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Haryana: गीता-बबीता-विनेश के गांव बलाली में उच्च शिक्षा के लिए 3.5 किमी पैदल जा रहीं बेटियां, लिंगानुपात सुधरा

Mon, 17 Oct 2022 06:31 AM IST
भूपेंद्र सिंह हनी सोनी/जगदीप सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
हनी सोनी/जगदीप सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 17 Oct 2022 06:31 AM IST
सार

अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान गीता, बबीता और विनेश फौगाट के गांव बलाली ने लिंगानुपात में नजीर पेश की है। वहीं दूसरी तस्वीर यह भी है कि आठवीं से आगे की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को पास के गांव झोझू जाना पड़ रहा है।

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Daughters walking three and a half km for higher education in village Balali of Haryana
बलाली गांव का प्रवेश द्वार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

दंगल गर्ल्स गीता और बबीता फौगाट व उनकी चचेरी बहन एवं देश की गोल्डन गर्ल विनेश फौगाट के गांव बलाली में जागरूकता की बदौलत लिंगानुपात में बढ़ोतरी हुई है, वहीं दूसरी तस्वीर यह भी है कि आठवीं से आगे की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को पास के गांव झोझू जाना पड़ रहा है। करीब 60 बेटियों को पढ़ाई के लिए 3.5 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है सरकार को अब गांव का मिडिल स्कूल अपग्रेड कर सीनियर सेकेंडरी बनाना चाहिए, जिससे बेटियों को शिक्षा ग्रहण करने में दिक्कत न आए।

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बता दें कि गीता और बबीता ने संसाधनों की कमी के बावजूद अपने संघर्ष के बलबूते भारत में महिला कुश्ती को नई दिशा दी। उनकी चचेरी बहन विनेश फौगाट ने भी अपने दमदार खेल कौशल से कई पदक जीतकर गोल्डन गर्ल की ख्याति हासिल की। उनके नक्शे कदम पर अब बलाली ही नहीं, बल्कि समीपवर्ती कई गांवों की बेटियां कुश्ती के दांव-पेच सीख रही हैं।
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वहीं इन महिला पहलवानों के पिता द्रोणाचार्य अवॉर्डी पहलवान महाबीर फौगाट भी कुश्ती के और खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं। इन प्रतिभावान बेटियों के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गांव का डंका बजवाने के बाद भी बलाली गांव शिक्षण संस्थान की कमी समेत पेयजल संकट और जर्जर फिरनी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का दंश झेल रहा है। निवर्तमान सरपंच अमित ने बताया कि 2005-06 में प्राइमरी पाठशाला को अपग्रेड कर मिडिल स्कूल बनाया था और 16 साल बीतने के बाद इसे अपग्रेड नहीं किया गया है। 
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उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 125 विद्यार्थी अपने स्तर पर साढ़े तीन किलोमीटर की दूरी तय कर झोझू पढ़ने जाते हैं और इनमें करीब 60 बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत भी स्कूल को अपग्रेड कराने के पक्ष में है, लेकिन सरकार सुध नहीं ले रही है। 

पेयजल सुविधा के लिए खर्च किए 1.66 करोड़ पानी में बहे
बलाली में करीब 500 घर हैं और गांव की आबादी चार हजार है। 1.66 करोड़ खर्च कर बनाए गए जलघर का 18 मार्च 2013 को तत्कालीन जन स्वास्थ्य मंत्री किरण चौधरी और सांसद श्रुति चौधरी ने उद्घाटन किया था। ग्रामीणों के अनुसार 9 साल बीतने पर भी इस जलघर से गांव में आज तक पानी की आपूर्ति नहीं हुई है जबकि जलघर कंडम हो चुका है। ग्रामीण 3 किलोमीटर दूर झोझू खुर्द में किए गए बोरिंग ट्यूबवेल का पानी पी रहे हैं, जिसकी गुणवत्ता बेहद खराब है। जलघर के निर्माण के बाद इसे नहर से जोड़ने के लिए पाइप लाइन डाली जानी थी जो आजतक नहीं डाली गई हैं।

722 से बढ़कर 1429 पहुंचा लिंगानुपात 
लिंगानुपात में इस वर्ष सुधार कर बलाली के ग्रामीणों ने नजीर पेश की है। 2021 में लिंगानुपात 722 था जो इस साल सितंबर तक बढ़कर 1429 पहुंच चुका है। इस साल गांव में 7 बेटों और 10 बेटियों ने जन्म लिया है। निवर्तमान सरपंच अमित के अनुसार लिंगानुपात बढ़ने का कारण ग्रामीणों की जागरूकता है। उन्होंने बताया कि न केवल बेटियों के गांव का मान बढ़ाने से लोगों की सोच बदली है, बल्कि वे बेटियों को बेटों की तर्ज पर शिक्षा समेत उन्हें सुनहरा कॅरिअर बनाने के मौके देने लगे हैं।

स्कूल अपग्रेड करवाने के लिए स्कूल प्रबंधन समिति और ग्राम पंचायत प्रस्ताव तैयार कर शिक्षा विभाग को भेजें। हम इसे सरकार के पास भेजने के लिए तैयार हैं। अगर स्कूल शर्तों पर खरा उतरता है तो हमें इसे अपग्रेड करने में कोई समस्या नहीं है। -सज्जन सिंह, खंड़ शिक्षा अधिकारी, दादरी ब्लॉक

स्कूल हो अपग्रेड, पेयजल संकट से मिले राहत
पेयजल संकट और स्कूल अपग्रेड न होना गांव की सबसे प्रमुख समस्याएं हैं। सरकार को बलाली गांव में समस्याओं का समाधान कर सुविधाओं का दायरा बढ़ाना चाहिए। -गोपीराम, ग्रामीण

मिडिल स्कूल में कमरों की हालात खस्ता  
गांव के मिडिल स्कूल में कई कमरों की हालात खस्ता बनी हुई है। कमरों के कंडम घोषित करवा इन्हें तुड़वाने के लिए स्कूल प्रशासन से कई बार मिल चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर है। -रणसिंह, ग्रामीण


फिलहाल ठेकेदार हड़ताल पर हैं और इसके चलते नए काम कराने में थोड़ी दिक्कतें आ रही हैं। बलाली में बनी पेयजल समस्या का जल्द समाधान करवा दिया जाएगा। फिलहाल मैं छुट्टी पर हूं और ऑफिस लौटते ही इस संबंध में फीड बैक लूंगा। - रमेशचंद्र गौड़, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग, दादरी।

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