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Charkhi Dadri News: शिक्षा विभाग ने चरवाहा भूमि का ह्रास, बाढ़, भूस्खलन आदि विषयों पर किया मंथन
Fri, 28 Jun 2024 03:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 28 Jun 2024 03:54 AM IST
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चरखी दादरी। शिक्षा विभाग निदेशालय की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णा फौगाट, दादरी खंड शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक, बौंद कलां खंड शिक्षा अधिकारी राजबाला फौगाट व खंड शिक्षा अधिकारी जलकरण शामिल हुए। बैठक में यूथ एवं इको क्लब की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान पानी का इस्तेमाल आवश्यकता अनुसार करने, पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के विभिन्न उपाय, वनों की अंधाधुंध कटाई रोकने, चरवाहा भूमि का ह्रास, बाढ़ भूस्खलन और भूमि अपवर्तन की परिस्थिति तंत्र का पतन आदि विषयों पर मंथन किया गया।
बीआरपी डॉ. महेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल स्तर पर एक से 7 जुलाई तक टीयर-1 में पर्यावरण मुद्दे, प्रार्थना सभा, पौधरोपण, दस्तक कैंपेन, वस्तुओं का पुनः प्रयोग, खाद बनाने का गड्डा, जागरूक रैली, नुक्कड़ नाटक, पर्यावरण दिवस मनाना, पृथ्वी दिवस, प्रदूषण मुक्त दिवाली, त्रिवेणी लगाना, हर्बल गार्डन, स्कूल पोषण रसोई वाटिका आदि प्रशिक्षण आदि कार्यक्रम स्कूल स्तर पर आयोजित किए जाने हैं। इसके लिए 6 से 10 वर्ष (कक्षा पहली से पांचवीं) 11 वर्ष से 14 वर्ष (कक्षा छठी से आठवीं) व 15 वर्ष से 18 वर्ष (कक्षा नौवीं से 12वीं) के तीन समूह बनाए गए हैं। टीयर-2 की प्रतियोगिताएं खंड, जिला व राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी। इस कार्यक्रम के तहत स्कूल स्तर के लिए हरा भरा सुंदर स्कूल, व्यर्थ पदार्थों से बेहतर बनाना, भिन्न-भिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं जैसे निबंध लेखन, स्लोगन लेखन, ऑन द स्पॉट पेंटिंग, कविता पाठ, स्किट आदि क्रियाएं होंगी। टीयर-3 के तहत प्रकृति अध्ययन शिविर का आयोजन होना है। टीयर-4 में इंचार्ज अध्यापक की क्षमता निर्माण का प्रशिक्षण होना है। जिला परियोजना संयोजक कार्यालय से कार्यक्रम के नोडल अधिकारी राजेश डागर भी उपस्थित रहे। डीईओ कृष्णा फौगाट ने बताया कि 53,500 नए पौधे लगाने और उनका रख-रखाव का जिम्मा इस साल दादरी जिले का है। डीपीसी ज्ञानेंद्र ने बताया कि इन कार्यक्रमों को लागू करवाने को लेकर वीडियो कॉन्फेंस में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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बीआरपी डॉ. महेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल स्तर पर एक से 7 जुलाई तक टीयर-1 में पर्यावरण मुद्दे, प्रार्थना सभा, पौधरोपण, दस्तक कैंपेन, वस्तुओं का पुनः प्रयोग, खाद बनाने का गड्डा, जागरूक रैली, नुक्कड़ नाटक, पर्यावरण दिवस मनाना, पृथ्वी दिवस, प्रदूषण मुक्त दिवाली, त्रिवेणी लगाना, हर्बल गार्डन, स्कूल पोषण रसोई वाटिका आदि प्रशिक्षण आदि कार्यक्रम स्कूल स्तर पर आयोजित किए जाने हैं। इसके लिए 6 से 10 वर्ष (कक्षा पहली से पांचवीं) 11 वर्ष से 14 वर्ष (कक्षा छठी से आठवीं) व 15 वर्ष से 18 वर्ष (कक्षा नौवीं से 12वीं) के तीन समूह बनाए गए हैं। टीयर-2 की प्रतियोगिताएं खंड, जिला व राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी। इस कार्यक्रम के तहत स्कूल स्तर के लिए हरा भरा सुंदर स्कूल, व्यर्थ पदार्थों से बेहतर बनाना, भिन्न-भिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं जैसे निबंध लेखन, स्लोगन लेखन, ऑन द स्पॉट पेंटिंग, कविता पाठ, स्किट आदि क्रियाएं होंगी। टीयर-3 के तहत प्रकृति अध्ययन शिविर का आयोजन होना है। टीयर-4 में इंचार्ज अध्यापक की क्षमता निर्माण का प्रशिक्षण होना है। जिला परियोजना संयोजक कार्यालय से कार्यक्रम के नोडल अधिकारी राजेश डागर भी उपस्थित रहे। डीईओ कृष्णा फौगाट ने बताया कि 53,500 नए पौधे लगाने और उनका रख-रखाव का जिम्मा इस साल दादरी जिले का है। डीपीसी ज्ञानेंद्र ने बताया कि इन कार्यक्रमों को लागू करवाने को लेकर वीडियो कॉन्फेंस में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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