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Charkhi Dadri News: मुख्यमंत्री राहत कोष से 15 दिन में मिलेगी इलाज के लिए आर्थिक सहायता
Thu, 07 Aug 2025 10:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 07 Aug 2025 10:04 PM IST
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सरल पोर्टल के माध्यम से करना होगा आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता की प्रक्रिया को सरल कर दिया है। इलाज के लिए अब केवल 15 दिन में आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके लिए सरल पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा।
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत चिकित्सा आधार पर वित्तीय सहायता प्राप्त करने वालों को सरल पोर्टल पर सुविधा प्रदान की जा रही है। इससे यह प्रक्रिया और अधिक सरल एवं आसान हो गई है।
उपायुक्त ने बताया कि अब आर्थिक सहायता के लिए आवेदक सरल पोर्टल के माध्यम से सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि सीधे आवेदक एवं लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि आवेदक अपने परिवार पहचानपत्र आईडी के माध्यम से सरल पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैंं। इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए आवेदकों को अपने चिकित्सा बिल, ओपीडी बिल आदि जैसे अन्य संबंधित दस्तावेज को अपलोड कर मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से चिकित्सा आधार पर वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि योजना में किए गए बदलावों के तहत यदि कोई बीमारी आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना में कवर नहीं हो रही है तो आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को भी इस योजना के तहत लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री राहत कोष के अंतर्गत आर्थिक सहायता के लिए जिलास्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें संबंधित एमपी, संबंधित एमएलए, उपायुक्त, सिविल सर्जन, नगर परिषद व नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, जिला परिषद के चेयरमैन, पंचायत समिति के चेयरमैन को सदस्य और नगराधीश को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि जैसे ही आवेदक आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए पोर्टल पर अपना आवेदन करेगा, वैसे ही आवेदन को संबंधित क्षेत्र के सांसद, विधायक, अध्यक्ष जिला परिषद, अध्यक्ष ब्लॉक समिति, मेयर,एमसी के अध्यक्ष के पास भेजा जाएगा और ये जनप्रतिनिधि पांच दिन के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ डीसी कार्यालय को भेजेंगे।
उसके उपरांत आवेदन को डीसी कार्यालय द्वारा संबंधित तहसीलदार को आवेदक की चल-अचल संपत्ति की वेरिफिकेशन और सिविल सर्जन को मेडिकल दस्तावेज के सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। इस पूरी प्रकिया में संपत्ति की वेरिफिकेशन के लिए चार दिन व सिविल सर्जन कार्यालय से जुडे सत्यापन कार्य के लिए पांच दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है।
उपायुक्त ने बताया कि दोनों विभागों से मिली रिपोर्ट को उपायुक्त की संस्तुति के साथ कमेटी के सदस्य सचिव को भेजा जाएगा। बाद में इसे सीनियर एकाउंट अधिकारी को भेजेंगे। इसके बाद स्वीकृत की गई राशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेज दी जाएगी।
पूर्व प्रक्रिया की विषमताओं को देखते हुए इस प्रक्रिया को आम जनता के लिए सरल बनाने के साथ ही समयबद्ध भी किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आवेदक दूसरे राज्य में इलाज करवा रहा है और वह चाहता है कि उपचार की राशि सीधे अस्पताल को मिले तो वह संबंधित अस्पताल की बैंकिंग डिटेल्स भी साझा कर सकता है।
उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता के रूप में इलाज खर्च का 25 प्रतिशत पैसा ही मिलेगा। इसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, आवेदक वित्त वर्ष में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ ले सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता की प्रक्रिया को सरल कर दिया है। इलाज के लिए अब केवल 15 दिन में आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके लिए सरल पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा।
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत चिकित्सा आधार पर वित्तीय सहायता प्राप्त करने वालों को सरल पोर्टल पर सुविधा प्रदान की जा रही है। इससे यह प्रक्रिया और अधिक सरल एवं आसान हो गई है।
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उपायुक्त ने बताया कि अब आर्थिक सहायता के लिए आवेदक सरल पोर्टल के माध्यम से सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि सीधे आवेदक एवं लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि आवेदक अपने परिवार पहचानपत्र आईडी के माध्यम से सरल पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैंं। इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए आवेदकों को अपने चिकित्सा बिल, ओपीडी बिल आदि जैसे अन्य संबंधित दस्तावेज को अपलोड कर मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से चिकित्सा आधार पर वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि योजना में किए गए बदलावों के तहत यदि कोई बीमारी आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना में कवर नहीं हो रही है तो आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को भी इस योजना के तहत लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री राहत कोष के अंतर्गत आर्थिक सहायता के लिए जिलास्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें संबंधित एमपी, संबंधित एमएलए, उपायुक्त, सिविल सर्जन, नगर परिषद व नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, जिला परिषद के चेयरमैन, पंचायत समिति के चेयरमैन को सदस्य और नगराधीश को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि जैसे ही आवेदक आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए पोर्टल पर अपना आवेदन करेगा, वैसे ही आवेदन को संबंधित क्षेत्र के सांसद, विधायक, अध्यक्ष जिला परिषद, अध्यक्ष ब्लॉक समिति, मेयर,एमसी के अध्यक्ष के पास भेजा जाएगा और ये जनप्रतिनिधि पांच दिन के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ डीसी कार्यालय को भेजेंगे।
उसके उपरांत आवेदन को डीसी कार्यालय द्वारा संबंधित तहसीलदार को आवेदक की चल-अचल संपत्ति की वेरिफिकेशन और सिविल सर्जन को मेडिकल दस्तावेज के सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। इस पूरी प्रकिया में संपत्ति की वेरिफिकेशन के लिए चार दिन व सिविल सर्जन कार्यालय से जुडे सत्यापन कार्य के लिए पांच दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है।
उपायुक्त ने बताया कि दोनों विभागों से मिली रिपोर्ट को उपायुक्त की संस्तुति के साथ कमेटी के सदस्य सचिव को भेजा जाएगा। बाद में इसे सीनियर एकाउंट अधिकारी को भेजेंगे। इसके बाद स्वीकृत की गई राशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेज दी जाएगी।
पूर्व प्रक्रिया की विषमताओं को देखते हुए इस प्रक्रिया को आम जनता के लिए सरल बनाने के साथ ही समयबद्ध भी किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आवेदक दूसरे राज्य में इलाज करवा रहा है और वह चाहता है कि उपचार की राशि सीधे अस्पताल को मिले तो वह संबंधित अस्पताल की बैंकिंग डिटेल्स भी साझा कर सकता है।
उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता के रूप में इलाज खर्च का 25 प्रतिशत पैसा ही मिलेगा। इसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, आवेदक वित्त वर्ष में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ ले सकता है।