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बारहवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में 90.85 प्रतिशत के साथ प्रदेश में पहले पायदान पर रहा दादरी जिला
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चरखी दादरी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा बुधवार को घोषित 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में फिर से दादरी जिले का दबदबा रहा है। जिला 90.85 प्रतिशत परिणाम के साथ प्रदेश में पहले पायदान पर रहा। इस बार भी बेटों के मुकाबले बेटियों का परिणाम बेहतर रहा। बेटियों का परीक्षा परिणाम 93.76 फीसदी तो बेटों का परिणाम 88.42 फीसदी रहा।
विज्ञान संकाय में डोहका हरिया स्थित एआरईडी स्कूल के छात्र विनय कुमार ने 490 अंक लेकर जिले में टॉप किया। मेडिकल संकाय में झोझूकलां स्थित केसीएम स्कूल की छात्रा प्रियंका ने 490 अंकों के साथ टॉप किया है। वहीं, आर्ट संकाय में बौंदकलां आदर्श स्कूल की छात्रा पूनम ने 489 अंकों के साथ जिले में टॉप किया है। कॉमर्स संकाय में वैश्य गर्ल्स स्कूल की छात्रा मुस्कान ने 489 अंक लेकर जिले में पहला स्थान पाया है।
दादरी जिले की अगर बात करें तो 6745 विद्यार्थियों ने नॉन मेडिकल, मेडिकल, आर्ट व कॉमर्स संकाय से परीक्षा दी थी। इनमें से 3669 छात्र और 3076 छात्राएं हैं। छात्रों के अगर परिणाम पर नजर डालें तो 3244 पास हुए हैं जबकि 328 के कंपार्टमेंट है। इसी प्रकार 3076 छात्राओं में से 2884 छात्राएं पास हुई हैं जबकि 153 का कंपार्टमेंट आया है। इस बार जिले में राजकीय स्कूलों के मुकाबले प्राइवेट स्कूलों का परिणाम बेहतर रहा है और चारों संकाय में निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने टॉप किया है।
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कोई इंजीनियर तो कोई आईएएस बनकर करना चाहता है देशसेवा -
1 - इंजीनियर बनकर देश सेवा करना चाहता है विनय -
कक्षा बारहवीं नॉन मेडिकल संकाय के जिले में टॉपर विनय इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहते है। विनय का कहना है कि उसे शिक्षकों के मार्गदर्शन व अभिभावकों की प्रेरणा से यह सफलता मिली है। वह प्रतिदिन छह से सात घंटे अध्ययन करता था। विनय ने 490 अंक प्राप्त कर विद्यालय व जिला का नाम रोशन किया है। एआरईडी स्कूल डोहका हरिया के छात्र विनय ने बताया कि अगर मन में लग्न व परिश्रम करने की इच्छाशक्ति हो तो कोई भी कार्य मुश्किल नहीं है। विनय के पिता बजरंग प्राइवेट स्कूल में टीचर है।
2- आईएएस बनना चाहती है पूनम
हिंडोल निवासी पूनम बौंदकलां आदर्श स्कूल की छात्रा है। आर्ट संकाय मे जिला टॉप करने वाली पूनम ने बताया कि वो आईएएस बनकर देशसेवा करना चाहती है। छात्रा ने बताया कि उसने परीक्षा के दौरान पांच से छह घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की और इसका फायदा उसे मिला। पूनम ने बताया कि सेल्फ और ग्रुप स्टडी काम आई जबकि उसने कभी ट्यूशन या कोचिंग नहीं ली। पूनम की मां संगीता गृहिणी हैं जबकि पिता श्रीभगवान जेबीटी शिक्षक हैं। पूनम ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है।
3 - खुद का बिजनेस करना चाहती है मुस्कान -
कॉमर्स संकाय में वैश्य कन्या स्कूल की छात्रा मुस्कान ने जिले में टॉप किया है। मुस्कान ने परीक्षा में 489 अंक प्राप्त किए। संवाददता से बातचीत में मुस्कान ने बताया कि वो खुद का बिजनेस शुरू करना चाहती है। मुस्कान की मां मनीषा गृहिणी है जबकि पिता राजेश गोयल बिजनेसमैन है। शहर निवासी पूनम ने बताया कि शुरुआत से ही उसका लक्ष्य निर्धारित है और इसके चलते ही उसने 11वीं कक्षा में कॉमर्स संकाय चुना था। मुस्कान का कहना है कि उसकी सफलता का श्रेय परिजनों के सहयोग व शिक्षकों के मार्गदर्शन को जाता है।
4 - डॉक्टर बनना चाहती है मेडिकल संकाय की टॉपर प्रियंका -
