र में किसान बिजली चलित ट्यूबवेल से ही फसलों की सिंचाई करते हैं। रेतीले भागों में भूमिगत जलस्तर 400 फीट नीचे तक है। ऐसे में मोटर के जरिए पानी का उठान करना पड़ता है। जिले में 55 प्रतिशत कृषि क्षेत्र रेतीला है। यहां सिंचाई का साधन जमीनी पानी ही है। हालांकि नहरें भी हैं जिनसे सिंचाई पूरी तरह से संभव नहीं है। टिब्बे होने की वजह से नहरी पानी से सिंचाई करना मुश्किल होता है।
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खरीफ सीजन की फसलें तो पूरी तरह से मानसून की बारिश पर ही निर्भर करती हैं। कई सालों से बारिश कम होने की वजह से इस क्षेत्र का भूमिगत जलस्तर पर बढ़ने के बजाय घट रहा है जो आने वाली पीढि़यों के लिए चिंता का विषय है।
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