{"_id":"668adeb2a5e02e679901d499","slug":"drinking-water-system-will-be-improved-with-rs-10-crore-new-line-will-be-laid-along-with-upgrading-the-water-houses-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1001-120096-2024-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: 10 करोड़ से सुधरेगी पेयजल व्यवस्था, जलघरों को अपग्रेड करने के साथ डाली जाएगी नई लाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: 10 करोड़ से सुधरेगी पेयजल व्यवस्था, जलघरों को अपग्रेड करने के साथ डाली जाएगी नई लाइन
Mon, 08 Jul 2024 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 08 Jul 2024 12:00 AM IST
विज्ञापन
चंपापुरी जलघर का पानी भंडारण टैंक। संवाद
दो गांवों में बनाए जा रह हैं नए जलघर, योजना पर काम पूरा होने से 50 हजार की आबादी को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। गांवों की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने काम शुरू करवा दिया है। 10 करोड़ से जलघर अपग्रेड करने के साथ नई पेयजल लाइन बिछाई जाएंगी। कुछ जगहों पर काम शुरू भी हो गया है। दो गांवों में नए जलघर भी बनाए जा रहे हैं।
इस समय 15 से अधिक गांवों में जलघरों के स्टोरेज टैंक की संख्या बढ़ाने की सख्त जरूरत है। जिले में कुछ जलघर तो 45 साल से ज्यादा पुराने हैं और इन्हें अब अपग्रेड करने की दरकार है। जनस्वास्थ्य विभाग ने जिले की पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए जलघरों में काम शुरू कर रखा है। जलघरों में मोटरों की क्षमता भी बढ़ाई जानी है ताकि आपूर्ति के दौरान व्यवस्थाएं बेहतर बनी रही। जनस्वास्थ्य विभाग इस प्रोजेक्ट पर करीब 10 करोड़ का बजट खर्च करने जा रहा है। इससे करीब 50 हजार की आबादी को राहत मिलेगी।
कहीं जलघर के चेंबर कंडम तो कहीं टैंक मांग रहे मरम्मत
जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में पेयजल आपूर्ति में सुधार होना है। परियोजना के तहत शहर और गांव दोनों क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर जलघरों में चेंबर कंडम हो चुके हैं। मोटरों की पानी उठान की क्षमता भी कम हो गई है। इसके अलावा वाटर टैंकों की मरम्मत की भी जरूरत है। पानी फिल्टर सिस्टम को भी अपडेट करने की दरकार है। इन छोटे बिंदुओं पर विभाग ने काम शुरू कर दिया है ताकि पानी की गुणवत्ता व आपूर्ति में सुधार आ सके।
विज्ञापन
ये हैं जिले के प्रमुख जलघर
गांव रानीला, बौंदकलां, सांवड़, रावलधी, भागेश्वरी, इमलोटा, चरखी, पैतावास कलां, रासीवास, खातीवास, लोहरवाड़ा, झोझूकलां, बिरही कलां प्रमुख जलघर हैं। ढाणी फौगाट, रानीला, सांजवास, बौंद कलां, मिसरी सहित 15 से ज्यादा गांवों में स्टोरेज टैंकों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। इस समय अधिकतर गांवों में एक ही स्टोरेज टैंक है।
मानकावास और डूडीवाला में बन रहे नए जलघर
जिला में गांव मानकावास और डूडीवाला नंदकरण में नए जलघर बनने जा रहे हैं। गांव बलकरा, घसोला व मंदोला के साथ लगते गांवों के लिए नहरी पानी के लिए अलग से पाइप लाइन का प्रावधान है। इस प्रकार इन सारे कार्यों पर विभाग करीब 10 करोड़ का बजट खर्च करने जा रहा है।
वर्सन:
जलघरों की दशा सुधारने की दिशा में विभाग काम कर रहा है। पानी की गुणवत्ता व क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। विभाग हर घर तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। -सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। गांवों की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने काम शुरू करवा दिया है। 10 करोड़ से जलघर अपग्रेड करने के साथ नई पेयजल लाइन बिछाई जाएंगी। कुछ जगहों पर काम शुरू भी हो गया है। दो गांवों में नए जलघर भी बनाए जा रहे हैं।
इस समय 15 से अधिक गांवों में जलघरों के स्टोरेज टैंक की संख्या बढ़ाने की सख्त जरूरत है। जिले में कुछ जलघर तो 45 साल से ज्यादा पुराने हैं और इन्हें अब अपग्रेड करने की दरकार है। जनस्वास्थ्य विभाग ने जिले की पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए जलघरों में काम शुरू कर रखा है। जलघरों में मोटरों की क्षमता भी बढ़ाई जानी है ताकि आपूर्ति के दौरान व्यवस्थाएं बेहतर बनी रही। जनस्वास्थ्य विभाग इस प्रोजेक्ट पर करीब 10 करोड़ का बजट खर्च करने जा रहा है। इससे करीब 50 हजार की आबादी को राहत मिलेगी।
विज्ञापन
कहीं जलघर के चेंबर कंडम तो कहीं टैंक मांग रहे मरम्मत
जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में पेयजल आपूर्ति में सुधार होना है। परियोजना के तहत शहर और गांव दोनों क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर जलघरों में चेंबर कंडम हो चुके हैं। मोटरों की पानी उठान की क्षमता भी कम हो गई है। इसके अलावा वाटर टैंकों की मरम्मत की भी जरूरत है। पानी फिल्टर सिस्टम को भी अपडेट करने की दरकार है। इन छोटे बिंदुओं पर विभाग ने काम शुरू कर दिया है ताकि पानी की गुणवत्ता व आपूर्ति में सुधार आ सके।
विज्ञापन
ये हैं जिले के प्रमुख जलघर
गांव रानीला, बौंदकलां, सांवड़, रावलधी, भागेश्वरी, इमलोटा, चरखी, पैतावास कलां, रासीवास, खातीवास, लोहरवाड़ा, झोझूकलां, बिरही कलां प्रमुख जलघर हैं। ढाणी फौगाट, रानीला, सांजवास, बौंद कलां, मिसरी सहित 15 से ज्यादा गांवों में स्टोरेज टैंकों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। इस समय अधिकतर गांवों में एक ही स्टोरेज टैंक है।
मानकावास और डूडीवाला में बन रहे नए जलघर
जिला में गांव मानकावास और डूडीवाला नंदकरण में नए जलघर बनने जा रहे हैं। गांव बलकरा, घसोला व मंदोला के साथ लगते गांवों के लिए नहरी पानी के लिए अलग से पाइप लाइन का प्रावधान है। इस प्रकार इन सारे कार्यों पर विभाग करीब 10 करोड़ का बजट खर्च करने जा रहा है।
वर्सन:
जलघरों की दशा सुधारने की दिशा में विभाग काम कर रहा है। पानी की गुणवत्ता व क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। विभाग हर घर तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। -सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।