मेडिकल संकाय में झोझूकलां स्थित केसीएम स्कूल की छात्रा प्रियंका ने 490 अंक हासिल कर जिला टॉप किया। प्रियंका ने बताया कि वो डॉक्टर बनकर देशसेवा करना चाहती है। उसने 12वीं कक्षा की शुरुआत से ही नियमित पढ़ाई की और परीक्षा के दौरान उसे इसका पूरा फायदा मिला। प्रियंका ने बताया कि उसकी सफलता में मां अनीता देवी और पिता धर्मेंद्र का बड़ा योगदान है। उसके माता-पिता किसान हैं।
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विज्ञान संकाय में डोहका हरिया स्थित एआरईडी स्कूल के छात्र विनय कुमार ने 490 अंक लेकर जिले में टॉप किया। मेडिकल संकाय में झोझूकलां स्थित केसीएम स्कूल की छात्रा प्रियंका ने 490 अंकों के साथ टॉप किया है। वहीं, आर्ट संकाय में बौंदकलां आदर्श स्कूल की छात्रा पूनम ने 489 अंकों के साथ जिले में टॉप किया है। कॉमर्स संकाय में वैश्य गर्ल्स स्कूल की छात्रा मुस्कान ने 489 अंक लेकर जिले में पहला स्थान पाया है।
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दादरी जिले की अगर बात करें तो 6745 विद्यार्थियों ने नॉन मेडिकल, मेडिकल, आर्ट व कॉमर्स संकाय से परीक्षा दी थी। इनमें से 3669 छात्र और 3076 छात्राएं हैं। छात्रों के अगर परिणाम पर नजर डालें तो 3244 पास हुए हैं जबकि 328 के कंपार्टमेंट है। इसी प्रकार 3076 छात्राओं में से 2884 छात्राएं पास हुई हैं जबकि 153 का कंपार्टमेंट आया है। इस बार जिले में राजकीय स्कूलों के मुकाबले प्राइवेट स्कूलों का परिणाम बेहतर रहा है और चारों संकाय में निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने टॉप किया है।
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कोई इंजीनियर तो कोई आईएएस बनकर करना चाहता है देशसेवा -
1 - इंजीनियर बनकर देश सेवा करना चाहता है विनय -
कक्षा बारहवीं नॉन मेडिकल संकाय के जिले में टॉपर विनय इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहते है। विनय का कहना है कि उसे शिक्षकों के मार्गदर्शन व अभिभावकों की प्रेरणा से यह सफलता मिली है। वह प्रतिदिन छह से सात घंटे अध्ययन करता था। विनय ने 490 अंक प्राप्त कर विद्यालय व जिला का नाम रोशन किया है। एआरईडी स्कूल डोहका हरिया के छात्र विनय ने बताया कि अगर मन में लग्न व परिश्रम करने की इच्छाशक्ति हो तो कोई भी कार्य मुश्किल नहीं है। विनय के पिता बजरंग प्राइवेट स्कूल में टीचर है।
2- आईएएस बनना चाहती है पूनम
हिंडोल निवासी पूनम बौंदकलां आदर्श स्कूल की छात्रा है। आर्ट संकाय मे जिला टॉप करने वाली पूनम ने बताया कि वो आईएएस बनकर देशसेवा करना चाहती है। छात्रा ने बताया कि उसने परीक्षा के दौरान पांच से छह घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की और इसका फायदा उसे मिला। पूनम ने बताया कि सेल्फ और ग्रुप स्टडी काम आई जबकि उसने कभी ट्यूशन या कोचिंग नहीं ली। पूनम की मां संगीता गृहिणी हैं जबकि पिता श्रीभगवान जेबीटी शिक्षक हैं। पूनम ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है।
3 - खुद का बिजनेस करना चाहती है मुस्कान -
कॉमर्स संकाय में वैश्य कन्या स्कूल की छात्रा मुस्कान ने जिले में टॉप किया है। मुस्कान ने परीक्षा में 489 अंक प्राप्त किए। संवाददता से बातचीत में मुस्कान ने बताया कि वो खुद का बिजनेस शुरू करना चाहती है। मुस्कान की मां मनीषा गृहिणी है जबकि पिता राजेश गोयल बिजनेसमैन है। शहर निवासी पूनम ने बताया कि शुरुआत से ही उसका लक्ष्य निर्धारित है और इसके चलते ही उसने 11वीं कक्षा में कॉमर्स संकाय चुना था। मुस्कान का कहना है कि उसकी सफलता का श्रेय परिजनों के सहयोग व शिक्षकों के मार्गदर्शन को जाता है।
4 - डॉक्टर बनना चाहती है मेडिकल संकाय की टॉपर प्रियंका -
मेडिकल संकाय में झोझूकलां स्थित केसीएम स्कूल की छात्रा प्रियंका ने 490 अंक हासिल कर जिला टॉप किया। प्रियंका ने बताया कि वो डॉक्टर बनकर देशसेवा करना चाहती है। उसने 12वीं कक्षा की शुरुआत से ही नियमित पढ़ाई की और परीक्षा के दौरान उसे इसका पूरा फायदा मिला। प्रियंका ने बताया कि उसकी सफलता में मां अनीता देवी और पिता धर्मेंद्र का बड़ा योगदान है। उसके माता-पिता किसान हैं।