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Charkhi Dadri News: स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने और गेहूं के भाव में 250 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की उठाई मांग
Wed, 14 Oct 2026 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 14 Oct 2026 11:24 PM IST
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चरखी दादरी। किसान सभा ने बुधवार को प्रधान रणधीर सिंह कुंगड़ की अगुवाई में स्थानीय नई अनाज मंडी में धरना-प्रदर्शन कर किसानों की मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। किसान नेताओं ने सरकार से मांगों का जल्द समाधान करने की अपील की। धरने की अध्यक्षता किसान सभा के चेयरमैन बिजेंद्र सांगवान ने की जबकि मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व सीपीएस रणसिंह मान शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन जयसिंह डोहकी ने किया।
धरने के दौरान किसान नेताओं ने बाजरे की फसल को भावांतर भरपाई योजना के बजाय 2900 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सीधे खरीदने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिलना चाहिए। गेहूं के भाव में प्रति क्विंटल 25 रुपये की कमी का मुद्दा उठाते हुए किसान नेताओं ने मांग की कि गेहूं के भाव में कम से कम 250 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की जाए।
किसान सभा ने हरियाणा सरकार की ओर से बिजली वितरण के लिए एग्रो-डिस्कॉम कंपनी लाने के प्रस्ताव का भी विरोध किया। किसान नेताओं ने आशंका जताई कि इस निर्णय से किसानों के ट्यूबवेलों के बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की। इसके अलावा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
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किसान नेताओं ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौतों को भारतीय किसानों के हितों के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने केंद्र सरकार से इन समझौतों को पूरी तरह रद्द करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे समझौतों से देश के किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, इसलिए सरकार को किसानों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
धरने में सतगामा खाप के प्रधान राजबीर शास्त्री चिड़िया, ईश्वर सिंह दांतौली, जयसिंह दूधवा, कमलेश भैरवी, सुरेश खेड़ीबूरा, मेवा सिंह बिरही कलां, ओमप्रकाश समसपुर, मास्टर महाबीर सिंह रानीला, शमशेर लोहरवाड़ा और शमशेर पैंतावास सहित अन्य किसान शामिल हुए।
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धरने के दौरान किसान नेताओं ने बाजरे की फसल को भावांतर भरपाई योजना के बजाय 2900 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सीधे खरीदने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिलना चाहिए। गेहूं के भाव में प्रति क्विंटल 25 रुपये की कमी का मुद्दा उठाते हुए किसान नेताओं ने मांग की कि गेहूं के भाव में कम से कम 250 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की जाए।
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किसान सभा ने हरियाणा सरकार की ओर से बिजली वितरण के लिए एग्रो-डिस्कॉम कंपनी लाने के प्रस्ताव का भी विरोध किया। किसान नेताओं ने आशंका जताई कि इस निर्णय से किसानों के ट्यूबवेलों के बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की। इसके अलावा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
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किसान नेताओं ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौतों को भारतीय किसानों के हितों के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने केंद्र सरकार से इन समझौतों को पूरी तरह रद्द करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे समझौतों से देश के किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, इसलिए सरकार को किसानों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
धरने में सतगामा खाप के प्रधान राजबीर शास्त्री चिड़िया, ईश्वर सिंह दांतौली, जयसिंह दूधवा, कमलेश भैरवी, सुरेश खेड़ीबूरा, मेवा सिंह बिरही कलां, ओमप्रकाश समसपुर, मास्टर महाबीर सिंह रानीला, शमशेर लोहरवाड़ा और शमशेर पैंतावास सहित अन्य किसान शामिल हुए।