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संविधान और लोकतांत्रिक प्रणाली के निर्माण में डाॅ. आंबेडकर की महत्वपूर्ण भूमिका : डॉ. अनीता
Sat, 13 Apr 2024 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 13 Apr 2024 01:55 AM IST
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बिरोहड़ के राजकीय कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को जानकारी देते प्रवक्ता।
चरखी दादरी। बिरोहड़ स्थित राजकीय महाविद्यालय के इतिहास एवं राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से भारत रत्न डाॅ. भीमराव आंबेडकर के 133वें जन्मदिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्य डाॅ. सत्यव्रत के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्रशासनिक अधिकारी डाॅ. अनीता रानी ने की। उन्होंने कहा कि भीमराव बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने नवोदित भारत के संविधान और लोकतांत्रिक प्रणाली के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अनीता ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने सजग और जागरूक मतदान से लोकतंत्र को मजबूत करने का आह्वान किया था।
कार्यक्रम के संयोजक डाॅ. अमरदीप ने कहा कि भीमराव का जीवन त्याग और संघर्ष की अनूठी मिसाल है। उन्होंने जीवन में शिक्षा को सर्वाधिक महत्व दिया। शिक्षा के माध्यम से उन्होंने प्रदर्शित किया कि एक आम आदमी शिक्षित और सजग बनकर कैसे खास और विशिष्ट हो जाता है। विश्व की दूसरे पायदान वाले अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय ने 32 से अधिक डिग्रियां प्राप्त करने वाले डाॅ. भीमराव को उपाधि से सुशोभित किया था, जिस पर हर भारतीय गर्व करता है।
इतिहास प्राध्यापक डाॅ. राजपाल गुलिया ने कहा कि आंबेडकर ने समाज में फैली असमानता को दूर कर नये भारत के निर्माण पर जोर दिया। हर प्रकार के भेदभाव को दूर कर मानवतावादी दृष्टिकोण के साथ मजबूत भारत की नींव रखना ही उनका एकमात्र ध्येय था। डाॅ. अनीता के नेतृत्व में डाॅ. राजपाल गुलिया ने विद्यार्थियों को मतदान की शपथ दिलाई।
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कार्यक्रम के संयोजक डाॅ. अमरदीप ने कहा कि भीमराव का जीवन त्याग और संघर्ष की अनूठी मिसाल है। उन्होंने जीवन में शिक्षा को सर्वाधिक महत्व दिया। शिक्षा के माध्यम से उन्होंने प्रदर्शित किया कि एक आम आदमी शिक्षित और सजग बनकर कैसे खास और विशिष्ट हो जाता है। विश्व की दूसरे पायदान वाले अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय ने 32 से अधिक डिग्रियां प्राप्त करने वाले डाॅ. भीमराव को उपाधि से सुशोभित किया था, जिस पर हर भारतीय गर्व करता है।
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इतिहास प्राध्यापक डाॅ. राजपाल गुलिया ने कहा कि आंबेडकर ने समाज में फैली असमानता को दूर कर नये भारत के निर्माण पर जोर दिया। हर प्रकार के भेदभाव को दूर कर मानवतावादी दृष्टिकोण के साथ मजबूत भारत की नींव रखना ही उनका एकमात्र ध्येय था। डाॅ. अनीता के नेतृत्व में डाॅ. राजपाल गुलिया ने विद्यार्थियों को मतदान की शपथ दिलाई।
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