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Charkhi Dadri News: जिले में आठ हजार एकड़ में जलभराव से फसलें हुई खराब

Mon, 17 Jul 2023 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 17 Jul 2023 12:48 AM IST
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Crops damaged due to waterlogging in eight thousand acres of the district
गांव साहुवास में खेतों में खड़ी फसल में बना जलभराव।
चरखी दादरी। जिले में मानसून की बारिश से जलभराव होने पर करीब आठ हजार एकड़ में खड़ी फसल खराब हो गई है। इन गांवों में हर साल जलभराव की समस्या बनती है। कई गांवों में पानी उठान के लिए मोटरें लगा रखी हैं लेकिन ज्यादा मात्रा में पानी भरने से समस्या बन रही है। कुछ गांवों के सरपंचोंं की शिकायत है कि उनके गांव में अब तक पानी उठान के लिए मोटरें भी नहीं लगी हैं। किसानों ने कृषि मंत्री, डीसी व कार्यकारी अभियंता से खेतों से पानी निकासी की मांग को लेकर पत्र दिया हुआ है।
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मानसून की 25 व 26 जून को हुई बारिश से जलभराव की समस्या बन गई। वहीं रविवार को हुई 61 एमएम बारिश से यह परेशानी ओर अधिक बढ़ गई है। तराई वाले क्षेत्रों में पानी ज्यादा परेशानी कर रहा है। जिले के गांव इमलोटा, भागवी, कन्हेटी, सरुपगढ़, सांतौर, बिगोवा, साहुवास में जलभराव को लेकर हालात विकट बने हुए हैं। इन गांवों के खेतों में बने जलभराव से कपास, बाजरा, ज्वार व ईख की फसल खराब हो गई है। इस बार मई माह में बारिश होने पर किसानों ने अगेती फसलों की बिजाई कर दी थी लेकिन जून अंतिम सप्ताह में हुई बारिश से ये फसलें जलभराव की भेंट चढ़ गई जिससे किसानों का काफी नुकसान हुआ है।
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- किसान बोले हर साल बनती है यह समस्या
किसानों का कहना है कि इन गांवों में हर साल जलभराव की समस्या बन रही है इसका स्थायी रूप से समाधान होना चाहिए। सिंचाई विभाग इन गांवों में अंडरग्राउंड पाइप लाइन तो बिछा रहा है लेकिन यह काम पूरा नहीं हो सका है। इस समय इन गांवों से पानी का उठान कर नहरों में डाला जा रहा है। अगर आगामी दिनों में और बारिश हो जाती है तो यहां हालात ओर भी विकट हो जाएंगे।
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- गांवों में यह है जलभराव की स्थिति

गांव का नाम रकबे में भरा पानी
इमलोटा 1300 एकड़
भागवी 700 एकड़
कन्हेटी 70 एकड़
सरुपगढ़-सांतौर 2000 एकड़
बिगोवा 2600 एकड़
साहुवास 1300 एकड़
गांव में करीब 1300 एकड़ में खड़ी फसल में जलभराव है। कपास, ईख, बाजरा आदि फसलें खत्म हो चुकी हैं। पानी की निकासी तो की जा रही है लेकिन फसलों में तो नुकसान हो चुका है। सरकार को मुआवजा राशि देनी चाहिए। पानी की निकासी जल्दी करवानी चाहिए। किसान को हर साल नुकसान हो रहा है।

-ओमप्रकाश, पूर्व सरपंच, इमलोटा
इस समय करीब 2600 एकड़ में जलभराव बना हुआ है, जिससे कपास, बाजरा, ज्वार व ईख की फसलें खराब हो गई हैं। विभाग ने पानी उठान के लिए मोटरें लगा रखी हैं लेकिन फसल में नुकसान की भरपाई तो सरकार को करनी चाहिए। किसान की पहले ही माली हालत खराब बनी हुई है।

-कृष्ण कुमार, बिगोवा, सरपंच
गांव में 700 एकड़ फसल जलभराव से खराब हो चुकी है। इस बार खेती बढि़या थी लेकिन पानी भरने से पूरी तरह से खराब हो गई है। पानी का उठान तो रहा है लेकिन अगर और बारिश हो गई थी तो हालात और खराब हो जाएंगे। पानी की निकासी जल्दी होनी चाहिए। किसान काफी चिंतित हैं।

-प्रमिला कुमारी, सरपंच भागवी
गांव में करीब 1300 एकड़ में खड़ी फसल जलभराव से खराब हो गई। पानी निकासी के लिए अभी तक कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। इस बारे में एक्सईएन व डीसी को भी लिखित में अवगत करवा चुके हैं, प्रशासन को पानी की निकासी करवा, किसानों को मुआवजा भी देना चाहिए।
-राजेश कुमार, सरपंच साहुवास

खेतों में जलभराव होने से खरीफ की फसलों में काफी नुकसान पहुंचा है। पानी निकासी के लिए प्रशासन ने मोटरें लगाई हुई हैं। पानी का उठान कर नहर में डाला जा रहा है। जलभराव से हर साल फसलें खराब हो रही हैं। अगर और बारिश हो जाती है तो परेशानी और ज्यादा बढ़ सकती है।


प्रमिला रानी, सरपंच कन्हेटी
विभाग ने इन गांवों में पानी उठान के लिए मोटरें लगा रखी हैं। ब्लॉक वाइज जेई की डयूटी भी लगाई हुई है। साइटों की निगरानी रखी जा रही है। पानी का उठान कर नहरों में डाला जा रहा है। कुछ ही दिन में पानी की निकासी करवा दी जाएगी।

-वेदपाल सांगवान, एक्सईएन, मैकेनिकल शाखा, सिंचाई विभाग
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