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Charkhi Dadri News: मई के अंतिम सप्ताह में झमाझम बारिश होने से दुविधा की स्थिति में बाजरा बोने के इच्छुक किसान

Fri, 30 May 2025 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Fri, 30 May 2025 11:57 PM IST
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Due to heavy rains in the last week of May, farmers who wanted to sow millet are in a dilemma
दादरी शहर के बाहरी क्षेत्र में खाली खेत।
चरखी दादरी। जिन भागों में 40 एमएम तक बारिश हुई है, वहां किसान खरीफ सीजन की फसलों की बिजाई शुरू कर सकते हैं। उधर, मई के अंतिम सप्ताह में बारिश हो जाने से बाजरा की बिजाई करने के इच्छुक किसान दुविधा की स्थिति में भी हैं।
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किसानों का मानना है कि अगर अब बाजरा की बिजाई कर दी तो कभी जून व जुलाई में इंद्रदेव सूखा ही रख दे, साथ में यह भी आशंका है कि अगर मई में बाजरा की बिजाई कर दी जाती है तो यह मानसून की विदाई से पहले ही पककर तैयार हो जाएगी और बारिश में कटाई एवं कढ़ाई के समय संकट पैदा हो जाएगा। ऐसे में किसानों का मानना है कि जून मध्य के आसपास बाजरा व ग्वार की बिजाई करना ही उचित रहेगा।
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बता दें कि बाजरा की फसल चार माह में पककर तैयार होती है। वहीं, कृषि विशेषज्ञों की भी राय है कि अगर बाजरा व ग्वार की बिजाई 10 से 15 जून के मध्य में कर दी जाती है तो पकाव के समय तक मानसून की विदाई हो जाएगी जिससे किसानों की बाजरा की फसल कटाई के समय खराब नहीं हो सकेगी।
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- 1.22 लाख हेक्टेयर है कृषि योग्य रकबा

कृषि क्षेत्र का देश की अर्थव्यवस्था में 60 प्रतिशत तक योगदान माना जाता है। जिला का कुल कृषि योग्य क्षेत्र एक लाख 22 हजार 378 हेक्टेयर क्षेत्र है जिसमें करीब 19 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बिजाई हो सकी है। अभी बिजाई का अगेता समय बाकी है। कृषि विशेषज्ञाें का कहना है कि कपास की फसल में हाल ही में हुई बारिश से खासा फायदा पहुंचा है।
- अब तक 15 प्रतिशत क्षेत्र में ही हुई बिजाई

वैसे खरीफ सीजन में अब तक जिला में करीब 15 प्रतिशत क्षेत्र में ही बिजाई हो सकी है। अब तक हरे चारे की फसल ज्वार व कपास की बिजाई हुई है। पिछले साल बाजरा की बिजाई का रकबा 50 हजार हेक्टेयर से ज्यादा था। इस बार भी इतना ही रहने का अनुमान है। कपास के प्रति किसानों का रुझान कम होता जा रहा है क्योंकि कपास में रोग ज्यादा लगते हैं जिससे किसान को नुकसान झेलना पड़ता है।



जिन भागों में 35 से 40 एमएम तक बारिश है वहां किसान बिजाई कर सकते हैं। 10 से 15 जून के मध्य बाजरा व ग्वार की बिजाई करना अनुकूल समय है क्योकि इन फसलों के पकाव के समय मानसून की विदाई हो जाएगी। किसानों को बाजरा की कटाई एवं कढ़ाई करने में कठिनाई नहीं होगी।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
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